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बुधवार, 17 जनवरी 2018

अटॉर्नी जनरल, एससीबीए ने संकट के जल्द सुलझने की उम्मीद जताई

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नयी दिल्ली, 16 जनवरी,  अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने आज कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि उच्चतम न्यायालय में संकट अभी सुलझा नहीं है। वहीं, उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने उम्मीद जताई कि इस सप्ताह के अंत तक संकट सुलझ जाएगा। वेणुगोपाल ने कल कहा था कि शीर्ष न्यायालय में सब कुछ सुलझ गया है। हालांकि आज उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि संकट अभी सुलझा नहीं है। उम्मीद करते हैं कि दो-तीन दिन के भीतर चीजें सुलझ जाएंगी।’’  उच्चतम न्यायालय में 12 जनवरी को तब संकट उत्पन्न हो गया था जब चार वरिष्ठतम न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ ने भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के नेतृत्व में शीर्ष न्यायालय के कामकाज की खुले तौर पर आलोचना की थी। संकट के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ वकील और उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन (एससीबीए) के अध्यक्ष सिंह ने आज कहा कि इस संकट के सप्ताह के अंत तक सुलझ जाने की संभावना है। मौजूदा स्थिति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने से कहा, ‘‘इस सप्ताह के अंत तक संकट के सुलझने की उम्मीद है।’’  सिंह ने कहा कि जब उन्होंने रविवार को प्रधान न्यायाधीश को एससीबीए का प्रस्ताव सौंपा तो उन्हें ऐसा लगा कि संकट सुलझ जाएगा। सिंह ने कहा कि सीजेआई ने उम्मीद जताई थी कि एक सप्ताह के भीतर स्थिति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने भी यह कहा कि अभी तक ऐसा लग रहा है कि सबकुछ सामान्य हो रहा है। 

एससीबीए ने शनिवार को अपनी आपात बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर प्रधान न्यायाधीश से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की बैठक बुलाने तथा सभी लंबित जनहित याचिकाओं को सुनवाई के लिए पांच वरिष्ठतम न्यायाधीशों को स्थानांतरित करने के लिए कहा, जो कॉलेजियम के सदस्य हैं।  चार न्यायाधीशों या सीजेआई से कोई मुलाकात या उनसे कोई बातचीत करने के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘ऐसा कुछ नहीं हुआ।’’  बहरहाल, उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में संकट सुलझ जाएगा। उच्चतम न्यायालय के शीर्ष चार न्यायाधीशों ने कल काम शुरू कर दिया। अटॉर्नी जनरल ने इस अभूतपूर्व संकट को ‘‘राई का पहाड़ बना देना’’ बताया। चारों न्यायाधीशों ने उच्चतम न्यायालयों में मामलों के आवंटन समेत कुछ समस्याएं उठाई और उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो देश के शीर्ष न्यायालय को प्रभावित कर रहे हैं।  भारत के प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने रविवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तथा उच्चतम न्यायालय की बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह से मुलाकात की थी तथा उन्हें आश्वासन दिया था कि संकट जल्द ही सुलझ जाएगा तथा फिर से सद्भावना कायम होगी।
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