- - ओवरलोडिंग, कोयला गाडि़यों की रफ्तार, खुले खदानों की सुरक्षा समेत कई अन्य मुद्दों पर उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना व सीसीएल प्रबंधन को लिखित आवेदन दिए जाने के बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई
- - ग्राम समिति के सदस्यों ने बाकायदा महाप्रबंधक से मुलाकात कर भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने व फर्जी रैयतों व पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से हो रहे ओवरलोडिंग के खेल को दूर करने की अपील की है
कुमार गौरव, रामगढ़: फर्जी रैयतों को नौकरी व मुआवजे के पक्ष में कार्य कर रहा है सीसीएल प्रबंधन...सरकार के राजस्व पदाधिकारी फर्जी रैयतों के नाम कर रहे गैरमजरूआ भूमि...यहां भ्रष्टाचार, ठेकेदारी, फर्जी रैयतों व दबंगों का है बोलबाला...सभी तंत्र फेल और भ्रष्ट अधिकारी पास...30 लाख टन कोयला उत्पादन व स्थल निरीक्षण में गड़बड़ी...आॅन स्पाॅट सत्यापन कर रैयतों को कागजात नहीं दिए जाने...उपायुक्त के आदेशों के बावजूद कोयला ओवरलोडिंग का खेल...ओवरलोडिंग को ले सीसीएल प्रबंधन के सुरक्षा प्रहरी व धर्म कांटा के कर्मियों पर कार्रवाई संबंधी आदेशों की अवहेलना...सीओसीपी के लिए किए गए आउटसोर्सिंग टेंडर प्रक्रिया व गलत तरीके से ठेके की स्वीकृति...
समेत कई अन्य ऐसे मुद्दे हैं जो इन दिनों कोयलांचल में सिर चढ़ कर बोल रहे हैं। उच्च स्तरीय जांच की भी बात सामने आ रहीं हैं लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात ही साबित हो रहे हैं। नतीजतन छोटे बड़े नेताओं ने जहां मोर्चा खोल लिया है वहीं इन मोर्चाओं को स्थानीय लोगों का भी समर्थन प्राप्त हो रहा है। ग्राम समिति, आरा के संतोष महतो (अध्यक्ष), कमलनाथ महतो (सचिव) की अगुवाई में क्षेत्र के दर्जनों लोगों ने 12 सूत्री मांगों के आलोक में महाप्रबंधक, सीसीएल कुजू क्षेत्र को ज्ञापन सौंप कर हो रहे तमाम गड़बड़झाले के बारे जानकारी दी है। ग्राम समिति के सदस्यों ने बाकायदा महाप्रबंधक से मुलाकात कर भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने व फर्जी रैयतों व पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से हो रहे ओवरलोडिंग के खेल को दूर करने की अपील की।
क्या है ग्राम समिति सदस्यों की 12 सूत्री मांग व आरोप:
जमीन में दखल कब्जा किसी और का है कागजात के मालिक कोई और है और भ्रष्ट सीसीएल पदाधिकारियों की मिलीभगत से नौकरी किसी और को मिल रही है सीसीएल प्रबंधन के पदाधिकारी अपनी गलती को छिपाने के लिए विवरणी/टिप्पणी में जो रिपोर्ट दिखाई गई है वह गलत है, ग्राम समिति के सदस्य कहते हैं कि भू-माफियाओं द्वारा जो तथाकथित सत्यापित कागजात दिखाए गए हैं उसका स्थल निरीक्षण नहीं किया गया है
सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत सीओसीपी को चलाने व भूमि के स्वामित्व प्राप्त रैयतों को परियोजना से क्या क्या लाभ मिलेगा, रैयतों को गुमराह कर ठेकेदारों, सफेदपोश, बिचैलियों व दबंगों तथा ट्रेड यूनियन को लाभ पहुंचाने के मकसद से सीसीएल प्रबंधन के सभी विभागों से अनुमति ली गई है, रैयतों को नौकरी के अलावे वैकल्पिक रोजगार किस तरह से सुनिश्चित किए जाएंगे तथा ओबी का टेंडर गलत तरीके से पारित की गई है इसे निरस्त किए जाने की मांग की जा रही है कुजू क्षेत्र अंतर्गत सभी विभाग मसलन भूमि एवं राजस्व, योजना एवं परियोजना, माइनिंग, सिक्यूरिटी, सिविल ई एंड एम में भ्रष्टाचारियों का बोलबाला है इसे पटरी पर लाने व बड़ी मछलियों (कोल माफियाओं) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत सीओसीपी को चलाने व इसके प्लान की बारीकियों पर गहनता से पड़ताल करने व सपोर्टिंग कागजात की जांच करने की मांग रैयतों के हित में सीआईएल द्वारा बनाए गए सर्कुलर व पाॅलिसी को लागू किए जाने की मांग ओवरलोडिंग, कोयला गाडि़यों की रफ्तार, खुले खदानों की सुरक्षा समेत कई अन्य मुद्दों पर उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना व सीसीएल प्रबंधन को लिखित आवेदन दिए जाने के बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत आर एंड आर पाॅलिसी के तहत प्रत्येक परियोजना में आर एंड आर कमेटी बनाने को लेकर मुख्यालय से आए हुए आदेशों की अवहेलना, परियोजना पदाधिकारी भू-माफियाओं, दबंगों, बिचैलियों, ठेकेदार व कोयला माफियाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं
सरकार व भ्रष्ट अधिकारियों के बीच रस्साकसी का खामियाजा आमजनों को उठाना पड़ता है, अंचल या जिला राजस्व पदाधिकारी और सीसीएल के पदाधिकारी एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते मशगुल रहते हैं और कार्रवाई सिफर रहती है सीसीएल प्रबंधन किसी भी कार्य को निर्धारित समय पर पूरा नहीं करता है, मूलभूत आवश्यकताओं को सीआईएल के सर्कुलर अनुसार रैयतों/ग्रामीणों के हित में ससमय लागू किया जाए मौजा आरा थाना नंबर 156 सीसीएल कुजू एरिया के आरा सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत 441.49 एकड़ भूमि का स्थल निरीक्षण जांच संबंधी उपायुक्त के आदेशों को पूरा करने व वर्तमान में सीओसीपी को चलाने के नाम पर सीसीएल व अन्य को गुमराह करने वाले भ्रष्ट पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है सारूबेड़ा सीओसीपी से जिन 26 व्यक्तियों को भूमि के बदले नौकरी दी जा रही है उस बेंच में शामिल पदाधिकारियों द्वारा बड़ी गलती की जा रही है और उसे सीसीएल प्रबंधन द्वारा छिपाया जा रहा है, प्रोजेक्ट प्लान से हटकर अधिकारियों द्वारा नौकरी व मुआवजा देने लेने की प्रक्रिया की जा रही है जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सीसीएल प्रबंधन अपने उद्देश्य से भटक रहा है।
ग्राम समिति, आरा समेत विस्थापित मोर्चा द्वारा सीसीएल प्रबंधन को समय समय पर आवेदनों के माध्यम से तमाम गड़बड़झाले के बारे सूचित भी किया गया लेकिन समिति सदस्यों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर नतीजा सिफर है। पुलिस प्रशासन, ठेकेदार व भ्रष्ट पदाधिकारियों की कारगुजारी जारी है और सीसीएल का उच्च प्रबंधन इन तमाम बातों से महज कोई इत्तेफाक नहीं रखता।
कब क्या आवेदन सीसीएल प्रबंधन को सौंपा गया:
दिनांक/पत्रांक संख्या विषय
05.05.2014-------आर एंड आर कमेटी के संबंध में
16.08.2014-------आरा परियोजना अंतर्गत अधिग्रहण कार्य में घरों का प्राक्कलन/मूल्यांकन कार्य में अनियमितता के संबंध में
03.09.2014-------सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में
29.09.2014-------सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में
29.09.2014-------सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में
29.09.2014-------प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी जो कुजू एरिया में कांट्रैक्ट पर ली गई है उसके कारण दिनांक 23.09.2014 को 08ः30 बजे से 02ः00 बजे दिन तक फिटर ब्रेकर कांटा बंद रखा गया, जांचोपरांत कार्रवाई के संबंध में
20.02.2015-----गलत नीतियों व कार्यों के रोकथाम व रैयतों के हितों को लेकर 12 सूत्री मांगों के संबंध में
26.02.2015/वीएसएम/02/2015--दिनांक 20.02.2015 को दिए गए 12 सूत्री मांग पत्र के संबंध में
04.03.2015/वीएसएम/03/2015--दिनांक 20.02.2015 व 26.02.2015 को दिए आवेदन के संबंध में
23.02.2015------नौकरी, मुआवजा व बकाया राशि (फसल क्षतिपूर्ति) के संबंध में
12.03.2015/वीएसएम/04/2015--दिनांक 09 मार्च 15 को सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत किए गए स्थल निरीक्षण के संबंध में
07.04.2015/16/वीएसएम/2015--विस्थापित प्रभावित ग्रामीण रैयतों के बच्चों को शिक्षा पर प्राथमिकता को लेकर पाॅलिसी तय करने के संबंध में
07.04.2015/वीएसएम/15/2015--सीसीएल प्रबंधन द्वारा कुजू क्षेत्र अंतर्गत अधिग्रहण किए जाने व गैर मजरूआ जमीन का स्थल निरीक्षण कराने व ग्रामीणों के नाम सत्यापन करने के संबंध में
14.05.2015/वीएसएम/18/2015--जान माल की सुरक्षा के संबंध में
14.05.2015/वीएसएम/17/2015--सीसीएल कुजू क्षेत्र अंतर्गत कोयला ओवरलोडिंग परिचालन के संबंध में
14.05.2015---------- मौजा आरा थाना नंबर 156 अंतर्गत सीसीएल द्वारा 441.49 एकड़ गैरमजरूआ भूमि अधिग्रहण किए जाने व बिचैलियों व फर्जी रैयतों को लाभ पहुंचाने के संबंध में
15.05.2015/वीएसएम/20/2015------दिए गए आवेदनों के संबंध में
27.05.2015/003/जीएस/आरा/15---आरा परियोजना अंतर्गत 16 वीं क्वारी में पानी सप्लाई जाॅब में ग्राम आरा के बेरोजगार नवयुवकों को रखने व अन्य समस्याओं के संबंध में
12.06.2015/05/जीएस/आरा/15----मौजा आरा खाना 57, प्लाॅट नंबर 568, 1112, 1315, 1378 व अन्य में आरा परियोजना सारूबेड़ा परियोजना अंतर्गत फर्जी रैयतों द्वारा बिना दखल कब्जा के प्रबंधन व संबंधित पदाधिकारियों से मिलीभगत कर नौकरी व मुआवजा लेने पर रोक लगाने के संबंध में
ऐसे न जाने कई अन्य आवेदनों पर आजतक सीसीएल प्रबंधन पर कार्रवाई नहीं करने का ग्राम समिति समेत अन्य विस्थापित मोर्चा के सदस्यों ने आरोप मढ़ा है और अब तो उन्होंने सीधी लड़ाई करने व सीसीएल के आला अधिकारियों से इस बाबत शिकायत दर्ज करने की भी बात कही है ताकि कोल फील्ड के ग्रामीणों को न्याय व उनका हक मिल सके।
क्या कहते हैं महाप्रबंधक: डीबी रेवेतकर, महाप्रबंधक सीसीएल, कुजू क्षेत्र कहते हैं कि फर्जी रैयत या फिर नौकरी व मुआवजे को लेकर पहले से ही टीम का गठन कर दिया गया है ताकि इन तमाम विसंगतियों को दुरूस्त किया जा सके। विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी व जिला राजस्व पदाधिकारी कार्यालय से जो सत्यापित कागजात आते हैं उसी को आधार बना कर नौकरी व मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाती है। वहीं कोयला ओवरलोडिंग की समस्या पर कहते हैं कि स्थानीय प्रशासन की मदद से समय समय पर कार्रवाई अमल में लाई जाती है और क्षेत्र में मौजूद सभी कांटा का भी मुआयना किया जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें