केजरीवाल के विज्ञापन पर रोक से अदालत का इनकार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 20 जुलाई 2015

केजरीवाल के विज्ञापन पर रोक से अदालत का इनकार


court-deny-to-stop-kejriwal-ad
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को उस विज्ञापन के प्रसारण पर अंतरिम निलंबन से इनकार कर दिया, जिसमें कथित तौर पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा आम आदमी पार्टी (आप) का महिमामंडन किया जा रहा है। न्यायाधीश वी.पी. वैश ने याचिका पर जवाब के लिए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई की अगली तारीख तीन अगस्त मुकर्रर की। 

न्यायालय एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) न्याय पथ की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें एक टेलीविजन विज्ञापन को तत्काल वापस लेने तथा केजरीवाल द्वारा भ्रष्टाचार विरोधी व जनहितैषी छवि बनाए जाने की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी। 

उल्लेखनीय है कि केजरीवाल सरकार ने 12 जुलाई को टैगलाइन 'वो परेशान करते रहे, हम काम करते रहे' वाला विज्ञापन जारी किया था। यह विज्ञापन दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को परेशान करने वालों पर नागवार गुजरा है।

कोई टिप्पणी नहीं: