उत्तराखंड की विस्तृत खबर (14 फ़रवरी) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 14 फ़रवरी 2015

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (14 फ़रवरी)

सवाल खड़े कर रहा बहुगुणा का सीएम की कार्यशैली पर उंगली उठाना 

देहरादून, 14 फरवरी(निस)। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की सीएम की कार्यशैली पर उंगली उठाना कई सवाल खड़े कर रहा है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री जनता में सरकार के कार्य का अच्छा संदेश देने की कोशिश में जुटे हैं। वहीं सरकार के भीतर सियासतदां के बीच छिड़ी जंग कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। बहुगुणा खेमा द्वारा लगातार मंत्रीमंडल में फेरबदल की मांग के बावजूद भी सीएम का फेरबदल को न कहना पूर्व सीएम की नाराजगी की प्रमुख वजह माना जा रहा है। वहीं पिछले तीन साल से सरकार के अंदर हो रही खींचतानी से जनता के हित में की गई घोषणाओं पर तेजी से काम नहीं हो पा रहा है। जिससे यह कहना गलत नहीं होगा कि दिग्गजों की सियासत जन की फजीहत का रास्ता तैयार कर रही है। हालात यह है कि जनहित के लिए सरकार की सक्रियता बढ़ते ही सरकार में अपनो के द्वारा ही सियासत गर्मा जाती है। बताते चले कि वर्तमान सरकार में दो दिग्गजों के सियासत ही खुद सरकार के कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं। सरकार में स्वंय को उपेक्षित महसूस कर रहा बहुगुणा खेमा लगातार सरकार पर उठा रहे हैं। हालात यह है कि सरकार की जनहित के प्रति सक्रियता बढ़ते ही यहां बयानबाजी के जरिए सियासत तेज हो जाती है। सीएम हरीश रावत ने अपने अंदाज में सिस्टम को सुधारने और जनता तक सरकार के अच्छे कार्य का संदेश देने की योजना बनाई तो बहुगुणा खेमा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की घोषणा कर दी। जिससे सरकार का काफी समय दिल्ली से लेकर देहरादून तक नाराज पूर्व सीएम को मनाने में चला गया। यही हाल बहुगुणा सरकार के कार्यकाल में भी देखने को मिला था। जनता के दर्द को स्वंय जानने के लिए बहुगुणा सरकार ने योजना बनाई लेकिन हरीश रावत खेमा द्वारा सरकार की नीति पर उंगली उठ गई। जिसके बाद विजय बहुगुणा भी नाराज कांग्रेसियों को मनाने में जुट गए। वर्ग चार की जमीन को लेकर कांग्रेस के दो दिग्गजों के बीच छिड़ी जंग अभी शांत नहीं हुई है। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की हाईकमान से की गई शिकायत के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई। बहुगुणा के रावत सरकार पर उंगली उठाने के बाद विपक्षी दल को भी राज्य सरकार को घेरने का मौका मिल गया है। वहीं दो साल आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जनता तक कांग्रेस सरकार की पकड़ बनाने की योजना भी अधर में दिखाई दे रही है।
मंत्री मंडल में फेरबदल को लेकर महीनों से उत्पन्न हुई सियासी हलचल रूकने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व सीएम विजय बहुुगुणा ने अपने विधानसभा क्षेत्र में वर्ग चार की जमीन पर की गई घोषणा पर कार्यवाही नहीं होने पर जनाक्रोश रैली की घोषणा की। लेकिन कैबिनेट में यह मुददा आने के बाद भी पूर्व सीएम की नाराजगी अभी दूर नहीं हो पाई है। वर्ग चार की जमीन के जरिए पूर्व सीएम सरकार की नीति को घेरना चाहते हैं। चर्चा है कि सरकार में स्वंय को उपेक्षित कर रहे विजय बहुगुणा और उनका खेमे को सरकार का अंदाज खटक रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य की सियासत में जो अंदाज अपनाया है। उससे बहुगुणा खेमा के कुछ लोगों को अपना राजनीतिक कद छोटा महसूस हो रहा है। समाज कल्याण मंत्री सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद खाली हुई मंत्री की कुर्सी के बाद भी मंत्रीमंडल विस्तार और फेरबदल पर सीएम की न भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। 

कांग्रेस ने  मनायी महर्षि दयानन्द जयन्ती                     

देहरादून,14 फरवरी (निस)। प्रदेष कांगे्रस कमेटी के अध्यक्ष किषोर उपाध्याय ने महान स्वतत्रता आन्दोलन के प्रेरक समाज सुधारक महर्षि दयानन्द सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर जयन्ती के अवसर पर उनके कांगे्रस पार्टी और स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को स्मरण किया। श्री उपाध्याय षनिवार को कांग्रेस भवन में महर्षि दयानन्द की जयन्ती पर आयोजित विचार गोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होने 1857 के क्रान्ति से पूर्व देषी राजे रजवाडों को अंग्रेजी शासन के विरूद्व स्वराज स्थापना के लिए प्रेरित किया जिसका परिणाम 1857 की गदर के बाद रियासदों और ब्रिटिष हुकुमत के बीच स्वतंत्रता के लिए संघर्ष तेज हो गया। उन्होनें कहा कि 1875 में महर्षि दयानन्द द्वारा स्थापित आर्य समाज के देषभर में फैले कार्यकर्ताओं 1885 में स्थापित कांगे्रस पार्टी को मजबूत बनाने और उसके नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आन्दोनल में महति योगदान दिया उनके इस अनोखे योगदान को कभी भूला नही पायेगी। इस अवसर पर प्रदेष मीडिया समन्यक सूरेन्द्र सिंह आर्य ने कहा कि देश में क्रांन्तिकारिेयों की एक नई जमात खडी करने में महर्षि दयानन्द द्वारा स्थापित आर्य समाज का बहुत बडा योगदान रहा, उन्होनें धर्म के पाखण्ड स्वरूप समाजिक  कुरितियों स्त्री शिक्षा, विधवा विवाह की अलख जगाई, उन्होनें सबसे पहले हिन्दू धर्म के भीतर मौजूद जाति व्यवस्था पर तिखे हमले कर छुवाछूत को दूर करने का अभियान तेज किया, जिस योगदान को हम कांगे्रसजन याद कर उनके ़़ऋणी रहेगें। इस अवसर पर मुख्य समन्वयक जोत सिंह बिष्ट, प्रदेष कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र शाह, प्रदेष महिला कांग्रेस अध्यक्षा सरोजनी कैन्त्यूरा, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल तोता राम काला ,चन्द शर्मा, महेन्द्र सिंह चैधरी, सुवर्षा पाॅल, कमलेष रमन, बीना बिष्ट, टीका राम पाण्डेय, धर्म सिंह पंवार, सुरेन्द्र सिंह रांगड, महेन्द्र राणा प्रमुख, सूरज नेगी, तरूण पन्त, हरीष जोषी, नवीन जोषी, विजय लक्ष्मी गुसांई, नजमा खान, सुलेमान अली, नासिर हुसैन आदि उपस्थित थे।  

सेमी गांव के पीडि़तों को मिलेंगे आशियाने

देहरादून,14 फरवरी (निस)। वर्ष 2013 में आई आपदा से पूरी तरह से तबाह हुए रूद्रप्रयाग के सेमी गांव के पीडि़तों की उम्मीद फिर से जागी है। अब प्रशासन ने गांव के पीडि़त परिवारों के विस्थापन की कार्रवाई शुरू कर दी है। वर्ष 2013 के 16 व 17 जून को मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ से मंदाकिनी नदी व गौरीकुंड हाईवे से सटा हुआ ऊखीमठ विकास खंड के सेमी गांव में जबरदस्त भूधसाव हो गया था। इसमंे पूरी पहाड़ी दरक गई थी, जिससे गांव के भवन जमीन में धस गए थे। जो भवन इस आपदा में बच गए वह रहने लायक नहीं रहे गए थे। खतरा देख ग्रामीण घरबार छोड़कर अन्य सुरक्षित स्थानों में रहने को चले गए। बाद में यह लोग सरकार से इनके अन्य सुरक्षित जगहों पर विस्थापन की मांग करते रहे लेकिन आज तक इन गांवों का विस्थापन नहीं हो पाया है। वर्तमान में कई परिवार किराये के भवनों में रह रहे हैं। आपदा में गांव से सटे गौरीकुंड हाईवे को भी भारी नुकसान पहुंचा था। अब सरकार ने इनकी सुध ली है। यहां के 21 परिवार ऐसे है जिनके भवनों को बनाने में विश्व बैंक की मदद ली जाएगी। गांव के विस्थापन के लिए जिलाधिकारी ने सेमी गांव के ग्रामीणों के साथ बैठक कर इसका खाका तैयार किया। जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने ग्रामीणों को बताया गया कि गांव के 48 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा। 21 परिवारों को ओडीसीएच के तहत ऋण देकर लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव के लगभग 48 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। जिसमें से 21 परिवारों को ओडीसीएच (विश्व बैंक) के तहत लाभान्वित किया जाएगा। जबकि शेष परिवारों पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए मानको के अनुरूप राजकीय सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने राजस्व कर्मियों को निर्देश दिए कि कोई परिवार विस्थापन की मांग करता है या फिर किसी कारणवश विस्थापन की सूची में शामिल नहीं हो पाया है तो ऐसे मामलों की जांच कर सूची में सम्मिलित किया जाए। डीएम ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि पुनर्वास के तहत निर्मित भूखंडों की भूगर्भीय जांच के उपरान्त ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

चिट फण्ड के नाम पर करोड़ो की ठगी, तीन पर मुकदमा

देहरादून, 14 फरवरी(निस)। डालनवाला थाना क्षेत्र के अंतगर्त चिट फण्ड के नाम पर करोड़ो की ठगी का माामला सामने आया है। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। वहीं आरोपितो में से एक की गुमशुदगी की शिकायत भी थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले के हर पहलू पर काम कर रही है।  जानकारी देते हुए एसओ अनिल जोशी ने बताया कि चिट फण्ड के नाम पर क्षेत्र में काफी पहले से कमेटी चल रही थी। इसमें क्षेत्र के कई लोग शामिल थे। हर व्यक्ति द्वारा एक निश्चित धनराशि चिट फण्ड के मुख्य कार्यकर्ता गुलशन कुकरेजा, को दी जाती थी। जिसके बाद किसी भी सदस्य को रूपयों की आवश्यकता होने पर उसे रकम दी जाती थी। चिट फण्ड जैसी कमेटी अधिकतर विश्वास के बूते किया जाने वाला काम है। जो मुश्किल समय पर जरूरत मंद व्यक्ति के लिए मददगार साबित होता है। लेकिन डालनवाला क्षेत्र में इसका उल्टा हो गया। कमेटी का रूपया जमा करने वाले मुख्य सदस्य ही करोड़ों का धन लेकर भाग गये। साथ ही पुलिस ने बताया कि कुल रूपया करीब दो करोड़ के करीब बताया जा रहा है। कमेटी करने वाले वाले व उसमे रूपया जमा करने वाले सभी अधिकतर एक दूसरे के प्रचित है। जिसके बूते विश्वास पर लोगों द्वारा हर महिने मोटी रकम जमा की जाती है। वहीं पुलिस ने गुरूचरण अरोड़ा पुत्र स्वर्गीय रोशनलाल निवासी नानक विहार चंदन नगर ने मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले के हर पहलू पर काम कर रही है। साथ ही पुलिस ने बताया कि जिन पर मुकदमा दर्ज कराया है। वो लोग अभी भागे नहीं है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

सड़क हादसे में अधेड़ की मौत

देहरादून, 14 फरवरी(निस)। डोईवाला थाना क्षेेत्र के अंतर्गत शनिवार सुबह करीब दस बजे वैगनार चालक महिला ने एक मोटरसाईकल सवार वर्मा दंपत्ति को जबरदस्त टक्कर मार दी। जिससे अधेड़ पुरूष की मौके पर मौत हो गई। महिला को प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से जोलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं आरोपी महिला की कार को सीज कर दिया गया है। वहीं पुलिस आरोपी महिला के खिलाफ संलिप्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार डोईवाला क्षेत्र के अंतर्गत हरिद्वार से आ रही वैगनार कार जिसमें चालक महिला समेत एक बच्ची व चार अन्य महिलाये सवार थी। इसी दौरान जैसे ही कार ने रफ्तार पकड़ ली। मंणि माई के पास पहुंची तेज रफ्तार कार ने सामने से आर रही मोटर साईकिल को सामने से जबरदस्त टक्कर मार दी। जिससे मोटरसाईकिल सवार वर्मा दंपत्ति सड़क पर गिर पड़े। वहीं हादसे के बाद रमेश वर्मा उम्र-55 वर्ष पुत्र राम स्वरूप निवासी पटेल नगर की मौके पर ही मौत हो गई। जबकी प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से गंभीर रूप से घायल पत्नी बाला देवी को जोलीग्रांट में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं हादसे के बाद मृतक के परिजनों की ओर से आरोपित महिला पर गैरइरातन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी महिला की कार को सीज कर दिया है। वहीं पुलिस हादसे की जानकारी मृतक के परिजनों को दे दी है। शव पंचनामा भर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं एक अन्य मामलें में पुलिस ने रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुखबिर की सूचना पर एक युवक को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से ३७५ बोर का तमंचा व जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी युवक की पहचान राजतिलक प्रसाद निवासी बंजारावाला नेहरू कालोनी के रूप में दी है। पुलिस ने उसके खिलाफ संलिप्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है। जिसके बाद आरोपी कोर्ट से जेल भेज दिया जायेगा। 

बजरंद दल ने किया वैलेनटाइन डे का विरोध 

देहरादून, 14 फरवरी(निस)। बजंरग दल, विहिप एवं दुर्गावाहिनी ने बजरंग दल ने वैलेन्टाइन डे को मनाने का विरोध जताते हुए लैन्सडाउन चैक पर प्रदर्शन किया।  इस मौके पर प्रदर्शन करते हुए जिला संयोजक अमित तोमर ने कहा कि वैलेन्टाइन्स डे को मनाने का प्रचलन मात्र तीन दशक पहले अमरीका में प्रारम्भ हुआ और देखते ही देखते पूरा विश्व इसकी चपेट में आ गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ग्रीटिंग कार्ड एवं गिफ्ट बनाने वाली दो कम्पनियों आर्चिज गैलरी एवं हॉलमार्क को इस आयोजन का जनक कहा जाता है। जिन्होंने वैलेन्टाइन्स डे को एक कथाकथित काल्पनिक सन्त वैलेन्टाइन से जोड़ा एवं केवल अपने ग्रीटिंग कार्ड और गिफ्ट आईटम की मार्केटिंग करने और बचने हेतु वैलेन्टाइन डे का आयोजन करने लगे। उन्होंने हा कि आज स्थिति यह है कि पूरे विश्व में युवा करीब 18 अरब डालर प्यार के इस झूठे पर्व पर खर्च करते है, केवल भारत में ही ये विदेशी कम्पनियां तकरीबन तीन अरब डालर का करोबार वैलेन्टाइन सप्ताह में कर लेती है जिनसे भारत की अर्थव्यवस्था को गहरी क्षति पहुंचती है। उन्होंने आगे कहा कि वैलेन्टाइन्स डे और वैलेन्टाइन का पूरा सप्ताह एक संकीर्ण मानसिकता की उपज है, जहां प्रेम का जमकर उपहास किया जाता है क्योंकि प्रेम जैसा पवित्र रिश्ता एक दिन में नही बनता, अपितु प्रेम विश्व का सबसे पवित्र रिश्ता है। हिन्दू विवाह पद्धति में सातजनम तक साथ निभाने का वचन वर बधू लेते है जिससे यह प्रतीत होता है कि हिन्दू रीति रिवाजों में दाम्पत्य जीवन में प्रेम को सबसे ऊपर रखा गया है। कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए दुर्गावाहिनी की प्रान्त सहसंयोजिका रीता गोयल ने कहा कि वैलेन्टाइन डे जैसे खोखले आयोजनों से भारतीय समाज पर पश्चिमी सभ्यता को थोपने का षडयंत्र विगत तीन दशकों से रचा जा रहा है। भारत का युवा आज इस संकीर्ण सोच के जाल में पूर्णतरू फंसता जा रहा है। जिस कारण आज भारत में लिव इन रिलेशनशिप का प्रचलन बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि प्यार के नाम पर वैलेन्टाइन डे एवं पूरे वैलेन्टाइन्स सप्ताह में जमकर अराजकता एवं अश्लीलता फैलायी जाती है जिसे हिन्दू समाज कदापि बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शन के दौरान रीता गोयल, दिनेश लेखवाड़, समय शर्मा, दर्शन लालभम, शहद आर्य, अमित गौतम, गौरव ढिगिया, अजय कुमार, विकास कुमार, आशु रतूडी, प्रेरित पुण्डीर, अंकुर थपलियाल, हरेन्द गहलोद आदि मौजूद थे। 

आंदोलनकारियों ने सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप 

देहरादून, 14 फरवरी(निस)। उत्तराखंड राज्य निर्माण चिन्हित आंदोलनकारी मंच ने सरकार पर गोलमोल रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे लम्बे समय से तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है जिसके बाद भी लगातार उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। यह बात शहीद स्मारक में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए मंच के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भंडारी ने कहीं। उन्होंने कहा कि वे दो अक्टूबर को शहीद दिवस पर शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों को कैबिनेट में स्वीकृति दिलाने हेतु वायदे किये परन्तु सभी झूठे साबित हुये जिससे खिन्न होकर मातृशक्ति को 24 जनवरी व 11 फरवरी को पेड़ पर चढना पड़ा फिर भी संवेदनहीन सरकार मूकदर्शक बना रहा। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति पेड़ से नीचे उतर गयी, परन्तु मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री द्वारा आंदोलनकारी मातृ शक्ति को यह कहकर अपमान किया कि पहाड़ की महिलायें पेड़े पर चढ़ती रहती है। मंच ने निर्णय लिया है कि आगामी कैबिनेट बैठक मे समान पेंशन पांच हजार रूपये देने पर निर्णय लिया तो मंच के पदाधिकारी दिल्ली जाकर कांग्रेस मुखिया सोनिया गांधी से न्याय की गुहार लगायेगे एवं प्रदेश के समस्त जिलों में धरना प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री वाजपेयी द्वारा उत्तराखंड राज्य को दिया जाने वाला विशेष आर्थिक पैकेज व विशेष राज्य का दर्जा दिये जाने हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी मांग करेगे। उन्होंने राज्य में चारों जिलो यमनोत्री, डीडीहाट, कोटद्वार और रानीखेत  बनाने में सरकार दिलचस्पी नहीं दिखा रही है, उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडब्लूडी व एनएच द्वारा छोटे ठेकेदारों से काम न लेकर बाहर से आयातित कम्पनियों द्वारा काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग व चमोली में २०१० से आपदाग्रस्त घरों के पुर्नवास व विस्थापन हेतु आज तक गांव व घर चिन्हित नहीं किये गये है। इसम मौके पर लक्ष्मी नेगी, राकेश भटट, भूमा रावत, सावित्री रावत, यशोदा रावत, लोक बहादुर थापा, सुन्दर सिह रावत, रविन्द्र प्रधान, गंभीर सिंह परमार, राधाकृषण उनियाल, लक्ष्मी नारायण लौहानी आदि मौजूद थे। 

हाईकमान से सलाह लेने दिल्ली पहुंचे सीएम रावत
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देहरादून, 14 फरवरी। मुख्यमंत्री हरीश रावत शनिवार को अचानक दून से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दोपहर होने से पहले ही वह दिल्ली पहुंच चुके थे। मुख्यमंत्री के इस दिल्ली प्रवास कार्यक्रम को काफी छोटा बताया जा रहा है। अधिकृत तौर पर बताया गया है कि मुख्यमंत्री दिल्ली में दो विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। लेकिन, उनकी इस दिल्ली दौड़ के कुछ और मायने भी निकाले जा रहे हैं। सियासत में रूचि रखने वाले सूत्रों का मानना है कि मुख्यमंत्री दिल्ली प्रवास के दौरान किसी तरह पार्टी हाईकमान से मुलाकात की भी कोशिश करेंगे। शुक्रवार उनके धुर विरोधी और पूर्व सीएम विजय बहुगुणा की सोनिया गांधी से हुई मुलाकात सुर्खियों में है। माना जा रहा है कि सीएम हरीश रावत पार्टी सुप्रीमो और बहुगुणा के बीच हुई इस मुलाकात के इंपैक्ट पर पानी फेरने का प्रयास भी करेंगे। कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र राकेश के निधन से मंत्रिमंडल में खाली हुई एक सीट और भगवानपुर में प्रस्तावित विस उपचुनाव सहित सरकार में कार्यकर्ताओं को दायित्व व प्रदेश कार्यकारिणी के गठन आदि कई अहम बिंदुओं पर हाईकमान से उनकी चर्चा होने की भी संभावना है। राज्य में अपनी सरकार के कामकाज और विरोधी गुट के अड़ेंगे का फीडबैक भी वह हाईकमान के सामने रख सकते हैं। मुख्यमंत्री की कोशिश होगी कि यदि हाईकमान से चर्चा हुई तो इन बिंदुओं को जोरशोर से उठाया जाए। पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के बाद अब मुख्यमंत्री हरीश रावत की दिल्ली दौड़ सूबे की सियासत को कितना गर्माती है और क्या नया गुल खिलाती है, यह आने वाला समय ही बताएगा। मौका छोडने को तैयार नहीं बहुगुणा पूर्व सीएम विजय बहुगुणा अब मुख्यमंत्री हरीश रावत को घेरने का एक भी मौका छोडने को तैयार नहीं है। उनकी कोशिश है कि हर तरह से मुख्यमंत्री पर दबाव बढ़ाया जाए। बहुगुणा ने अब सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हरीश रावत की कार्यशैली और उनके रुख पर निशाना साध लिया है। इस मषक्कत में पिछले दिनों लैटर बम फोड़कर अपनी मांग मनवाने के बाद अब बहुगुणा सोनिया दरबार में हाजिरी लगा आए। सोनिया गांधी से हुई इस मुलाकात में उन्होंने उत्तराखंड में संगठन और सरकार की गतिविधियों और जनता की शिकायतों का फीड अपने तरीके से दिया। सूत्रों का कहना है कि मुलाकात में बहुगुणा ने मुख्यमंत्री की कार्यशैली को लेकर अपनी नाराजगी काफी तल्ख अंदाज में रखी। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से हुई बातचीत में इस बाबत साफ संकेत भी दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जन अपेक्षाओं पर खरा उतरने और पार्टी के चुनावी वायदों को पूरा करने के लिए सरकार का गंभीर होना जरूरी है। इसके लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत को अपनी कार्यशैली और रुख में बदलाव लाना होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सियासत में कुछ भी संभव है, इसलिए वे हमेशा आशावान और उर्जावान रहकर काम करने में विश्वास रखते हैं।
भाजपा विधायक को भारी पड़ा एमएसजी फिल्म की रैली को हरी झंडी दिखाना
देहरादून, 14 फरवरी(निस)। भाजपा के रूद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल को एमएसजी फिल्म के प्रचार के लिये निकाली गई रैली को हरी झंड़ी दिखाना भारी पड़ गया। सिक्ख समाज की भारी नाराजगी की बीच शनिवार को ठुकराल ने आखिरकार खेद व्यक्त कर ही दिया है। पिछले दिनों भाजपा के विधायक ने एमएसजी फिल्म के प्रचार के लिये निकाली गई रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उनका रैली को झंडी दिखाना भारी पड़ गया था,सिक्ख समाज से जुड़े लोगों ने ठुकराल के इस कृत्य पर भारी नाराजगी जताई थी और कहा था कि ऐसे व्यक्ति की फिल्म की रैली की ठुकराल ने झंडी दिखाई है जो सिक्ख विरोधी रहा है। इसको लेकर सिक्ख समाज के लोगों ने ठुकराल के खिलाफ प्रदर्शन कर उनका पुतला भी फूंका था,और मांग की थी कि विधायक को सिक्ख समाज के लोगों से माफी मांगनी चाहिये। ठुकराल के प्रति सिक्ख समाज से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश और गुस्सा था। जिसे देखते हुए भाजपा विधायक को बेकफुट पर आना पड़ा और शनिवार को एक बयान जारी कर उन्हे सिक्ख समाज से खेद व्यक्त करना पड़ा। भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल ने अपने बयान में कहा कि मैं समाज का प्रतिनिधि होने के नाते एक शोभायात्रा को मात्र हरी झंडी दिखाई थी, न कि मैने किसी भी पिक्चर का उद्धघाटन भी नहीं किया गया। मुझे तो इस पिक्चर की कोई भी जानकारी भी नहीं है। मैने कभी भी गुरुग्रंथ साहिब या सिक्खी का अपमान नहीं किया है। यदि मेरे किसी भी कदम से यदि किसी की भी भावनाएं आहत हुई है तो मैं इस पर सिक्ख समाज के समझ खेद व्यक्त करता हूँ। इससे पहले संत राम रहीम गुरमीत इंसान द्वारा बनाई गई फिल्म एमएसजी का रुद्रपुर में जमकर विरोध किया गया था। इसकों लेकर सिक्ख समाज के कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। भारी विरोध के चलते और सिक्ख समाज की भारी नाराजगी के कारण जिला प्रशासन ने एमएसजी के रिलीज पर पूूरे जिले में रोक लगा दी थी। शुक्रवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप चीमा ने एमएसजी फिल्म पर रोक लगाने के लिये सिक्ख समाज और जिला प्रशासन के लोगों का आभार भी व्यक्त किया था।

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