तमाम उठापटक के बाद सेक्स स्कैंडल में फंसे संदीप कुमार के खिलाफ बलातकार का मामला दर्ज तो हो गया। लेकिन बड़ा सवाल तो यह है कि केजरीवाल सरकार के नगीनों में से एक संदीप कुमार की इस तरह के आरोप लगने के बाद गिरफ्तार होगी। खासकर संदीप के बचाव में उतरे आप के प्रवक्ता आशुतोष को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा। क्योंकि आशुतोष ने एक-दो नहीं कई महिलाओं संग मुंह काला करने वाले संदीप की तरफदारी में न सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेहरु समेत कई महान विभूतियों के चरित्र पर सवालालिया निशान लगाते हुए तुलना की, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा के दावे करने वाले केजरीवाल की वादों को भी तार-तार किया है
हालांकि सूत्र बताते है कि रपट दर्ज होने के बाद संदीप कुमार ने डीसीपी ऑफिस रोहिणी में जाकर खुद सरेंडर कर दिया है। लेकिन बड़ा सवाल तो यह है कि संदीप के इस घिनौने कृत्य के बचाव में आप प्रवक्ता आशुतोष कुमार ने जिस तरह तुलना राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं जवाहर लाल नेहरु, अटल बिहारी बाजपेयी, जार्ज फर्नांडीज, लोहिया से लेकर तमाम राजनेताओं के चरित्र पर लाछंन लगाकर की, वह किसी भी दशा में क्षम्य नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल तो यही है कि नैतिकता व महिलाओं की सुरक्षा का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल आशुतोष को बाहर का पार्टी से बर्खास्त कर रास्ता दिखायेंगे या माना जाय कि उन्होंने जो कुछ भी कहा, उसमें आपकी सहमति थी। फिरहाल, संदीप कुमार के साथ सीडी में दिखने वाली महिला ने सुल्तानपुरी थाने में बलातकार की रपट दर्ज करा दी है। महिला का आरोप है कि ‘संदीप ने नौकरी का झांसा देने के बहाने कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर मेरे साथ शोषण किया। महिला ने ये भी कहा है कि वह राशन कार्ड बनावाने के लिए उनके पास गई थी।’ महिला का आरोप है कि संदीप ने उसे नशीला कोल्ड ड्रिंक पिलाकर उसके साथ दुराचार किया था। हालांकि आरोप के बाद आप पार्टी ने संदीप कुमार से मंत्री पद छिनने के बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।
जहां तक महिला द्वारा उस घटना के बाद शिकायत न करने का सवाल है तो वह उसकी विवशता रही होगी। क्योंकि जो महिला राशन कार्ड बनवाने के लिए भटक रही थी, समझा जा सकता है कि वह कितनी लाचार व बेवश रही होगी। खासकर उसने खुद भी कहा- बदनामी नहीं चाहती...। क्योंकि ‘मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं। मेरा नाम और पहचान उजागर न हो।‘ ये घटना एक साल पहले की है। मैं राशन कार्ड बनवाने गई थी। उन्होंने (मंत्री ने) पहले तो मुझे ठंडा पिलाया। थोड़ी देर बातचीत की। बोले- मेरे साथ बैठो। कुछ देर बाद लाइट बंद करने गए। क्या पता वीडियो चालू किया हो। हो जो भी लेकिन इतना तो तय हो गया है कि जिस तरह आप के मंत्री व विधायक महिला उत्पीड़न से लेकर सेक्स स्कैंडल में फंसे है या अन्य घपले-घोटाले व उम्मीदवारों से भारी-भरकम पैसा लेकर टिकट बेंच रहे है उससे उन्होंने न सिर्फ जनता को शर्मसार किया है, बल्कि उसके सपनों को भी ठगा है। कहा जा सकता है राजनीति को बदलने की दुहाई देने वालों ने राजनीति का स्तर गिराया है। खासकर आशुतोष ने महापुरुषों के के चरित्र पर कीचड़ उछालते हुए सवाल उठाया- ‘दो बालिग लोगों का आपसी रजामंदी से सेक्स करना क्राइम कैसे हो सकता है? गांधी, नेहरू और वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा, ‘भारत का इतिहास ऐसे नेताओं और नायकों के उदाहरणों से भरा पड़ा है, जिन्होंने सामाजिक बंधनों से इतर जाकर अपनी इच्छाओं की पूर्ति की। एडविना माउंटबेटन के साथ नेहरू के रिश्ते के बारे में पूरी दुनिया जानती है।‘ जैसे बयान अक्षम्य नहीं तो और क्या है।
जहां तक आप पार्टी का सवाल है डेढ़ साल में बर्खास्त होने वाले संदीप तीसरे मंत्री है। उनके पास महिला और बाल कल्याण के अलावा एससी-एसटी मंत्रालय भी थे। जून, 2015 में कानून मंत्री जितेंद्र तोमर पर फर्जी डिग्री का आरोप लगा था। उन्हें भी हटाया गया था। इसके बाद अक्टूबर, 2015 में खाद्य आपूर्ति मंत्री हसीम अहमद खान पर करप्शन के आरोप लगे थे। उस वक्त केजरीवाल ने कहा था- पार्टी बंद कर देंगे, लेकिन गलत काम बर्दाश्त नहीं करेंगे। पर सब हो रहा है। एक से एक घिनौने कृत्य सामने आ रहे है। उम्मीदवारों से लाखों-करोड़ों लेकर टिकट बेचे जा रहे है। जबकि दुहाई देते है कि वह टिकट देने से पहले तीन लेवल पर जांच कराते हैं। फिरहाल, गरीबों की पार्टी के लिए ‘सेक्स सीडी‘ फजीहत की वजह बन गई हैं। ये मामला इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाला है। क्यूंकि आरोपी ने जिस तरह दलित कार्ड खेलकर अपनी बचत करने की कोशिश की है और आप के प्रवक्ता आशुतोष ने शीर्ष नेताओं को कटघरे में खड़ा किया है वह राजनीति में गंदी मानसिकता का परिचायक है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या नयी सियासत के दावे करने वाले केजरीवाल से अब सेक्स सीडी तक सीमित हो जायेंगे? क्या नेहरु गांधी को बदनाम कर धूलेंगे ‘आप‘ के पाप और लौटेगा ‘आप‘ का सम्मान? कहीं दलित कार्ड खेलकर अपनी राजनीति को बचाना या काली करतूत पर पर्दे की कोशिश तो नहीं? क्या यह आवाम की उम्मीदों पर पतन की कहानी है? क्या वाकई में मीडिया में आने से पहले तक संदीप को बचाना चाहते थे केजरीवाल?
दिल्ली के महिला एवं बाल कल्याण मंत्री रहे संदीप कुमार की सीडी में जो घिनौना चेहरा सामने आया है, उसने न सिर्फ इंसाफ व ईमानदारी की दुहाई देने वाले अरविंद केजरीवाल की किरकिरी करा दी है, बल्कि उनकी नयी पारी की सियासत को भी गहरा धक्का लगा है, जिसमें वह कहते नहीं थकते कि उनकी पार्टी का चाल-चरित्र व चेहरा सबसे अलग है। संदीप पर लगे आरोप की जांच में रिपोर्ट जो भी आएं लेकिन अब तक जिस तरह आम आदमी पार्टी के विधायकों का एक-एक कर काली करतूत सामने आ रही है और उसके बचाव में कुतर्को का सहारा लिया जाता रहा है, उससे तो कहा जा सकता है कि केजरीवाल सिर्फ और सिर्फ जनता को धोखा देने से अधिक कुछ भी नहीं है। क्योंकि केजरीवाल ने चुनाव में जो लंबे-चैड़े वादे किए तो उसका कब का पलीता लग चुका है। कहा जा सकता है अन्ना के साथ मिलकर केजरी ने जो शब्जबाग दिखाएं, वह सेक्स सीडी पर रुकेगी? क्योंकि पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री की सफाई से ही ये मामला ठंडा पड़ता नहीं दिख रहा। अब सुल्तानपुरी इलाके में रहने वाले संदीप कुमार के पुराने सहयोगी लोकेंद्र सामने आए हैं। लोकेंद्र ने संदीप के खिलाफ कई और गंभीर आरोप लगाएं है। संदीप कुमार के पूर्व कैंपेन मैनेजर लोकेंद्र का दावा है कि खुद संदीप ने ही अपनी सीडी शूट की थी। संदीप लोगों की ऐसी कई सीडी बना चुके हैं। सीडी बनाने का मकसद वक्त आने पर उस व्यक्ति को साधना होता था। यानी ब्लैकमेल करने के मकसद से सीडी बनाई जाती थी। सीडी बनाने के लिए हनी ट्रैप किया जाता था। हालांकि सेक्स सीडी की जांच के लिए क्राइम ब्रांच ने विशेष टीम बनाई है। क्राइम ब्रांच सीडी की जांच दो चरणों में करेगी. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि सीडी बनाने का मकसद क्या था? क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि पूर्व मंत्री ने ब्लैकमेलिंग के इरादे से तो यह सीडी नहीं बनाई? सीडी बनाने के मकसद को लेकर संदीप कुमार से पूछताछ भी होगी। इस दौरान ओमप्रकाश समेत अनेक लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
(सुरेश गांधी)


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