पटना जिले के बाढ़ में चार युवकों के अपहरण और उनमें से एक की हत्या के आरोपों से घिरे मोकामा के जनता दल (युनाइटेड) विधायक अनंत सिंह को बुधवार को एक अन्य अपहरण के मामले में गिरतार कर लिया गया है। विधायक के घर में तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने इंसास रायफल की छह गोलियां और खून से सने कुछ कपड़े बरामद किए हैं। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास वैभव ने बताया कि पिछले वर्ष नवंबर में बिहटा थाने में दर्ज बिल्डर्स व ठेकेदार राजू सिंह के अपहरण और रंगदारी (जबरन पैसा मांगने) के मामले पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार विधायक को पटना के सचिवालय थाने ले जाया गया है।
उन्होंने बताया कि सिंह के पटना स्थित सरकारी आवास से पुलिस ने इंसास रायफल की छह गोलियां, खून से सने कुछ कपड़े तथा एक बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद किए हैं। बाढ़ में चार युवकों के अपहरण और एक की हत्या के मामले में पुलिस की जांच चल रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पांच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही है। इधर, गिरफ्तारी के बाद विधायक अनंत संह ने खुद को निर्दोष बताया है। इसके पूर्व बाढ़ में युवकों की हत्या और अपहरण के मामले में संलिप्तता उजागर होने के बाद बुधवार सुबह विधायक ने सभी आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि पटना के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जितेंद्र राणा ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर उनका नाम उछाला है।
विधायक अनंत ने कहा कि राणा स्थानांतरण के बाद ऐसा कह रहे हैं, जो सरासर गैरकानूनी है। विधायक ने पत्रकारों को बताया कि युवकों के अपहरण के बाद खुद उनके परिजनों ने फोन कर अपहृत युवकों को छुड़ाने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच के लिए तैयार हैं। गौरतलब है कि विधायक की पहचान 'छोटे सरकार' के रूप में की जाती है। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को निवर्तमान एसएसपी राणा ने पदभार छोडने के ठीक पहले एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि गत 17 जून को पटना के बाढ़ क्षेत्र से जिन चार युवकों का अपहरण कर उनमें से एक की हत्या कर दी गई थी, इस मामले में अनंत सिंह की संलिप्तता उजागर हुई है।
राणा ने बताया कि इस मामले में गिरतार भूषण सिंह, कन्हैया, मनीष, ऋषि और शिवम ने पुलिस के समक्ष इस मामले में विधायक की भूमिका उजागर की है। उन्होंने बताया कि मुख्य अभियुक्त प्रताप सिंह अभी भी फरार है। राणा ने बताया कि बाढ़ बाजार में कुछ युवकों द्वारा एक महिला के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसकी जानकारी जब विधायक को हुई तो उन्होंने प्रताप सिंह उर्फ घोड़ा को उन लड़कों को सबक सिखाने को कहा। इसके बाद प्रताप ने साथियों के साथ चार युवकों का अपहरण कर लिया। अगले दिन उनमें से एक पवन उर्फ पुटुस यादव का शव बरामद किया गया।
उल्लेखनीय है कि राणा का स्थानांतरण पूर्वी चंपारण कर दिया गया है जबकि विकास वैभव के पटना का एसएसपी बनाया गया है। पुटुस के पिता के बयान पर भूषण सिंह, प्रताप सिंह, कन्हैया, मनीष, ऋषि व अज्ञात के विरुद्घ हत्या की प्राथमिकी बाढ़ थाने में दर्ज कराई गई थी। जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि कानून अपना काम करेगी। सरकार किसी भी विधायक को संरक्षण नहीं देगी। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने भी पुटुस हत्याकांड में सरकार से विधायक पर कारवाई करने की मांग की है।

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