जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अलगाववादियों से बातचीत को लेकर पाकिस्तान के अड़ियल रूख पर तंज कसते हुए कहा कि दोनों पक्ष बातचीत करने के इतने इच्छुक है तो भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(एनएसए) स्तरीय वार्ता पाकिस्तान में करनी चाहिए। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष श्री अब्दुल्ला ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट टि्वटर पर लिखा “यहां एक विचार है कि दोनों पक्ष बातचीत के लिए इतने इच्छुक है तो क्यों नहीं भारत एनएसए वार्ता पाकिस्तान में करें। ”
इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए श्री अब्दुल्ला ने कहा “कोई भी पक्ष वार्ता रद्द करना नहीं चाहता।” श्री अब्दुल्ला ने राज्य सरकार द्वारा अलगाववादियों को नयी दिल्ली जाने से नहीं रोकने की रिपोर्टों पर कहा “उन्हें नजरबंद करने के बाद फिर अपने हित के लिए उन्हें रिहा कर दिया। हुर्रियत और पाकिस्तान के बीच वार्ता को इतना बडा मुद्दा बनाने का विचार किसका था। सरकार ने इसे जरुरत से ज्यादा बढ़ाकर पेश किया। इससे पहले ऐसे मुद्दों को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती थी।”

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