नयी दिल्ली 10 अगस्त, निवर्तमान उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने आज कहा कि भारतीय लोकतंत्र और शासनव्यवस्था जीवंत है और कभी कभार होने वाली गलतियों को छोड़ दिया जाए तो राजनीतिक वर्ग सभी जगह विशेषकर संसद में अपनी जिम्मेदारी बिना किसी द्वेष के निभाता है। श्री अंसारी ने राज्यसभा सचिवालय की ओर से आयोजित अपने विदाई समारोह में कहा कि यदा कदा होने वाले विचलन को छोड़ दिया जाए तो भारतीय राजनीतिज्ञ नियमों के अनुसार काम करते हैं। उन्होंने कहा कि एक राजनयिक के रूप में काम करते हुए हुए उनकी राजनीतिक नेताओं से बातचीत कम ही होती थी लेकिन जब वह उपराष्ट्रपति बने, तब उन्हें इस राजनीतिक व्यवस्था की इस महानता का पता चला कि राजनेता विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और वे सार्थक होते हैं और उनके विचारों में कटुता या द्वेष की भावना नहीं होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे भी देश हैं जहां राजनीतिक विरोध व्यक्तिगत विरोध में बदल जाता है और राजनीतिक असहमति मारपीट की नौबत तक पहुंच जाती है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, वित्त मंत्री एवं राज्यसभा के नेता अरुण जेटली और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
गुरुवार, 10 अगस्त 2017
भारतीय राजनेता बिना किसी द्वेष के करते हैं काम: अंसारी
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