देहरादून 16 अप्रैल, उत्तरखंड के निर्वतमान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा न होने के बाद भी उसके भीतर सरकार बनाने की बेचैनी सहज ही देखी जा सकती है। श्री रावत ने कहा भाजपा किसी भी तरह राज्य की सत्ता पर काबिज होना चाहती है, लेकिन उसकी यह मंशा सफल नहीं हो पाएगी। कांग्रेस के शेष सारे विधायक एकजुट हैं और पीडीएफ का समर्थन भी उनकी पार्टी के साथ है। जनता भाजपा की कारगुजारियां देख रही है, ऐसे में उसके हाथ कभी भी भविष्य में राज्य की सत्ता नहीं आ सकेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस की सरकार गिराकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है, कांग्रेस ने राज्य में विकास के जो आयाम स्थापित किए उसे कभी भी भाजपा नहीं छू सकती। भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरी जुगत भिड़ा रही है, लेकिन उसका यह सपना हाल फिलहाल पूरा होता नजर नहीं आ रहा है और न ही पूरा होगा। भाजपा की पोल लोगों के सामने खुल चुकी है और अब वह सफाई देती फिर रही है। भाजपा को पूरा भरोसा था कि वह सरकार बना लेगी, लेकिन उसके अरमानों पर पानी फिर गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस के और विधायकों से संपर्क साधकर उन्हें तोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। ऐसे में उसकी निराशा को सहज ही समझा जा सकता है। अल्पमत की सरकार बनाने के लिए भाजपा तमाम कोशिशें करते हुए थक गई है। परंतु उसने अभी भी हथियार नहीं डाले हैं और सरकार बनाने के लिए सतत प्रयत्नशील है। भाजपा के बड़े नेता दून का चक्कर लगाकर सरकार बनाने की संभावनाओं को टटोलने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को हटाने का खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा। लोग उसे नकार देंगें और इसका कांग्रेस को इसका सीधा लाभ मिलेगा। आज लोगों को ज्ञात हो रहा है कि कांग्रेस सरकार किस प्रकार से उनकी समस्याओं को लेकर प्रयत्नशील थी और आज राष्ट्रपति शासन में क्या स्थिति है। उन्होंने कहा कि भाजपा पर कांग्रेस हर मोर्चे पर भारी पड़ रही है ऐसे में भाजपा के लिए इधर कुंआ उधर खाई वाली स्थिति पैदा हो गई है।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें