मोदी न सिखायें हमें राष्ट्रवाद : मनमोहन सिंह - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 14 दिसंबर 2017

मोदी न सिखायें हमें राष्ट्रवाद : मनमोहन सिंह

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नयी दिल्ली 13 दिसंबर, पूर्व प्रधानमंत्री मनमाेहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाथ मिलाने के कुछ घंटे बाद ही उन पर एक बार फिर निशाना साधते हुए आज कहा कि कांग्रेस को श्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी से राष्ट्रवाद पर उपदेश की जरूरत नहीं है । गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान की पूर्व संध्या पर डा सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस चुनाव को लेकर पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश रचने के श्री मोदी के आरोपों को बेबुनियाद करार देते हुए कहा कि वह राजनीतिक लाभ के लिए गलत बातें कह रहे हैं और प्रधानमंत्री तथा सेना प्रमुख जैसे संवैधानिक पदों की प्रतिष्ठा काे ध्वस्त करके खतरनाक चलन शुरू कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने दो दिन पूर्व एक लिखित बयान में भी यही बातें कही थीं । श्री मोदी ने गुजरात में चुनाव प्रचार के दाैरान आरोप लगाया था कि कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकर अय्यर के निवास पर हाल में एक बैठक हुई थी जिसमें डा. सिंह और पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी भी मौजूद थे। उन्होेंने कहा था कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि गुजरात चुनाव के दौरान इस तरह की बैठक का क्या मकसद था। भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया था कि इसमें पाकिस्तान के साथ मिलकर गुजरात चुनाव को लेकर साजिश रची गयी।

डा सिंह ने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रवाद पर ऐसी पार्टी और प्रधानमंत्री से उपदेश की जरुरत नहीं है जिनका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में समझौता करने का इतिहास सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में मौजूद पत्रकारों ,राजनयिकों और नौकरशाहों के राष्ट्रवाद पर भी सवाल उठाना गलत और अनुचित है । डा सिंह ने कहा कि श्री अय्यर के निवास पर रात्रिभोज के दौरान न तो उन्होंने और न ही उसमें मौजूद किसी अन्य व्यक्ति ने गुजरात चुनाव पर चर्चा की थी । उसमें सिर्फ भारत -पाकिस्तान सम्बन्धों पर बात हुई थी । पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री मोदी के झूठे आरोपों से उन्हें बहुत दुख पहुंचा है और वह क्षुब्ध हैं। अफसोस की बात यह है कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए कोई और नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री गलत अारोपों को प्रचारित कर रहे हैं। उन्होेंने कहा कि गुजरात में अपनी पराजय के भय से प्रधानमंत्री हताशा में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और कीचड़ उछाल रहे हैं। यह दुखद आैर अफसोस जनक हैं। उन्होंने कहा , “मैं उम्मीद करता हूं कि वह (श्री मोदी) अपने पद की गरिमा बनाये रखने के लिए अपनी इस गलत सोच पर देश से माफी मांगेंगे। ” इससे पहले आज सुबह संसद भवन पर हमले की 16वीं बरसी पर आयोजित विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लेने आये श्री मोदी और डा सिंह ने एकदूसरे का अभिवादन किया था और हाथ तो मिलाया था लेकिन उनके बीच कोई बातचीत नहीं हुई थी।
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