प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शंघाई में फुतान विश्वविद्यालय में गांधी और भारतीय अध्ययन केंद्र का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गांधी दर्शन आतंकवाद से लड़ने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में मददगार हो सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर बताया, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फुतान विश्वविद्यालय के गांधी और भारतीय अध्ययन केंद्र का ऐतिहासिक शुभारंभ।" इस आयोजन में दो चीनी छात्रों ने भगवद्गीता के श्लोक पढ़कर सुनाए।
मोदी ने विद्यार्थियों को हिंदी में संबोधित करते हुए कहा कि आज विश्व दो प्रमुख समस्याओं आतंकवाद और ग्लोबल वार्मिग से जूझ रहा है। महात्मा गांधी को युग पुरुष और युग मानव संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि गांधी दर्शन से आतंकवाद का सामना करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों ने सदियों से ज्ञान की खोज में अथक प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा, "ज्ञान की खोज पर आधारित संबंधों के सदियों तक लाभकारी प्रभाव रहे हैं।"
मोदी ने कहा कि उन्हें विद्यार्थियों से बातचीत कर और चीन की यात्रा कर बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि शंघाई के फुतान विश्वविद्यालय और बीजिंग के सिन्हुआ विश्वविद्यालय में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत करने का उन्हें दो बार अवसर मिला है।

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