डॉ बीरबल झा को 'मिथिला मिरर' ने 'पर्सन ऑफ़ द ईयर-2014' के सम्मान से सम्मानित किया है! डॉ झा बिहार के गांव-गांव में गरीब व दलित युवाओं को अंग्रेजी सीखाने के कार्य में पिछले १५ वर्षों से सक्रिय हैं! उल्लेखनीय है कि मिथिलांचल के मधुबनी ज़िले के सिजौल नामक एक छोटे से गांव से अपना सफर शुरू करने वाले बीरबल झा ने अंग्रेजी न जानने की अपनी कमजोरी और उसके कारण मिली उपेक्षा को ही अपना हथियार बना लिया और वर्ष १९९३ में पटना में 'ब्रिटिश लिंग्वा' नामक संस्था की नींव रखी. आज यह संस्था समूचे बिहार ही नहीं बल्कि कुछ अन्य प्रदेशों सहित दिल्ली में भी लोगों को अंग्रेजी सीखाने के कार्य में लगी हुई है! बिहारी युवाओं को अंग्रेजी सिखाकर उन्हें बेहतर कैरियर व सम्मान दिलाने की मुहिम में लगे डॉ. झा के जीवन का मक़सद अब अंग्रेजी भाषा का प्रचार-प्रसार करना ही रह गया है.
अंग्रेजी शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. बीरबल झा के इस महती योगदान के लिए उन्हें देश-विदेश से कई सम्मान मिले हैं जिससे उनकी एक अंतर्राष्ट्रीय पहचान भी बनी है! 'लिंग्वा बुलेटिन' नामक अंग्रेजी पत्रिका के संपादक व लगभग 20 पुस्तकों के लेखक डॉ. झा ने अपनी मुहिम को और आगे बढ़ाते हुए अब 'बिहार अंग्रेजी आंदोलन' के जरिए अंग्रेजी को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाने का कार्यक्रम शुरू किया है जिसकी इन दिनों काफी चर्चा हो रही है.

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