पुणे, 06 फरवरी, भारतीय डेविस कप टीम के गैर खिलाड़ी कप्तान आनंद अमृतराज ने एशिया ओसनिया ग्रुप एक में न्यूजीलैंड के खिलाफ 4-1 की जीत को अपेक्षा से भी बेहतर बताया है। राष्ट्रीय डेविस कप टीम के निर्वतमान कप्तान अमृतराज ने रविवार को भारत को मिली जीत और उसके अगले दौर में पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुये कहा कि वह इससे बेहतर की कल्पना नहीं कर सकते हैं और इस प्रदर्शन से बहुत ही उत्साहित हैं। उन्होेंने कहा“ यह मेरी उम्मीद से भी आगे है। मेरे लिये यह जीत बहुत ही संतोषजनक है। मैं इससे बेहतर की कल्पना नहीं कर सकता। हमने जैसे योजना बनाई थी यह बिल्कुल वैसा ही रहा। हमने एकल पर ही ज्यादा ध्यान लगाने की योजना बनाई थी और हमें लग रहा था कि युगल मैच कुछ चुनौतीपूर्ण साबित होगा। हम तो तीन एकल जीत की उम्मीद कर रहे थे लेकिन हमने चार जीते।” आनंद के मार्गदर्शन में भारत की यह पांचवीं और आखिरी जीत भी है। वह तीन वर्ष के कार्यकाल के बाद अब पद से हट रहे हैं और उनकी जगह अनुभवी खिलाड़ी महेश भूपति डेविस कप टीम के कप्तान की भूमिका संभालेंगे। भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ डेविस कप के ओपनिंग राउंड में अपने सभी चारों एकल मैच जीते जिनमें यूकी भांबरी, रामकुमार रामनाथन ने एकल मैच जीते। लेकिन युगल मे अनुभवी लिएंडर पेस और विष्णु वर्धन की जोड़ी मैच हार गयी। भारत ने 4-1 के अंतर से अगले दौर में प्रवेश किया है जहां उसके सामने उज्बेकिस्तान होगा।
अमृतराज ने यूकी और रामकुमार की प्रशंसा करते हुये कहा“ यह यूकी का अब तक का बेहतरीन मुकाबला था। उन्होंने देश के सम्मान को ध्यान में रखकर खेला। लेकिन रामकुमार को चुनकर हमने सही फैसला किया। वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मैं बहुत खुश हूं कि मैंने उन्हें एकल मैच के लिये चुना क्योंकि साकेत मिनेनी एकल के लिये उपलब्ध नहीं थे। मैं रामकुमार के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि वह भविष्य में भारत के लिये और अच्छा खेलेंगे।” उन्होंने अपने बतौर कप्तान कार्यकाल की समाप्ति पर कहा“ मैं खुश हूं कि मेरे मार्गदर्शन में भारत ने आठ में से पांच बार जीत दर्ज की है। हमारी टीम ने दुनिया की 10 बेहतरीन टीमों से अपने मुकाबले जीते हैं। मेरे लिये राष्ट्रीय टीम के साथ अपना कार्यकाल काफी संतोषजनक रहा है। मैं सितंबर 2013 में कप्तान बना और मेरा बोपन्ना, पेस, सोमदेव जैसे खिलाड़ियों के साथ सफर कमाल का रहा है।” अमृतराज की कप्तानी में भारत ने पांच डेविस कप मैच जीते और सर्बिया, चेक गणराज्य और स्पेन से तीन मुकाबले हारे हैं। इस बीच भारत की जीत में हीरो रहे 22 वर्षीय रामकुमार ने कहा“ हमारे लिये परिस्थितियां आसान नहीं थीं और आखिरी दिन एकल मैच में हर अंक के लिये लड़ना पड़ा। लेकिन मुझे टिककर खेलना था और देश के लिये मैंने यह मैच जीता। हालांकि इससे पहले मेरे लिये गेंद पर नियंत्रण बैठाना आसान नहीं था। लेकिन जब मैंने लय हासिल कर ली तो मुझे खेलने में दिक्कत नहीं हुई। साथ ही घरेलू दर्शकों का भी समर्थन मिला।” रामकुमार तथा यूकी ने एकल और उलट एकल के मुकाबले जीते। भांबरी ने अगले दौर में उज्बेकिस्तान के साथ मुकाबले को लेकर कहा कि उनकी टीम इसके लिये ट्रेनिंग करेगी। उन्होंने हालांकि टेनिस संघ(आएटा) पर कुछ कटाक्ष भी किया और कहा“ हम अपनी मेहनत से ही यहां तक पहुंचे हैं और यदि आएटा चाहता है कि भारतीय टेनिस आगे बढ़े तो उन्हें इसके लिये कदम उठाने होंगे।”

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