'आप' के सामने वादा पूरा करने की चुनौती - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 11 फ़रवरी 2015

'आप' के सामने वादा पूरा करने की चुनौती


राष्ट्रीय राजधानी में हुए विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे. पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी.

'आप' नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, 'केजरीवाल बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने वाले हैं.' मंगलवार को हुई मतगणना में 'आप' ने 70 में से 67 सीटें जीतकर सबको आश्चर्य में डाल दिया. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केवल तीन सीटों पर जीत दर्ज कर पाई, जबकि कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी.

केजरीवाल को बधाई देते हुए मोदी ने ट्वीट किया, 'जीत पर अरविंद केजरीवाल को बधाई. दिल्ली के विकास पर पूर्ण समर्थन के लिए आश्वस्त करता हूं.'  46 वर्षीय अरविंद केजरीवाल 15 फरवरी को रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे. पिछले साल 49 दिनों की अल्पमत सरकार चलाने के बाद 14 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा दिया था.

दिल्ली के लोगों ने विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) को प्रचंड बहुमत देकर अरविंद केजरीवाल के कंधों पर अहम जिम्मेदारी डाल दी है। देश की राजधानी में रहकर एक बेहतर जिंदगी का ख्वाब देखने वाले लाखों लोगों ने बड़ी उम्मीदों से राजधानी में आप को सरकार बनाने का मौका दिया है।

रेहड़ी-पटरी वालों को यह उम्मीद है कि अब पुलिस वालों की हफ्ता वसूली बंद हो जाएगी, तो ऑटो चालकों को यह भरोसा है कि अब उन पर चालान के नाम पर होने वाला अत्याचार नहीं होगा। गरीब आदमी को सस्ती बिजली और मुफ्त पानी मिलने का भी पूरा यकीन है। महिलाओं, युवाओं सहित समाज के हर तबके को नई सरकार से ढेरों उम्मीदें हैं और जाहिर है कि ये तमाम लोग अगले पांच वर्षो में अपने तमाम सपनों को हकीकत में बदलता हुआ जरूर देखना चाहेंगे।

केजरीवाल सरकार ने पिछले साल जब महज 49 दिन के बाद इस्तीफा दे दिया था तो उन तमाम लोगों को बड़ी निराशा हुई थी जिन्होंने दिल्ली में बदलाव के नाम पर आप को वोट दिया था। इसकी एक बड़ी वजह यह थी कि केजरीवाल सरकार ने आते ही 400 यूनिट तक के बिजली के दाम घटाकर आधे कर दिए और प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह करीब 700 लीटर मुफ्त पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी थी।

सरकार के इन फैसलों ने महंगाई के जमाने में गरीब जनता के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया था। लेकिन सरकार के अचानक इस्तीफा दे देने से लोगों की अपेक्षाओं पर पानी फिर गया। लेकिन इतना जरूर हुआ कि सरकार बनाने से लेकर छोड़ने तक की कवायद के बीच केजरीवाल दिल्ली के लोगों को यह यकीन दिलाने में सफल रहे कि यदि उन्हें मौका मिले तो वे चुनावी वादों को सच साबित कर सकते हैं। शायद यही वजह है कि जब उन्होंने एक बार फिर से दिल्ली के लोगों से कहा कि वे बिजली के दाम आधे करेंगे और पानी की मुफ्त आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे तो दिल्ली की जनता ने उन पर भरोसा जताया है।

आप ने अपने चुनावी वादे में पूरी दिल्ली में वाई-फाई की सुविधा देने, 20 डिग्री कॉलेज बनाने, 500 नए स्कूल खोलने और 15 बड़े अस्पतालों के निर्माण का वादा किया है। विधानसभा की 70 में से 67 सीटें जीत लेने के बाद पार्टी को इन तमाम फैसलों को अमलीजामा पहनाने में कोई खास मुश्किल नहीं पेश आनी चाहिए। इतना जरूर है कि दिल्ली में जमीन केंद्र सरकार के अधीन है और नए स्कूल से लेकर अस्पताल तक के निर्माण के लिए सूबे की नई सरकार को केंद्र के सहयोग की पूरी जरूरत

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी आप के वादों पर राजधानी की महिलाओं ने यह जानते हुए भी भरोसा जताया है कि दिल्ली में पुलिस केंद्र सरकार के पास है। ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि इन तमाम लोगों की उम्मीदों पर यह सरकार खरी उतरेगी।

अब आप को वादा पूरा करने की चुनौती

-शिक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए 500 नए स्कूल और 20 नए कॉलेज खोलने की बात। हर गांव में खुलेगा एक निगम स्कूल।

-अस्पतालों में सभी को दवाइयां उपलब्ध कराने। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने। सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना।

-झुग्गी वालों के लिए 5 लाख फ्लैट बनाए जाएंगे। अनधिकृत कॉलोनियों में लोगों को ऋण मिलेगा और वे अपने मकानों की रजिस्ट्री करा सकेंगे।

-अध्यापक, चिकित्सक, नर्स, सफाई कर्मचारी व ड्राइवर की नियुक्तियों में ठेकेदारी प्रथा खत्म की जाएगी। जो दो लाख लोग पहले से ठेके पर काम कर रहे हैं उन्हें नियमित किया जाएगा।

-जनलोकपाल बिल पारित कराना।

-दिल्ली में सबसे कम वैट की व्यवस्था होगी।

-आरक्षित रिक्तियों को केवल पूर्व सैनिकों से भरा जाएगा।

-सबके लिए रोजगार सुनिश्चित किए जाएंगे।

-सरकार कम आय वर्ग के लिए किफायती आवास बनाएगी।

-दिल्ली कौशल मिशन का गठन।

-महिलाओं की सुरक्षा।

-3000 से अधिक सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान बनाए जाएंगे।

-वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

-आबादी के हिसाब से सड़कें, वाहन और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आगामी पांच साल में शहर में कम से कम 5000 नई बसें दौड़ेंगी।

-यमुना की सफाई।

-सिख विरोधी दंगों की जांच को लेकर गठित एसआइटी फिर से सक्रिय की जाएगी।

-प्रदूषण मुक्त दिल्ली।

-शासन व विकास में आम जनता की भागीदारी।

-महिला शौचालयों सहित दो लाख शौचालय बनेंगे।

-महिला के खिलाफ अपराध को देखते हुए सड़कों से लेकर गलियों तक में पर्याप्त रोशनी।

- लास्ट माइल कनेक्टिविटी के तहत परिवहन की सुविधा दी जाएगी। इसके लिए साझा ऑटो रिक्शा, मेट्रो फीडर और ई रिक्शा का इस्तेमाल किया जाएगा।

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