सेंट पीटर्सबर्ग, 01 जून, भारत और रूस ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देते हुए आज कुडानकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दो और इकाइयां स्थापित करने और भारत से कीमती रत्नों तथा आभूषणों का निर्यात बढ़ाने समेत पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किये, इन समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मौजूदगी में हस्ताक्षर किये गये। इनमें कुडानकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र में तीसरे चरण के दौरान पांचवीं और छठी इकाई के निर्माण के लिए समझौता, भारत से रूस को कीमती रत्नों एवं आभूषणों का निर्यात बढ़ाने के अलावा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदन-प्रदान बढ़ाने, नागपुर-सिकंदराबाद सेक्शन पर तीव्र गति की रेल सेवा के संबंध में समझौता और पारंपरिक ज्ञान की भारतीय डिजिटल लाइब्रेरी में रूसी विशेषज्ञों पहुंच सुनिश्चित करने का समझौता शामिल है। श्री मोदी और श्री पुतिन ने बैठक के बाद ‘21वीं सदी के लिए दृष्टिकोण’ शीर्षक से जारी संयुक्त घोषणा में कहा गया है कि दोनों पक्षों के ठोस प्रयासों से परमाणु ऊर्जा भागीदारी में उल्लेखनीय उपलब्धियों हासिल हुयी हैं। जिनमें कुडानकुलम में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं में प्रगति तथा उसे भारत के सबसे बड़े ऊर्जा स्थल के रूप में विकसित करना शामिल है। इसमें कहा गया है कि दोनों पक्ष परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए सहयोग बढ़ाने के रणनीति दृष्टिकोण पत्र पर अमल करते रहेंगे जिस पर दिसंबर 2014 में हस्ताक्षर किये गये थे।
शुक्रवार, 2 जून 2017
भारत-रूस के बीच कुडानकुलम में दो और इकाइयां स्थापित करने का समझौता
Tags
# देश
# विदेश
# व्यापार
Share This
About आर्यावर्त डेस्क
व्यापार
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
संपादकीय (खबर/विज्ञप्ति ईमेल : editor@liveaaryaavart या वॉट्सएप : 9899730304 पर भेजें)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें