नयी दिल्ली, 23 दिसंबर, दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) में कथित अनियमितताओं में फंसे वित्त मंत्री अरुण जेटली को आज उन्हीं की पार्टी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी इशारों-इशारों में इस्तीफा देने की सलाह दे डाली। अपनी बेबाक टिप्पणियों से कई बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व के लिए मुश्किलें खड़ी कर चुके पटना साहिब के सांसद श्री सिन्हा ने ट्वीट किया, “वित्त मंत्री को इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई नहीं राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिये। जैसे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलाह दी है कि श्री जेटली को आडवाणीजी का अनुसरण करना चाहिये और खुद को बेदाग साबित करना चाहिये।” गौरतलब है कि श्री मोदी ने कल भाजपा संसदीय दल की बैठक में कहा था कि श्री जेटली पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं लेकिन जिस तरह पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी हवाला कांड में बेदाग साबित होने के बाद निखरकर आये हैं उसी तरह श्री जेटली भी इस विवाद में बेदाग साबित होंगे। श्री आडवाणी ने हवाला कांड में नाम आने के बाद 1996 में संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का कहना है कि श्री मोदी ने श्री जेटली को इशारों -इशारों में इस्तीफा देने की सलाह दी है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया और कई बार लोकसभा से बहिर्गमन किया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं ने भी श्री जेटली पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं। पिछले कई वर्षों से डीडीसीए में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे दरभंगा से भाजपा के सांसद कीर्ति आजाद ने भी पार्टी हाईकमान की मनाही के बावजूद गत रविवार को प्रेस कांफ्रेंस करके श्री जेटली से कई सवाल पूछे थे। श्री जेटली ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है और श्री केजरीवाल तथा आप के पांच नेताओं के खिलाफ मानहानि के मुकदमे दर्ज किये हैं। श्री सिन्हा ने साथ ही भाजपा को सलाह दी है कि वह इस मुद्दे को जोरशोर से उठाने वाले पार्टी सांसद कीर्ति आजाद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिये क्योंकि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं।

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