सुषमा स्वराज को बर्खस्त करो
धर्मशाला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी की मदद करने को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को बर्खास्त करने की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सूट-बूट की सरकार करोड़ों रुपये का घोटाला करने के आरोपी को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मसले पर चुप्पी तोडऩी चाहिए और देश से'मन की बात करनी चाहिए। दीपक शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, बीजेपी, विदेश मंत्री और पूरी सरकार प्रवर्तन निदेशालय के एक आरोपी के बचाव में सामने आ गई हैं। सूट-बूट की सरकार वित्त घोटाले के आरोपी को बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज को मोदीगेट में अनैतिक और गैर कानूनी काम करने के लिए विदेश मंत्री के पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए। दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि सुषमा की संलिप्तता का उनके और पूर्व आईपीएल प्रमुख के बीच ईमेल पर हुई बातचीत से पता चलता है। दीपक ने कहा कि बीजेपी को लोगों को जवाब देना होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को आकाशवाणी पर अपनी मन की बात में इस मामले पर बोलना चाहिए। कांग्रेस ने पहले ही पूरी बीजेपी और केंद्र सरकार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौन स्वीकृति के साथ ललित मोदी की मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने इस बारे में प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की थी।
लम्बित योजनाओं को पूर्ण करने को दी जाए प्राथमिकता: गंगू राम मुसाफिर
- नीति आयोग की योजनाओं की हुई जिला में समीक्षा
धर्मशाला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । लम्बित योजनाओं को पूर्ण करने को प्राथमिकता प्रदान की जाए ताकि योजनाओं में अपव्यय को रोका जा सके व योजनाओं का लाभ प्रदेशवासियों को प्राप्त हो सके। यह उद्गार नीति आयोग के उपाध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर ने आज यहां आयोग द्वारा जिला के विभिन्न विभागों को उपलब्ध करवाए गए धन के व्यय के संदर्भ में जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए व्यक्त किए। मुसाफिर ने बताया कि प्रदेश के विकास के लिए सरकार नीति आयोग के माध्यम से उदारता से धन उपलब्ध करवा रही है, उपलब्ध करवाये गए धन का निर्धारित समय सीमा पर व्यय करना संबंधित विभागों का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में आंबटित धन का समय पर उपयोग न होने से प्रदेशवासियों को इस धन का लाभ प्राप्त नहीं हो पा रहा है, जिस कारण विकास की तीव्रता को उचित गति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों से आयोग की योजनाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी विभागाध्यक्ष विकास में अपना आपेक्षित सहयोग दें ताकि विकास को गति मिल सके और सभी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर स्वयं का विकास कर पायें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के लंबे समय तक लम्बित रहने से इन योजनाओं को पूर्ण करने में करोड़ों रूपये की राशि अतिरिक्त व्यय करनी पड़ रही है। उन्होंने विभागाध्यक्षों से उनके विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही परियोजनाओं की पूर्ति के लिए समय-समय पर समीक्षा करने के दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि समीक्षा से परियोजनाओं को समय पर पूर्ण करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति सजगता रहती है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के संदर्भ में स्थानीय लोगों से प्राप्त शिकायतों के निपटारे में भी शीघ्रता लाई जानी आवश्यक ताकि योजनाओं को पारदर्शिता से लागू करने में सहायता मिल सके। बैठक के दौरान उन्होंने नीति आयोग के माध्यम से जिला को वर्ष 2013-14, 2014-15 व इस चालू वित्तिय वर्ष में उपलब्ध करवाए गए कुल राशि व लक्ष्यों की प्राप्ति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। उन्होंने आम आदमी से सीधे तौर पर जुड़े विभागों में से लोक निर्माण, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, विद्युत, कृषि, बागवानी, वन, पशुपालन, कल्याण, ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इन वित्तिय वर्षों के लिए आबंटित राशि के व्यय की सिलसिले बार समीक्षा की तथा लम्बित परियोजनाओं के संदर्भ में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पूर्व केन्द्रीय यूपीए सरकार द्वारा आरंभ की गई मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि यह योजना गरीब आदमी के हित में है, अत: इसके क्रियान्वियन में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक जॉब कार्ड धारक को न्यूनतम कार्य दिवसों का रोजगार उपलब्ध करवाया जाये। उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत जिला में प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा बेहत्तर कार्य हुआ है तथा इस वित्तिय वर्ष में योजना के अंतर्गत 116 करोड़ रूपये व्यय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक का संचालन कर रहे अतिरिक्त उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि जिला में नीति आयोग की योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती जा रही है तथा सभी विभागों को तत्त्परता से कार्य करने के निर्देश जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला में 56 हजार 636 गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लोगों को सामाजिक सुरक्षा, पैंशन प्रदान की जा रही है। जबकि इस वर्ष से 2 हजार अतिरिक्त व्यक्तियों को इस योजना में सम्मिलित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिला में 1 से 6 वर्ष तक की आयु के 1 लाख 31 हजार 525 बच्चों को 4 हजार 225 आंगनबाड़ी के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीएम गुप्ता, आरण्य पाल वन धर्मशाला प्रदीप ठाकुर, वरिष्ठ अभियंता लोक निर्माण, सिंचाई एवं स्वास्थ्य, विद्युत, उप-निदेशक, ग्रामीण विकास अभिकरण सहित अनेक विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
कार्बन क्रेडिट के लिए 1.93 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर प्रसन्नता व्यक्त
धर्मशाला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । वन निगम के उपाध्यक्ष केवल सिंह पठानिया ने विष्व बैंक द्वारा प्रदेष को कार्बन क्रेडिट के लिए 1.93 करोड़ रुपये स्वीकृत करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए प्रदेषवासियों को बधाई दी है। उन्होनें कहा कि यह सब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सषक्त प्रयासों एवं उनके कुषल नेतृत्व से ही सम्भव हो पाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने ही प्रदेष में हरे पड़ों के कटान पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर कार्बन उत्सर्जन की दिषा में जो कदम उठाये थे, आज उन्हीं का परिणाम है कि पूरे देष में विष्व बैंक ने हिमाचल प्रदेष को पुरस्कृत किया है। केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री की उस घोशणा का भी स्वागत किया है जिसमें जलागम परियोजनाओं का कार्य पूरा हो जाने पर उनमें कार्यरत कामगारों के समायोजन की बात कही है। उन्होंने इसके लिए वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी का भी आभार व्यक्त किया है जिनके प्रयासों से यह सम्भव हो पाया है। केवल सिंह पठानिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुषल नेतृत्व में प्रदेष में समान एवं संतुलित विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेष विकास के मामले में देष भर के पहाड़ी राज्यों के लिए आदर्ष बन कर उभरा है।
खेलों का जीवन में विशेष महत्व: बुटेल
पालमपुर, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । विधान सभा अध्यक्ष, श्री बृज बिहारी लाल बुटेल ने मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डवाड़ी में पालमपुर और देहरा तहसीलों की अंडर 19 तीन दिवसीए एथलैटिक्स प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। श्री बुटेल ने खिलाडिय़ों को प्रतियोगिता की बधाई देते हुए कहा कि खेलों का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। पढ़ाई से जहां बौद्धिक विकास होता है वहीं खेलों से मानसिक और शारीरिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में ध्यान देना चाहिए, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव हो सके। उन्होंने कहा कि आज खेलों के क्षेत्र में भी भविष्य उज्जवल है। सरकार द्वारा उत्कृष्ठ खिलाडियों को सरकारी नौकरी में 3 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों से खिलाडिय़ों में अनुशासन के साथ-साथ आत्मविश्वास की भावना भी उत्पन्न होती है और इन दोनों गुणों से ही कोई भी आदमी महान होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से खिलाडिय़ों को अपनी प्रतिभा दिखाने और निखारने के लिए उचित मंच मिलता है, साथ हीएक दूसरे आगे निकलने और प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर से कई खिलाडिय़ों ने देश और विदेश में नाम कमाया है। उन्होंने अध्यापकों से आहवान कि बच्चों की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारने की दिशा में प्रयास करें। उन्होंने बच्चों से नशे से दूर रहने का संदेश देते हुए कहा कि अध्यापक और अभिभावक बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखें। विधान सभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर स्कूल में खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार रुपये देने की घोषणा की। इससे पहले जिला स्कूल खेल संघ के सचिव एन एस मिन्हास ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और प्रतियोगिता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार जिला को चार जोन में विभाजित किया गया हैै। उन्होंने बताया कि यहां आयोजित प्रतियोगिता में पालमपुर और देहरा तहसील के 26 स्कूलों के 204 बच्चें भाग ले रहें हैं जिसमें 160 लडक़े और 44 लड़कियां शामिल हैं। कार्यक्रम में नगर परिषद पालमपुर के अध्यक्ष बलवंत ठाकुर, प्रदेश शिकायत निर्वारण समिति के सदस्य त्रिलोक चंद, विजय ठाकुर, निशा शर्मा, कै0 भूरी सिंह, नरेश राणा, लोकेंद्र ठाकुर, कुलतार चंद, स्कूल की प्रधानाचार्य शशी शर्मा, विभिन्न विभागों के अधिकारी, पालमपुर और देहरा तहसीलों के खिलाड़ी बच्चे तथा अध्यापक एवं गणमान्य लोग उपस्थित हुए।
सरकार के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री का बयान अलोकतांत्रित
धर्मशाला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रो0 प्रेम कुमार धूमल द्वारा दिये गये बयान कांग्रेस सरकार को 3 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने की उम्मीद नही पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरिके से लोगों द्वारा समर्थित सरकार के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान अलोकतांत्रित है। वह स्वमं मुख्यमंत्री रह चूके है उन्हें इस तरह की बयानवाजी शोभा नही देती। भाजपा प्रदेश सरकार की चिन्ता छोड केन्द्र सरकार की चिन्ता करें जो हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और एक साल में जिसका नकाब में छूपा असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। प्रो0 प्रेम कुमार धूमल भ्रामक बयानवाजी छोड कर प्रदेश की जनता को बताये कि किसान विरोधी भूमिअधिग्रहण बिल, वन-रैंक, वन पैन्शन, आये दिन पैट्रोल कीमतो में बढौतरी के बारे में भाजपा का क्या पक्ष है? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता संजय सिंह चौहान ने कहा कि केन्द्र की वन मैन मोदी सरकार हर क्षेत्र में विफल साबित हुई। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेन्द्र मोदी और उनके सहयोगी बाबा राम देव ने पूरे प्रचार के दौरान काले धन के मुद्दे को अपने हर कार्यक्रम और जनसभा में पूरे जोर-शोर से उठाया और देश के सामने काले धन का बहुत बडा काल्पनिक आंकड़ा पेश कर लोगों को झूठे सपने और झूठी उम्मीदें दिखाकर भ्रमित किया और कहा कि आप मुझें समर्थन दें और मेरी सरकार बनाने मे मद्द करें और मैं सरकार बनने के 100 दिन के अन्दर जितना भी काला धन हमारे देश का विदेशों में है उसे देश में वापिस लाकर देश के विकास में उसका प्रयोग करेगें और हर देशवासी के बैंक खाते 15 लाख रूयये जमा होगें। संजय सिंह चौहान ने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की अन्तराष्ट्रीय बाजार में कीमतें आधी से भी ज्यादा गिरने के बावजूद केन्द्र सरकार ने एक्साईज डियूटी बढाई तथा इस मूल्य में गिरावट का लाभ जनता को नहीं दिया जा रहा है। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने मार्च 2012 में जनता को लगभग 73 रु0 प्रति लीटर में पैट्रोल मुहैया करवाया, जबकि उस समय कच्चे तेल की अन्तराष्ट्रीय बाजार में कीमत 123 डॉलर प्रति बैरल थी। जबकि अब मई 2015 में अन्तराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 58 से 61 डॉलर प्रति बैरल है, परन्तु आम जनता अभी भी 71 रु0 प्रति लीटर में पैट्रोल खरिदने को मजबूर है। इस मूल्य वृद्वि के कारण मालभाड़ा बड़ गया है जिससे कि फलों, सब्जियों व अन्य आवश्यक खाद्य सामाग्री की कीमतें बढ़ रही है जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। प्रवक्ता ने कहा कि झूठे आंकड़े पेश कर लोगों को गुमराह करना भाजपा को करैक्टर बन गया है और एक साल के शासनकाल में ही भारतीय जनता पार्टी की सच्चाई लोगों के सामने आ चूकी है। उन्होंनें कहा कि भाजपा और मोदी सरकार की छवि देश की जनता के सामने किसान विरोधी, मजदूर विरोधी, आम आदमी विरोधी सरकार के रूप मे उभर कर सामने आई है।
छात्रवृति तथा नव स्तरोन्तर पाठशालाओं का पंजीकरण 12 जून से आरम्भ
हमीरपुर, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । उप शिक्षा निदेशक, उच्चतर शिक्षा सोमदत्त संख्यान ने जिला के समस्त राजकीय तथा गैर सरकारी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं के मुख्याध्यापकों /प्रधानाचार्यों को सूचित किया है कि वर्ष 2015 -16 के लिये विभिन्न प्रकार की छात्रवृति योजनाओं क तहत ऑनलाईन छात्रवृति फार्म भरने व नव स्तरोन्तर पाठशालाओं का पंजीकरण करने के लिये वैब साईट पर 12 जून से कार्य आरम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा है कि संबन्धित वैबसाईट पर 11 जून के आदेश डाऊनलोड कर आदेशानुसार उक्त कार्य को अन्तिम रूप देना सुनिश्चित करें।
बाबा बालक नाथ मंदिर की वेबसाइट का किया शुभारंभ
- श्रद्धालुओं को आनलाइन बुकिंग की भी मिलेगी सुविधा : उपायुक्त
- मंदिर के इतिहास के बारे में भी मिलेगी श्रद्धालुओं क ो जानकारी
एनएफएस के तहत पात्र लोगों के लिए निर्धारित लक्ष्य को शीघ्र करें पूरा
हमीरपुर, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । एडीएम रूपाली ठाकुर ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत पात्र लोगों के चयन के निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के दिशा निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए गए हैं। इस के लिए ग्राम सभाओं में भी पात्र व्यक्तियों का चयन शीघ्र करवाने में सहयोग लेने का आग्रह किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोग लाभांवित हो सकें। मंगलवार को राष्ट्रीय खाद्य अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम रूपाली ठाकुर ने कहा कि इस अधिनियम के तहत पात्र लोगों को समयबद्व सेवाएं उपलब्ध करवाना अत्यंत जरूरी है तथा सम्यक रूप से हर लाभार्थी तक इस कार्यक्रम का लाभ पहुंचे इस के लिए हर उचित मूल्य की दुकान स्तर पर एक-एक सतर्कता समिति के गठन का प्रावधान किया गया है ताकि लोगों तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वारित निदान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला में अधिकांश उचित मूल्य की दुकानों के स्तर पर सर्तकता समितियों का गठन किया गया है इन समितियों के गठन का मुख्य उद्देश्य यही है कि इस अधिनियम के अधीन मिलने वाले लाभ में पारदर्शिता लाई जा सके। उन्होंने बताया कि जिला हमीरपुर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कोई भी शिकायत अभी तक प्राप्त नहीं हुई है तथा इस संबंध में उपभोक्ताओं को भी जागरूक किया जा रहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत किसी भी तरह की अनियमितता इत्यादि पाए जाने पर सतर्कता समितियों के माध्यम से शिकायत दर्ज करवाने का प्रावधान किया गया है ताकि समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जा सके और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का सुचारू कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी प्रताप ठाकुर ने मुख्यातिििथ का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य सरला शर्मा सहित सर्तकता कमेटी के सरकारी तथा गैरसरकारी सदस्य मौजूद थे।
उद्योग मंत्री 18 को हरोली में चैक वितरित करेंगे
ऊना, 16 जून: उद्योग मंत्री श्री मुकेश अग्रिहोत्री 17 जून को प्रात: 11 बजे नगनोली में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और 18 जून को दोपहर 1 बजे सीनियर सकैंडरी स्कूल कांगड़ में इंस्पायर कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय प्रदर्शनी के समापन समारोह की अध्यक्षता करने के बाद इसी दिन सांय 3 बजे हरोली विश्राम गृह में पात्र व्यक्तियों को चैक वितरित करेंगे। उद्योग मंत्री 19 जून को हरोली विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। यह जानकारी एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां दी।
भारत सरकार ने दी एम.बी.बी.एस. के लिए 200 सीटों की मंजूरी
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि भारत सरकार ने इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में अकादमिक सत्र 2015-16 के लिए एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में 200 विद्यार्थियों के दाखिले की अनुमति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कॉलेज में एम.बी.बी.एस. की 100-100 सीटें रहेंगी। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद की संस्तुतियों को मंजूरी प्रदान की है। भारतीय चिकित्सा परिषद ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा का औचक निरीक्षण कर कुछ कमियों को इंगित किया था, जिन्हें प्रदेश सरकार ने दूर किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद ने मंजूरी के लिए अन्तिम संस्तुति भेजने से पूर्व नियमों की अनुपालना की पुष्टि के लिए 8 अप्रैल, 2015 को एक और औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद के दल द्वारा इंगित की गई कमियों को दूर करने के लिए गम्भीर प्रयास किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री ने केन्द्र सरकार के समक्ष चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटों को मंजूरी प्रदान करने का मामला भी उठाया था। प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार का यह फैसला एम.बी.बी.एस. की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को बेहतर अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ रोगियों की समुचित देखभाल सुनिश्चित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने किया राज्य कृषि प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में कन्वैन्शन सेंटर एवं हॉस्टल का लोकार्पण
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने राज्य कृषि प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कन्वैन्शन सेंटर एवं हॅास्टल के लोकार्पण के उपरान्त कहा कि हिमाचल प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है तथा प्रदेश के बहुत से लोग कृषि, बागवानी और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि लोग अब फसलों के उत्पादन एवं आय में वृद्धि के लिए व्यापक स्तर पर नई आधुनिक तकनीकी को अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में पढ़े लिखे युवा भी कृषि एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों की ओर ध्यान दे रहे हैं तथा अद्यतन तकनीकी की सहायता से बे-मौसमी सब्जियों, फलों और अन्य फसलों की खेती में रूचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत कुछ वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में अत्याधिक प्रगति हुई है और युवा सरकारी नौकरियों के पीछे भागने के बजाए कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को अपना रहे हैं तथा अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से खेती बाड़ी में नई तकनीकी के भरपूर उपयोग व नकदी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ परम्परागत फसलों की खेती जारी रखने का आह्वान किया। वीरभद्र सिंह ने किसानों को और अधिक सिंचाई एवं टपक फव्वारा सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है ताकि वे बड़ी मात्रा में बे-मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर सकें तथा पुष्प उत्पादन और डेयरी फार्मिंग को बड़े स्तर पर अपनाएं, इससे राज्य के बागवानों एवं किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि योग्य भूमि को बाढ़ से बचाने तथा इसे पुन: कृषि योग्य बनाने के उद्देश्य से 1000 करोड़ रुपये लागत की स्वां तटीकरण परियोजना कार्यान्वित की जा रही है, जिसके तहत स्वां नदी के साथ-साथ इसकी सभी 73 सहायक नदियों का तटीकरण किया जा रहा है। इसी तरह प्रदेश में बड़ी संख्या में नहरों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई एवं टपक फव्वारा सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप पब्बर नदी के संदासु से रोहडू तक के तटीकरण के लिए केन्द्र से मंजूरी प्राप्त हुई है, जिसका प्रारूप पहले ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बहुत सी लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं कार्यान्वित की जा रहीं हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से नकदी फसलों के अतिरिक्त बे-मौसमी सब्जी उत्पादन कर कृषि में विविधता लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बे-मौसमी सब्जियों का उत्पादन बढक़र 14 लाख टन हो गया है, जिससे 2500 करोड़ रुपये की आय सृजित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 2000 अतिरिक्त हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अन्तर्गत लाएगी और 20 हजार केंचुआ खाद की इकाइयां स्थापित करने के लिए किसानों को 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। श्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार वितरित किए और कृषि बागवानी, पुष्प उत्पादन क्षेत्र में कठिन परिश्रम करने को कहा। उन्होंने कृृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नई खोज करने वाले पुरस्कृत किसानों को बधाई दी। कृषि एवं ऊर्जा मंत्री श्री सुजान सिंह पठानिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में बेमौसमी सब्जियां उगाने की अपार संभावनाएं हैं और किसान बेमौसमी सब्जियां और पुष्प उत्पादन अपनाकर और अधिक आर्थिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 के दौरान 70 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बेमौसमी सब्जियां उगाई गईं, जिससे 2500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह बेहतर विकल्प है जिससे जहां वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी उपलब्ध होगा। इस अवसर पर सब्जियों व फलों की अनेक किस्मों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्य संसदीय श्री रोहित ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इससे पूर्व निदेशक कृषि डॉ. जे.सी. राणा ने इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने नवीनतम कृषि गतिविधियों एवं तकनीकों तथा किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों बारे भी विस्तृत जानकारी दी। विधायक श्री अनिरूद्ध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती उपमा चैधरी, विपणन बोर्ड के सलाहकार श्री देवेन्द्र श्याम उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा, किसान सलाहकार समिति के सदस्य, मशोबरा तथा बसंतपुर विकास खंड के प्रगतिशील किसान इस अवसर पर उपस्थित थे।
सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं दें डॉक्टर: श्री वीरभद्र सिंह
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार सांय इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आई.जी.एम.सी.) के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रशिक्षु डॉक्टरों को प्रदान किए जाने वाले ‘स्टाइपंड’ को 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी परिसर को वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी एवं डॉक्टरों को उनके शोध कार्यों में सुविधा होने के अतिरिक्त वे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अद्यतन तकनीकी का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं देने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने डॉक्टरों को दूर-दराज क्षेत्रों में अनिवार्य सेवाएं देने पर ही डिग्री प्रदान करने पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि डॉक्टरों को ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में तीन वर्षों की अनिवार्य सेवाएं देने के उपरांत ही डिग्री प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सेवाएं देने से नहीं घबराना चाहिए, क्योंकि इन क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूरवर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार केलांग और काजा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सार्वजनिक निजी भागीदारी के आधार पर पायलट टेली-मेडिसिन परियोजना आरंभ करेगी। यह योजना सिरमौर और चंबा जिलों के दर्जनभर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरंभ करने के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोडरा-क्वार में भी आरंभ की जाएगी। श्री वीरभद्र सिंह ने शिमला नगर निगम को छात्रावास के लिए जाने वाली सडक़ को पक्का करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार डॉक्टरों की मांगों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थल पर जगह की कमी होने के चलते छात्रावासों का निर्माण आई.जी.एम.सी. के दूसरे परिसर के लिए भट्टाकुफर के नजदीक शुराला में प्रस्तावित स्थल के समीप किया जाएगा, जिसके लिए पहले से ही 250 बीघा भूमि चिन्हित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सुपरस्पेशियलिटी खण्ड के निर्माण कार्य की प्रक्रिया आरम्भ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि आई.जी.एम.सी. अगले अक्तूबर माह में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है तथा संस्थान ने इन वर्षों में देश भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जगह की तंगी के चलते प्रदेश सरकार ने बहुमंजिला भवन निर्मित कर महाविद्यालय का विस्तार किया लेकिन अब परिसर को दबावमुक्त बनाने के लिए विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी क्षेत्र को प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए प्रोत्साहित करने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए इच्छुक संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिलासपुर में अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) खोलने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। इसके अतिरिक्त चम्बा, हमीरपुर और मण्डी में प्रति कॉलेज 190 करोड़ रुपये व्यय करके तीन चिकित्सा महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कैंसर मरीजों एवं तामीरदारों को ठण्ड की समस्या से राहत प्रदान करने के दृष्टिगत कैंसर अस्पताल को स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय को भी घणाहट्टी स्थानान्तरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आई.जी.एम.सी. में ओ.पी. खण्ड एवं प्रशासनिक खण्ड का निर्माण कार्य आरम्भ हो चुका है, इन निर्माण कार्यों पर क्रमश: 56.20 करोड़ व 7.93 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित वृद्धाश्रम का निर्माण मशोबरा में किए जाने के दृष्टिगत वृद्धाश्रम के लिए उपलब्ध भूमि को आई.जी.एम.सी. को सौंपा जाएगा। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक लैक्चर थियेटर कम सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन किया। यह हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह का अनूठा सम्मेलन कक्ष है, जो देश के विभिन्न अस्पतालों से ऑनलाईन जुड़ा होगा तथा भारतीय चिकित्सा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अद्यतन अध्यापन प्रणाली से सुसज्जित होगा। इस कक्ष के माध्यम से आई.जी.एम.सी. से जुड़े अन्य प्रशिक्षु डॉक्टर ‘लाईव सर्जरी’ देख सकेंगे। उन्होंने ‘कालेज कैफेटेरिया’ का भी उद्घाटन किया। श्री वीरभद्र सिंह ने परीक्षाओं व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए तथा महाविद्यालय पत्रिका का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने सम्बोधन में घटते शिशु लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान छेडऩे पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आई.जी.एम.सी. अगले वर्ष अक्तूबर माह में अपनी स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है। उन्होंने संस्थान को सफलता की ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए आई.जी.एम.सी. प्रबन्धन एवं अध्यापकों की सराहना की। श्री ठाकुर ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए विद्यार्थियों की पीठ थपथपाई।इससे पूर्व, केन्द्रीय विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष श्री पियूष के. शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उनके समक्ष विभिन्न मांगें प्रस्तुत की। उन्होंने परिसर में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग के साथ-साथ छात्रावासों में अधिक सुविधाएं व पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर विद्यार्थियों के वजिफे में वृद्धि करने की मांगें रखीं। उद्योग मंत्री श्री अग्निहोत्री, नगर निगम शिमला के महापौर श्री संजय चैहान, उप-महापौर श्री टिकेन्द्र पंवर, आई.जी.एम.सी. के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चन्द, आई.जी.एम.सी. के उप-प्रधानाचार्य डा. के.पी. चैधरी, सलाहकार डा. संजीव शर्मा, डा. पियूष कपिला, डा. राजेश कश्यप, डा. डी.के. वर्मा और डा. राजीव रैणा, केन्द्रीय विद्यार्थी संघ के महासचिव श्री निखिल मांटा सहित अन्य वरिष्ठ डॉक्टर, स्टाफ तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
भारत सरकार ने दी एम.बी.बी.एस. के लिए 200 सीटों की मंजूरी
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि भारत सरकार ने इन्दिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला और डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा में अकादमिक सत्र 2015-16 के लिए एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम में 200 विद्यार्थियों के दाखिले की अनुमति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कॉलेज में एम.बी.बी.एस. की 100-100 सीटें रहेंगी। प्रवक्ता ने कहा कि भारत सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद की संस्तुतियों को मंजूरी प्रदान की है। भारतीय चिकित्सा परिषद ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा का औचक निरीक्षण कर कुछ कमियों को इंगित किया था, जिन्हें प्रदेश सरकार ने दूर किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद ने मंजूरी के लिए अन्तिम संस्तुति भेजने से पूर्व नियमों की अनुपालना की पुष्टि के लिए 8 अप्रैल, 2015 को एक और औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारतीय चिकित्सा परिषद के दल द्वारा इंगित की गई कमियों को दूर करने के लिए गम्भीर प्रयास किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री ने केन्द्र सरकार के समक्ष चिकित्सा महाविद्यालयों में सीटों को मंजूरी प्रदान करने का मामला भी उठाया था। प्रवक्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार का यह फैसला एम.बी.बी.एस. की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को बेहतर अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ रोगियों की समुचित देखभाल सुनिश्चित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने किया राज्य कृषि प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में कन्वैन्शन सेंटर एवं हॉस्टल का लोकार्पण
- किसानों से नकदी फसलों के साथ-साथ परम्परागत फसलों की खेती जारी रखने का आह्वान
- 2000 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि लाई जाएगी जैविक खेती के अधीन
- 20 हजार केंचुआ खाद इकाइयां की जाएंगी स्थापित, 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता के हकदार होंगे किसान
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने राज्य कृषि प्रशिक्षण संस्थान मशोबरा में 5 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कन्वैन्शन सेंटर एवं हॅास्टल के लोकार्पण के उपरान्त कहा कि हिमाचल प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है तथा प्रदेश के बहुत से लोग कृषि, बागवानी और अन्य संबंधित क्षेत्रों पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि लोग अब फसलों के उत्पादन एवं आय में वृद्धि के लिए व्यापक स्तर पर नई आधुनिक तकनीकी को अपना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में पढ़े लिखे युवा भी कृषि एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों की ओर ध्यान दे रहे हैं तथा अद्यतन तकनीकी की सहायता से बे-मौसमी सब्जियों, फलों और अन्य फसलों की खेती में रूचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विगत कुछ वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में अत्याधिक प्रगति हुई है और युवा सरकारी नौकरियों के पीछे भागने के बजाए कृषि एवं बागवानी गतिविधियों को अपना रहे हैं तथा अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से खेती बाड़ी में नई तकनीकी के भरपूर उपयोग व नकदी फसलों के उत्पादन के साथ-साथ परम्परागत फसलों की खेती जारी रखने का आह्वान किया। वीरभद्र सिंह ने किसानों को और अधिक सिंचाई एवं टपक फव्वारा सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के लोगों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है ताकि वे बड़ी मात्रा में बे-मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर सकें तथा पुष्प उत्पादन और डेयरी फार्मिंग को बड़े स्तर पर अपनाएं, इससे राज्य के बागवानों एवं किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि योग्य भूमि को बाढ़ से बचाने तथा इसे पुन: कृषि योग्य बनाने के उद्देश्य से 1000 करोड़ रुपये लागत की स्वां तटीकरण परियोजना कार्यान्वित की जा रही है, जिसके तहत स्वां नदी के साथ-साथ इसकी सभी 73 सहायक नदियों का तटीकरण किया जा रहा है। इसी तरह प्रदेश में बड़ी संख्या में नहरों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई एवं टपक फव्वारा सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर बल दे रही है। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप पब्बर नदी के संदासु से रोहडू तक के तटीकरण के लिए केन्द्र से मंजूरी प्राप्त हुई है, जिसका प्रारूप पहले ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बहुत सी लघु एवं सूक्ष्म सिंचाई योजनाएं कार्यान्वित की जा रहीं हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से नकदी फसलों के अतिरिक्त बे-मौसमी सब्जी उत्पादन कर कृषि में विविधता लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बे-मौसमी सब्जियों का उत्पादन बढक़र 14 लाख टन हो गया है, जिससे 2500 करोड़ रुपये की आय सृजित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान 2000 अतिरिक्त हेक्टेयर क्षेत्र को जैविक खेती के अन्तर्गत लाएगी और 20 हजार केंचुआ खाद की इकाइयां स्थापित करने के लिए किसानों को 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। श्री वीरभद्र सिंह ने इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को पुरस्कार वितरित किए और कृषि बागवानी, पुष्प उत्पादन क्षेत्र में कठिन परिश्रम करने को कहा। उन्होंने कृृषि एवं बागवानी क्षेत्र में नई खोज करने वाले पुरस्कृत किसानों को बधाई दी। कृषि एवं ऊर्जा मंत्री श्री सुजान सिंह पठानिया ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश में बेमौसमी सब्जियां उगाने की अपार संभावनाएं हैं और किसान बेमौसमी सब्जियां और पुष्प उत्पादन अपनाकर और अधिक आर्थिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014-15 के दौरान 70 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में बेमौसमी सब्जियां उगाई गईं, जिससे 2500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए यह बेहतर विकल्प है जिससे जहां वे आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी उपलब्ध होगा। इस अवसर पर सब्जियों व फलों की अनेक किस्मों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्य संसदीय श्री रोहित ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।इससे पूर्व निदेशक कृषि डॉ. जे.सी. राणा ने इस अवसर पर उपस्थित मुख्य अतिथि तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने नवीनतम कृषि गतिविधियों एवं तकनीकों तथा किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों बारे भी विस्तृत जानकारी दी। विधायक श्री अनिरूद्ध सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती उपमा चैधरी, विपणन बोर्ड के सलाहकार श्री देवेन्द्र श्याम उपायुक्त श्री दिनेश मल्होत्रा, किसान सलाहकार समिति के सदस्य, मशोबरा तथा बसंतपुर विकास खंड के प्रगतिशील किसान इस अवसर पर उपस्थित थे।
सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं दें डॉक्टर: श्री वीरभद्र सिंह
- मुख्यमंत्री ने की प्रशिक्षु डॉक्टरों का स्टाइपंड बढ़ाने की घोषणा
- अत्याधुनिक लैक्चर थियेटर-एवं-सम्मेलन कक्ष और कैफेटेरिया का भी किया उद्घाटन
शिमला, 16 जून (विजयेन्दर शर्मा) । मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने सोमवार सांय इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आई.जी.एम.सी.) के सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रशिक्षु डॉक्टरों को प्रदान किए जाने वाले ‘स्टाइपंड’ को 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने आईजीएमसी परिसर को वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी एवं डॉक्टरों को उनके शोध कार्यों में सुविधा होने के अतिरिक्त वे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में अद्यतन तकनीकी का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों में स्वेच्छा से सेवाएं देने का आह्वाहन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने डॉक्टरों को दूर-दराज क्षेत्रों में अनिवार्य सेवाएं देने पर ही डिग्री प्रदान करने पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि डॉक्टरों को ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में तीन वर्षों की अनिवार्य सेवाएं देने के उपरांत ही डिग्री प्रदान की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को सुदूरवर्ती क्षेत्रों में सेवाएं देने से नहीं घबराना चाहिए, क्योंकि इन क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सुदूरवर्ती एवं जनजातीय क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार केलांग और काजा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सार्वजनिक निजी भागीदारी के आधार पर पायलट टेली-मेडिसिन परियोजना आरंभ करेगी। यह योजना सिरमौर और चंबा जिलों के दर्जनभर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरंभ करने के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोडरा-क्वार में भी आरंभ की जाएगी। श्री वीरभद्र सिंह ने शिमला नगर निगम को छात्रावास के लिए जाने वाली सडक़ को पक्का करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार डॉक्टरों की मांगों से भलीभांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थल पर जगह की कमी होने के चलते छात्रावासों का निर्माण आई.जी.एम.सी. के दूसरे परिसर के लिए भट्टाकुफर के नजदीक शुराला में प्रस्तावित स्थल के समीप किया जाएगा, जिसके लिए पहले से ही 250 बीघा भूमि चिन्हित कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अन्तर्गत सुपरस्पेशियलिटी खण्ड के निर्माण कार्य की प्रक्रिया आरम्भ होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि आई.जी.एम.सी. अगले अक्तूबर माह में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करने जा रहा है तथा संस्थान ने इन वर्षों में देश भर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि जगह की तंगी के चलते प्रदेश सरकार ने बहुमंजिला भवन निर्मित कर महाविद्यालय का विस्तार किया लेकिन अब परिसर को दबावमुक्त बनाने के लिए विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार निजी क्षेत्र को प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालय खोलने के लिए प्रोत्साहित करने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने के लिए इच्छुक संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिलासपुर में अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान (एम्स) खोलने का निर्णय लिया है, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। इसके अतिरिक्त चम्बा, हमीरपुर और मण्डी में प्रति कॉलेज 190 करोड़ रुपये व्यय करके तीन चिकित्सा महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार कैंसर मरीजों एवं तामीरदारों को ठण्ड की समस्या से राहत प्रदान करने के दृष्टिगत कैंसर अस्पताल को स्थानांतरित करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग महाविद्यालय को भी घणाहट्टी स्थानान्तरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आई.जी.एम.सी. में ओ.पी. खण्ड एवं प्रशासनिक खण्ड का निर्माण कार्य आरम्भ हो चुका है, इन निर्माण कार्यों पर क्रमश: 56.20 करोड़ व 7.93 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित वृद्धाश्रम का निर्माण मशोबरा में किए जाने के दृष्टिगत वृद्धाश्रम के लिए उपलब्ध भूमि को आई.जी.एम.सी. को सौंपा जाएगा। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक लैक्चर थियेटर कम सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन किया। यह हिमाचल प्रदेश में अपनी तरह का अनूठा सम्मेलन कक्ष है, जो देश के विभिन्न अस्पतालों से ऑनलाईन जुड़ा होगा तथा भारतीय चिकित्सा परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अद्यतन अध्यापन प्रणाली से सुसज्जित होगा। इस कक्ष के माध्यम से आई.जी.एम.सी. से जुड़े अन्य प्रशिक्षु डॉक्टर ‘लाईव सर्जरी’ देख सकेंगे। उन्होंने ‘कालेज कैफेटेरिया’ का भी उद्घाटन किया। श्री वीरभद्र सिंह ने परीक्षाओं व अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए तथा महाविद्यालय पत्रिका का विमोचन भी किया। स्वास्थ्य मंत्री श्री कौल सिंह ठाकुर ने अपने सम्बोधन में घटते शिशु लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान छेडऩे पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि आई.जी.एम.सी. अगले वर्ष अक्तूबर माह में अपनी स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाने जा रहा है। उन्होंने संस्थान को सफलता की ऊंचाईयों पर ले जाने के लिए आई.जी.एम.सी. प्रबन्धन एवं अध्यापकों की सराहना की। श्री ठाकुर ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए विद्यार्थियों की पीठ थपथपाई।इससे पूर्व, केन्द्रीय विद्यार्थी संघ के अध्यक्ष श्री पियूष के. शर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उनके समक्ष विभिन्न मांगें प्रस्तुत की। उन्होंने परिसर में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग के साथ-साथ छात्रावासों में अधिक सुविधाएं व पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर विद्यार्थियों के वजिफे में वृद्धि करने की मांगें रखीं। उद्योग मंत्री श्री अग्निहोत्री, नगर निगम शिमला के महापौर श्री संजय चैहान, उप-महापौर श्री टिकेन्द्र पंवर, आई.जी.एम.सी. के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश चन्द, आई.जी.एम.सी. के उप-प्रधानाचार्य डा. के.पी. चैधरी, सलाहकार डा. संजीव शर्मा, डा. पियूष कपिला, डा. राजेश कश्यप, डा. डी.के. वर्मा और डा. राजीव रैणा, केन्द्रीय विद्यार्थी संघ के महासचिव श्री निखिल मांटा सहित अन्य वरिष्ठ डॉक्टर, स्टाफ तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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