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शुक्रवार, 19 जनवरी 2018

मानव श्रृंखला में शामिल होकर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ स्पष्ट संदेश दें : नीतीश

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छपरा 18 जनवरी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य के लोगों से 21 जनवरी को मानव श्रृंखला में शामिल होकर बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ स्पष्ट संदेश देने की अपील की कि वे अब इस कुरीति में किसी भी स्थिति में सहभागी नहीं बनेंगे। श्री कुमार ने विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के क्रम में सारण जिला के एकमा प्रखंड में 416 करोड़ रुपए की 331 योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में न्याय के साथ हर क्षेत्र में विकास के कार्य हो रहे हैं लेकिन असली विकास तभी होगा जब समाज सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल 21 जनवरी को शराबबंदी एवं नशामुक्ति के खिलाफ मानव श्रृंखला बनी थी,जिसमें चार करोड़ लोग शामिल हुए थे। इस वर्ष 21 जनवरी को बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ मानव श्रृंखला बनेगी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान को राजनीतिक तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह समाज सुधार का काम है और इस कुरीति के खिलाफ स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए । इसका असर भी जबरदस्त होगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एवं दहेज प्रथा एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं। शादी में ज्यादा दहेज देने के डर से लोग कम उम्र में ही लड़कियों की शादी कर देते हैं। इसीलिए इनके खिलाफ एक साथ अभियान चलाने का निर्णय किया गया।

श्री कुमार ने कहा कि इन कुरीतियों के खिलाफ पहले से कानून बना हुआ है। 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी गैरकानूनी है। लोग फिर भी इस काम को करते हैं। बाल विवाह के गंभीर परिणाम होते हैं। इसे समाप्त करने के लिए सामाजिक अभियान निरंतर चलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के हाल ही मे जारी अपराध के आंकड़ों में बिहार का स्थान देश में 22वां है लेकिन दहेज हत्या एवं महिला उत्पीड़न के मामले में बिहार का उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा स्थान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे खत्म करने का संकल्प अब लोगों को लेना होगा । लोग मन बना लें कि चाहे कोई कितना भी उनका नजदीकी क्यों न हो, यदि उसने दहेज लिया है तो वे उसकी शादी में शामिल न होंगे। यदि लोग ऐसा करने लगेंगे तो दहेज लेने और देने वाले भयभीत होंगे कि उनका भेद खुल जाएगा। उन्होंने कहा,‘ आपस में बात करते रहिए और इस संकल्प के लिए पक्का मन बना लीजिए।’ श्री कुमार ने कहा कि सात निश्चय पर काम किया जा रहा है। चार निश्चय, जिसमें हर घर तक पक्की गली-नाली, हर घर बिजली, हर घर नल का जल और हर घर शौचालय के निर्माण का काम चार वर्षों के अंदर काम पूरा कर लिया जायेगा। उन्होंने कि वर्ष 2017 के अंत तक हर गांव तक बिजली पहुंच गई है, जो टोले बचे हैं, इस वर्ष के अप्रैल तक वहां भी बिजली पहुंच जाएगी। इस साल के अंत तक हर इच्छुक व्यक्ति को बिजली का कनेक्शन भी मिल जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई सौ की आबादी वाले गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया गया है, जो टोले बचे रह गए हैं, उनको भी टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत पक्की सड़क से जोड़ दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि यदि खुले में शौच से मुक्ति मिल जाए और पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध हो जाए तो होने वाली 90 प्रतिशत बीमारियों से छुटकारा मिल जाएगा। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री मंगल पाण्डेय, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक शत्रुघ्न तिवारी, मनोरंजन सिंह, सी. एन. गुप्ता, विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव, विकास आयुक्त शिशिर सिन्हा, पुलिस महानिदेशक पी. के. ठाकुर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर प्रधान सचिव नगर विकास चैतन्य प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, ग्रामीण कार्य एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव विनय कुमार, सारण के जिलाधिकारी हरिहर प्रसाद, पुलिस अधीक्षक हरि किशोर राय समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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