विनोद कुमार लाल पूर्व की तरह ही नगर पर्षद के उपाध्यक्ष बने रहेगें - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 20 जुलाई 2015

विनोद कुमार लाल पूर्व की तरह ही नगर पर्षद के उपाध्यक्ष बने रहेगें

मामला झारखण्ड की उप राजधानी दुमका के नगर पर्षद का। दिनांक 22.09.2014 को नगर पर्षद के उपाध्यक्ष विनोद कुमार लाल के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने की हुई थी एक बड़ी पहल। विरोधी वार्ड पार्षदों द्वारा श्री लाल को पद्च्यूत किये जाने से संबंधित रची गई थी साजिश। मामले को ले जाया गया हाईकोर्ट। हाईकोर्ट (राँची) ने अपने न्यायादेश में कहाः-हावइवर आॅफटर दी रिपोर्ट फ्राॅम दी डिप्टी कमिश्नर, दुमका इज रिसिव्ड ए डिसीजन मेय वी टेकेन आॅन दी रिप्रजेन्टेशन सबमिटेड बाय दी पिटिशनर आॅन 24.09.2014 एक्सपेडिसीयली। श्री लाल ने कहा सत्य की हुई जीत, असत्य पराजित हुआ। 

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नगर पर्षद दुमका के उपाध्यक्ष विनोद कुमार लाल के विरुद्ध 22.09.2014 को लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की विधिक मान्यता नहीं रहने के कारण सम्यक विचारोपरांत नगर विकास विभाग, झारखण्ड राँची के पत्रांक 4329 दिनांक 10.10.2014 को निरस्त करते हुए पत्रांक 4270 दिनांक 30.09.2014 को उक्त तिथि से ही पुनर्जीवित करने, श्री लाल के पूर्ववत उपाध्यक्ष बने रहने, 22.09.2014 से वर्तमान समय तक उनके बिताए गए अवधि को कार्यावधि मानने, उपरोक्त तिथि से ही वर्तमान समय तक अनुमान्य मानदेय की राशि के हकदार होने व डब्ल्यू0 पी0 (सी) न0-5537/ 2044 विनोद कुमार लाल बनाम राज्य सरकार व अन्य में झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा 26.02.2015 को पारित न्यायादेश का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के बाद एलपीए न0-203/2015 (विनोद कुमार लाल बनाम राज्य सरकार व अन्य) के फलाफल का इंतजार किये जाने के कोई औचित्य नहीं रह जाने से संबंधित सरकार के उप सचिव शशिभूषण मेहरा ने ज्ञापांक-2431 दिनांक 13.07.2015 द्वारा विनोद कुमार लाल को पत्र निर्गत कर नगर पर्षद दुमका में पूर्ववतः उपाध्यक्ष बने रहने का पत्र जारी किया जिसे श्री लाल ने लोकतंत्र में एक बड़ी जीत बतलाया। न्यायपालिका पर पूण्र आस्था प्रकट करते हुए श्री लाल ने सन्मार्ग से साक्षात्कार के क्रम में कहा उन्हें पूरा विश्वास था कि असंवैधानिक रुप से उनके विरुद्ध लिये गए अविश्वास प्रस्ताव के विरुद्ध उन्हें न्याय प्राप्त होगा। विदित हो, डीसी दुमका द्वारा प्राधिकृत पीठासीन पदाधिकारी रोबिन टोप्पो (डायरेक्टर, डीआरडीए) दुमका की देखरेख में झारखण्ड न्यायपालिका (उप महापौर /उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव संचालन प्रक्रिया) नियमावली 2014 के नियम 3 के उप नियम (1) के तहत नगर पर्षद दुमका के उपाध्यक्ष विनोद कुमार लाल के विरुद्ध 22.09.2014 को लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद उन्हें पदच्यूत कर दिया गया था जबकि श्री लाल ने इस  प्रक्रिया को कानून के प्रतिकुल बतलाया था। श्री लाल के आवेदक के समीक्षोपरांत उनके विेरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को विधिसम्मत नहीं मानते हुए विभागीय पत्रांक 4270 दिनांक 30.09.2014 द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को सूचित कर दिया गया। पुनः विभागीय पत्रांक 4270 दिनांक 30.09.2014 को दूसरे (पत्रांक-4329 दिनांक 10.10.2014) द्वारा निरस्त कर डीसी दुमका को श्रीलाल के विेरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में जाँच कर प्रतिवेदन की माँग की गई। नगर विकास विभाग झारखण्ड राँची द्वारा निर्गत पत्रांक-4329 दिनांक 10.10.2014 को रद्द किये जाने से संबंधित उंच्च न्यायालय राँची में मामला दायर किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेश में कहा गया कि हावइवर आॅफटर दी रिपोर्ट फ्राॅम दी डिप्टी कमिश्नर, दुमका इज रिसिव्ड ए डिसीजन मेय वी टेकेन आॅन दी रिप्रजेन्टेशन सबमिटेड बाय दी पिटिशनर आॅन 24.09.2014 एक्सपेडिसीयली। 

नगर पर्षद उपाध्यक्ष श्री लाल के समर्थकों में काफी प्रसन्न्ता देखी गई। श्री लाल के समर्थक वार्ड पार्षदों के अनुसार यह सत्य की जीत है। सत्य परेशान हो सकता है किन्तु वह टूट नहीं सकता। नगर पर्षद दुमका में फिर से पुरानी चहलकदमी देखी जा रही है। 




(अमरेन्द्र सुमन)

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