'चुंबन' प्रतियोगिता कराने वाले झामुमो विधायक को निलंबित किया जाए : भाजपा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

'चुंबन' प्रतियोगिता कराने वाले झामुमो विधायक को निलंबित किया जाए : भाजपा

jmm-suspend-mla-who-organise-kissin-function-demand-bjp
रांची, 12 दिसम्बर, राज्य में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आदिवासियों के लिए 'चुंबन प्रतियोगिता' का आयोजन करने के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के विधायक साइमन मरांडी को विधानसभा से निलंबित करने की मांग की है। भाजपा की झारखंड इकाई के उपाध्यक्ष हेमलाल मुर्मू ने आरोप लगाया कि झामुमो विधायक साइमन मरांडी ने चर्च और ईसाई मिशनरियों की तरह इस कार्यक्रम का आयोजन किया। संथाल परगना के रहने वाले मुर्मू ने कहा कि संथाल जनजाति में 'चुंबन' की ऐसी कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के लिए 'धब्बा' हैं। मुर्मू ने संवाददाताओं को बताया, "हम विधानसभा अध्यक्ष से साइमन मरांडी को विधानसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने की मांग करते हैं। संथाल जनजाति अभिवादन स्वीकार करते समय भी एक-दूसरे से हाथ नहीं मिलाते हैं। संथाल में, आदिवासी 'दोबो जोहर' कहते हुए अभिवादन करते हैं, जिसमें माथे पर मुट्ठी रखकर अभिवादन स्वीकार करते हैं।" भाजपा नेता ने कार्यक्रम के नाम पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम स्वतंत्रता सेनानियों सिद्दो-कान्हू के नाम पर आयोजित किया गया था, इस तथ्य के बावजूद कि यह दिन 'शहीदों' के जन्म या पुण्यतिथि के साथ मेल नहीं खाता। पाकुर जिले के जिला प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है। मरांडी ने शनिवार रात अपने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र लितिपारा के तहत तल्पाहारी गांव में आदिवासी दंपतियों की एक चुंबन प्रतियोगिता का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम के बाद तीन आदिवासी दंपतियों को पुरस्कृत किया गया था। झामुमो विधायक ने संवाददाताओं से सोमवार को बताया, "प्यार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए चुंबन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जनजाति लोग संकोची होते हैं। प्रतियोगिता में खुले में चुंबन करने से आदिवासी दंपतियों की झिझक खत्म होगी।"

कोई टिप्पणी नहीं: