कल दिल्ली के थाना नबीकारीम के एक सब इन्स्पेक्टर, जो छेड़खानी के मामले में फंसाने के लिए तथा इसी मामले में जमानत दिलवाने के लिए एक व्यक्ति से पचास हजार की मांग की थी , जिसमें से पच्चीस हजार लेते हुए सबइंस्पेक्टर को सीबीआई ने रंगेहाथ धर लिया , यदि यही काम केजरीवाल के किसी टीम ने किया होता तो आज मीडिया में इतना हो-हल्ला हो रहा होता जैसे केजरीवाल ने एक और पृथ्वी की खोज करली । जबकि यही काम जब रूटीन में सीबीआई करती है , तो यह एक बिलकुल सामान्य बात होती है ।
वस्तुतः केजरीवाल मात्र इस तरह के कार्य में लगे हुए रहते हैं की बिना कुछ किये धरे जिस फिल्ड के वे मास्टर नहीं हैं या जिस फिल्ड में उनका कार्य का जीरो अनुभव है , उस फिल्ड में और कितना अधिक से अधिक वे प्रोफेशनल मीडिया का कवरेज ले सकें , इसी का उपाय ढूंढते रहते हैं । चूँकी जनलोकपाल आंदोलन के समय फ्री में मिली अत्यधिक मीडिया कवरेज जिसने केजरीवाल को आज का केजरीवाल बना दिया , अतः पूर्व के तरह व्यर्थ के मुद्दों के लिए और अत्यधिक मीडिया कवरेज की लालसा केजरीवाल को हमेशा प्रिय लगती है ।
आमोद शास्त्री ,
दिल्ली ।
मोब = 9818974495 & 9312017281

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