मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर के जवाहर लाल नेहरू प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षणरत उपनिरीक्षक अनामिका कुशवाहा की आत्महत्या को दुखद बताया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि हर मौत को व्यापमं से जोड़ना न्यायसंगत नहीं है। राज्य में इन दिनों व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों और इस संबंध में हो रही मौतों का मामला गरमाया हुआ है। व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षा में उपनिरीक्षक के पद पर चयनित अनामिका ने सोमवार को तालाब में कूदकर आत्महत्या कर ली है। कांग्रेस इस मौत को व्यापमं से जोड़ रही है।
लेकिन मुख्यमंत्री चौहान ने कहा है कि हर मौत दुखद होती है और हर मौत को व्यापमं से जोड़ा जाना न्याय संगत नहीं है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस मौत का व्यापमं से कोई लेना-देना नहीं है। ज्ञात हो कि राज्य में इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज में दाखिले से लेकर विभिन्न विभागों की भर्तियों की परीक्षा व्यापमं आयोजित करता है। इन दाखिलों और भर्तियों में हुई गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद जुलाई 2013 में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से लेकर व्यापमं के पूर्व नियंत्रक पंकज त्रिवेदी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जेल में हैं। राज्यपाल रामनरेश यादव पर भी सिफारिश करने का प्रकरण दर्ज है।
उच्च न्यायालय द्वारा गठित एसआईटी के निर्देशन में एसटीएफ इस मामले की जांच कर रहा है। अब तक 18 सौ से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। वहीं इस मामले से जुड़े लोगों की मौतें भी हो रही हैं। कांग्रेस मौतों का आंकड़ा 48 बता रही है तो विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मौतों का आंकड़ा 33 माना है। सरकार अधिकतम 25 बता रही है, जिसमें से 11 मौतें प्रकरण दर्ज होने से पहले की हैं।

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