पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की अंत्येष्टि उनके परिजनों की इच्छा अनुसार तमिलनाडु स्थित रामेश्वरम में उनके गृहनगर में होगी। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सितांशु कर ने मंगलवार को घोषणा की, "अंत्येष्टि रामेश्वरम में होगी।" 'मिसाइल मैन' के नाम से मशहूर कलाम का सोमवार को मेघालय की राजधानी शिलांग में निधन हो गया। वह भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग में एक व्याख्यान देते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह वायुसेना के विशेष विमान से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लाया गया।
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कलाम की अंत्येष्टि उनके गृहनगर में होने की पुष्टि की। कलाम के भाई के पोते ए.पी.जे.ए.के. शेख सलीम ने बताया, "बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र, शुभचिंतक और आम लोग रामेश्वरम स्थित कलाम के घर पर एकत्रित हुए हैं।" रामेश्वरम चेन्नई से करीब 600 किलोमीटर दूर है और यह रामनाथपुरम जिले के अंतर्गत आता है। कलाम का जन्म रामेश्वरम में हुआ था और बचपन बेहद गरीबी में बीता था।
रामेश्वरम के एक अधिकारी के अनुसार, प्रशासन अंत्येष्टि के लिए जरूरी इंतजाम कर रहा है, क्योंकि कलाम को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। परिजन उनकी अंत्येष्टि के लिए संभावित जगह पर भी विचार-विमर्श कर रहे हैं। सलीम ने कहा कि कलाम का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर तक रामेश्वरम पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा, "लोग शाम तक उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दे पाएंगे। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके घर ले जाया जाएगा। हमारी उन्हें गुरुवार को सुपुर्द-ए-खाक करने की योजना है।"
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कलाम की अंत्येष्टि उनके गृहनगर में होने की पुष्टि की। कलाम के भाई के पोते ए.पी.जे.ए.के. शेख सलीम ने बताया, "बड़ी संख्या में रिश्तेदार, मित्र, शुभचिंतक और आम लोग रामेश्वरम स्थित कलाम के घर पर एकत्रित हुए हैं।" रामेश्वरम चेन्नई से करीब 600 किलोमीटर दूर है और यह रामनाथपुरम जिले के अंतर्गत आता है। कलाम का जन्म रामेश्वरम में हुआ था और बचपन बेहद गरीबी में बीता था।
रामेश्वरम के एक अधिकारी के अनुसार, प्रशासन अंत्येष्टि के लिए जरूरी इंतजाम कर रहा है, क्योंकि कलाम को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए हजारों लोगों के जुटने की संभावना है। परिजन उनकी अंत्येष्टि के लिए संभावित जगह पर भी विचार-विमर्श कर रहे हैं। सलीम ने कहा कि कलाम का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर तक रामेश्वरम पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा, "लोग शाम तक उनके पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दे पाएंगे। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके घर ले जाया जाएगा। हमारी उन्हें गुरुवार को सुपुर्द-ए-खाक करने की योजना है।"

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें