फीफा विश्व कप-2018 के क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के राउंड रोबिन लीग में स्पेन और इटली को एक ही ग्रुप में रखा गया है। स्पेन और इटली के साथ इस ग्रुप में अल्बानिया, इजरायल, मैसिडोनिया और लिक्टेनस्टीन शामिल हैं। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक एक ही ग्रुप में होने का मतलब है कि विसेंट डेल बोस्क की स्पेनिश टीम के सामने इटली की कठिन चुनौती होगी। यूरोपीयन क्वालीफाइंग के पहले चरण में यदि स्पेनिश टीम ग्रुप-जी में दूसरा स्थान भी हासिल कर पाती है तो उसे प्ले ऑफ के दूसरे चरण में खेलना होगा। ग्रुप-ए को सबसे कठिन ग्रुप माना जा रहा है, जिसमें नीदरलैंड्स, फ्रांस और स्वीडन को एकसाथ रखा गया है। पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड को ग्रुप-बी में जगह दी गई है।
मौजूदा विश्व चैम्पियन जर्मनी को चेक गणराज्य के साथ ग्रुप-सी में रखा गया है। ग्रुप-डी में वेल्स, आस्ट्रिया और सर्बिया हैं, जबकि रोमानिाय, डेनमार्क और पोलैंड को ग्रुप-ई में जगह दी गई है। इंग्लैंड और स्लोवाकिया ग्रुप-एफ की मुख्य टीमें हैं, बेल्जियम, बोस्निया एवं हर्जेगोविना और ग्रीस ग्रुप-एच में और क्रोएशिया, यूक्रेन और तुर्की को ग्रुप-आई में रखा गया है। मेजबान देश होने के नाते रूस के सीधे-सीधे प्रवेश दिया गया है। रूस की मेजबानी 2018 में होने वाला यह विश्व कप 14 जून से 15 जुलाई, 2018 के बीच खेला जाएगा।
यूरोपीयन क्वालीफाइंग का पहला चरण अगले वर्ष चार से छह सितंबर के बीच आयोजित होगा, जबकि दूसरा चरण नवंबर, 2017 में खेला जाएगा। कोनकैकाफ विश्व कप क्वालीफाइंग के लिए मेक्सिको को होंडूरास के साथ एक ही ग्रुप में रखा गया है। इस टीम में अभी शेष दो टीमों का निर्धारण शेष है। अमेरिका और त्रिनिदाद एवं टोबैगो एक ही टीम में होंगे। मेक्सिको और अमेरिका यदि अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हैं तो वे छह टीमों के बीच होने वाले कथित टूर्नामेंट में प्रवेश कर जाएंगे। इन छह टीमों के बीच नवंबर, 2016 से अक्टूबर, 2017 के बीच होने वाली प्रतिस्पर्धा में शीर्ष तीन पर रहने वाली टीमें विश्व कप में प्रवेश करेंगी। कोनकैकाफ के चौथे चरण के मैच इसी वर्ष नवंबर में खेले जाएंगे।

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