बिहार : पारिवारिक कलह में आत्महत्या चार बच्चों के पिता थे सिकंदर - Live Aaryaavart

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शनिवार, 19 अगस्त 2017

बिहार : पारिवारिक कलह में आत्महत्या चार बच्चों के पिता थे सिकंदर

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पटना। पत्नी से उत्पन्न विवाद और विवाद के गर्भ से निकली आत्महत्या। यह हुआ है रोमन कैथोलिक थोमस जोसेफ के द्यर में। चार बच्चों के पिता सिकंदर कुमार दास ने फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर दी। बच्चों की मां हिंदू हैं। धर्म नहीं नौकरी नहीं करने का था कलह। दीद्या थाना क्षेत्र में है बांसकोठी क्रिश्चियन कॉलोनी। तटबंध संख्या-94 के अंदर है थोमस जोसेफ का द्यर। थोमस जोसेफ की पत्नी फूलमंती इंदिरा गांधी आर्युविज्ञान संस्थान में कार्य करती थीं। इनकी मौत के बाद पुत्र सिकंदर कुमार दास को अनुकंपा के आधार पर नौकरी में बहाल किया गया। बता दें कि जरूर ही सहुलियत से सिकंदर को संस्थान में नौकरी मिली।परंतु वह उसे गंभीरता से लिया ही नहीं । वह मनमर्जी से काम पर जाता और नहीं भी जाता। इसको लेकर 1 लड़की 3 लड़कों की मम्मी परेशान होने लगी। काफी शिकायत मिलने पर नौकरी से हटा दिया गया। द्यर में परेशानी होने पर बच्चों की मां संस्थान में जाकर अधिकारियों से अनुनय विनय करके पुन:नौकरी में रखवाने में कामयाब हो गयीं। कुछ दिन रेगुलर होने के बाद अनियमित होने लगा। शराबबंदी के बाद भी मुसहरी में जाकर शराब पी लेता और बाद में माता मरियम के ग्रोटो के पास मिलकर गांजा सेवन करने लगा। जो पत्नी और पति के बीच पारिवारिक कलह बन गया। गुरूवार 17 अगस्त की रात में सिकंदर कुमार दास फंदा लगाकर आत्महत्या कर लिया। बरामदा में ही किचन है। उसमें सेल्फ भी है। सेल्फ पर बैठकर फंदा बनाया और सिलिंग में निर्मित हुक में रस्सी आरपार किया। इतना करने के बाद झूल गया। रातभर मुजदिल सिकंदर झूलता रहा। इसकी तनिक भनक चार बच्चों की मम्मी को नहीं लगी।प्रत्येक दिन की तरह बगल वाले कमरे में बच्चों के साथ सो रही थीं। सुबह में  पति को लटकता देख रस्सी काटकर बरामदा पर ही उत्तर-दक्षिण की दिशा में सुला दी। इस बीच दीद्या थाने को सूचना दी गयी। कोई सुबह 9 बजे पुलिस आयी। स्व.जोसेफ गोपी के पुत्र थोमस जोसेफ और वार्ड नं. 22 A वार्ड पार्षद दिनेश चौधरी ने गवाही के रूप में हस्ताक्षर किये ताकि पोस्टमार्टम हो सके। पोस्टमार्टम के बाद शव को कुर्जी कब्रिस्थान में दफना दिया। इसके पूर्व फादर देवाशीष प्रसाद ने अंतिम प्रार्थना की। जिस कब्र में दफनाया है उसमें  दीदी आरती और मां फूलमंती को दफनाया गया था। इस तरह दीदी,मां और अब पुत्र को दफनाया गया। दफनाने का कार्य करने वाले राजू गाब्रिएल ने कहा कि जलस्तर ऊपर आने मिट्टी खुदाई करने में दिक्कत होती है।पानी में दफन करना पड़ रहा है।

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