जी हां, कांवड़ यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका पर आईबी द्वारा अलर्ट जारी होने के बाद के श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सक्रिय हो गयी है। आतंकियों के प्लान पर पानी फेरने के लिए खुफिया पुलिस कांवडि़यों के भेष में ही घूमती नजर आयेगी। ये खुफिया पुलिस ‘वाच टावर‘ के जरिए कांवड़ यात्रा पा नजर रखेंगी। कांवडि़यों के बीच में ही रहकर ये जवान संदिग्धों के हाव-भाव, चाल-चलन व बातचीत को भापेंगे, विभिन्नता पाएं जाने अमूक व्यक्ति की इत्तला फौरन पुलिस मुख्यालय होगी
वैसे भोले भक्त मुश्किलों से कहां डरते है। खासकर किसी की बनरघुड़की से तो कत्तई नहीं। बावजूद इसके भोले बाबा के भक्त कांवडि़यों को कोई डराएं उससे पहले खुफिया अलर्ट के बाद गृह मंत्रालय सजग हो गया है। पंजाब के गुरुदासपुर जैसी किसी वारदात को इंसान के दुश्मन आतंकी अंजाम दें पाएं उससे पहले उनके प्लान को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षा एजेंसिया चाक-चैबंद हो गयी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश व पूर्वांचल में आतंकियों से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा तैयारियों का खाका भी भेजा है। जिसमें कावडि़यों की सुरक्षा किस रुप में किस तरह पुलिस को करना है इसके आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। पुलिस सूत्रों पर यकीन करें तो सुरक्षा कर्मी कावडि़यों के भेष में यात्रा में शामिल रहेंगे। इसके लिए उन्हें खास तरीके का प्रशिक्षण दी गयी है। कहा गया है कि वह बिना हो-हल्ला व अपनी पहचान बताएं कावडियों के साथ-साथ चलेंगे। इस दौरान जैसे ही कोई संदिग्ध हाव-भाव, बातचीत व चाल-चलन में अलग नजर आयेगा उसकी जानकारी बिना देर किए उपर के अधिकारियों तक पहुंचा दिया जायेगा। इसके लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह लगाएं सीसी कैमरे के जरिए भी निगहबानी होती रहेगी।
यहां जिक्र करना जरुरी है कि याकूब की फांसी से पहले जिस तरह पाकिस्तान से आएं आतंकियों ने पंजाब के रघुदासपुर में हमला किया और बार्डर से लगातार आ रही सूचनाओं के बाद कयास लगाया जा रहा है कि एक बार फिर से आतंकी गुरुदासपुर की घटना को दोहराना चाहते है। यानी इस बार शिवभक्तों पर आतंक की काली नजर है। आतंक के आंका बम से डराना चाहते है, गोलियों से उन्हें थर्राना चाहते है। एक और गुरुदासपुर जैसा हमला करना चाहते है। कहा जा सकता है कि क्या आतंकियों का मकसद पूरे भारत को दहलाना है। क्या राजधानी से सटे जनपदों व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के आसपास जिलों में खतरा ज्यादा है। इसके मद्देनजर पुलिस का दावा है आतंक के किसी भी मंसूबे को नाकाम करने की तैयारी पूरी कर ली है। रास्तेभर जगह-जगह सीसी कैमरे लगाएं गए है। हर 500 मीटर की दूरी पर पुलिस कैम्प बनाएं गए है। सावन के सभी सोमवारों पर विशेष चैकसी होगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि चप्पे पर पुलिस मौजूद रहेगी। इससे न सिर्फ आतंकी हमलों को टाले जाने की योजना है बल्कि यात्रा में शामिल शरारती तत्वों पर भी नजर रहेगी। क्योंकि पिछले दो-तीन सालों में देखें कांवड यात्रा के दौरान उपद्रव की भी कई घटनाएं हो चुकी है। पिछले साल के मुकाबले इस साल कांवडियों की संख्या दुगुनी होने का अनुमान है। एक अनुमान के मुताबिक इस बार पूरे यूपी में 5 करोड़ से भी अधिक कांवडियां यात्रा में शामिल हो सकते है।

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