सोल/नयी दिल्ली, 24 जून, चीन और कुछ देशों के अड़ियल रवैये के कारण तमाम कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद भारत को परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में जगह नहीं मिल पाई ,लेकिन उम्मीद खत्म नहीं हुई है,समूह की अगली बैठक में इस मसले पर फिर चर्चा होगी। सोल से मिली नाउम्मीदी के तुरंत बाद कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एनएसजी में भारत को शामिल कराने के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उतावलेपन के कारण आज पूरी दुनिया में भारत का तमाशा बन गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो गई है।
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रही और उसकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में एनएसजी की दो दिवसीय पूर्ण बैठक आज भारत की सदस्यता के मुद्दे पर बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने चीन का नाम लिए बगैर कहा कि एक देश विशेष की ओर से लगातार विरोध के कारण भारत को 48 देशों के इस समूह में इस बार भी जगह नहीं मिल पाई। खबर है कि चीन के अलावा कुछ अन्य देशों ने भी भारत की सदस्यता का विरोध किया। भारत ने एनएसजी में प्रवेश की पुरजोर कोशिश की । प्रधानमंत्री मोदी ने उज़्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में भारत के पक्ष में चीन को राजी करने की कोशिश भी की लेकिन सोल में चीन के मुख्य वार्ताकार भारत विरोधी अपने रुख पर कायम रहे। समूह में भारत की सदस्यता की दावेदारी के लिए समर्थन जुटाने के लिए विदेश सचिव एस जयशंकर सोल पहुंचे थे लेकिन उनके प्रयासों का भी कोई नतीजा नहीं निकल सका।

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