नई दिल्ली। अब शुरुआती लक्षणों के बाद ही स्तन कैंसर का पता चल जाएगा जिससे समय पर इलाज शुरू हो सकेगा। स्तन कैंसर से होने वाली मौतों पर नियंत्रण की कोशिशों के तहत दिल्ली में अत्याधुनिक जांच उपकरण स्थापित किया गया है।फ्यूजीफिल्म ने नई दिल्ली के बत्रा अस्पताल और मेडिकल शोध केंद्र को यह अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन एम्युलेट इनोवेलिटी उपलब्ध कराई है।
देर से इलाज शुरू होने के कारण स्तन कैंसर से होनी मृत्यु में इजाफा हुआ है। भारत में 92 प्रतिशत मामलों में स्तन कैंसर का पता तब चल पाता है जब मरीज दूसरे स्टेज की अवस्था पार कर चुकी होती है। स्तन कैंसर का समय पर इलाज शुरू होने पर मरीज के जीवित रहने की संभावना 90 फीसदी तक बढ़ जाती है। बत्रा अस्पताल के एनेस्थिसियोलाजी एंड क्रिटिकल केयर के प्रमुख डा. पवन गुरहा के अनुसार महिलाओं के लिए स्क्रीनिंग के सर्वश्रेष्ठ उपकरण बेहद जरूरी हैं। इस दिशा में नई मशीन कारगर साबित होगी।
फ्यूजीफिल्म इंडिया के प्रबंध निदेशक यसुनोबु निशियामा ने बताया कि नई मशीन में अत्याधुनिक टोमोसिन्तेसिस प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है। यह मशीन डिजिटल चित्रों को थ्री जी रिकंस्ट्रक्शन में बदल देती है। इससे मरीज के शरीर की आंतरिक संरचना स्पष्ट हो जाती है। इससे कैंसर के घाव का जल्द पता चल जाता है। देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी मशीनों की स्थापना की फ्यूजी की योजना है।

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