गोपनीयता के कारण नहीं दे सकते राफेल सौदे का विवरण : जेटली - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

गोपनीयता के कारण नहीं दे सकते राफेल सौदे का विवरण : जेटली

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नयी दिल्ली 08 फरवरी, सरकार ने आज कहा कि देश के हितों की रक्षा और शत्रु को हथियारों के संबंध में जानकारी रोकने के लिए राफेल विमान सौदे के संबंध में विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। अगले वित्त वर्ष के आमबजट पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुये वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान तत्कालीन रक्षा मंत्रियों प्रणव मुखर्जी और ए.के. एंटनी ने भी कुछ रक्षा सौदों से संबंधित जानकारी संसद में भी नहीं दी थी। उन्होंने लिखित जवाब में कहा था कि इस तरह की जानकारी सार्वजनिक करना देश हित में नहीं होगा। श्री जेटली ने कहा कि देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और शत्रु को हथियारों के संबंध में जानकारी न मिल सके इसलिए सरकार ने पुरानी परंपरा का पालन करते हुये राफेल सौदे के बारे में विवरण देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार पर पिछले चार साल से कोई भी भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है, किन्तु विपक्ष मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। श्री जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष पर इस सौदे को लेकर गलत बयानी करने का आरोप लगाया जिसपर कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों शोर शराबा शुरू कर दिया। इस दौरान श्री गाँधी सदन में मौजूद थे। इससे पहले इसी मुद्दे पर श्री जेटली और कांग्रेस के शशि थरूर के बीच भी हल्की नोंक-झोंक हुई। श्री गाँधी इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखना चाहते थे लेकिन अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेसी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने नियमों का हवाला देते हुये कहा कि जब कांग्रेस अध्यक्ष का जिक्र किया गया है तो श्री गाँधी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाना चाहिये। इस पर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि किसी का नाम नहीं लिया गया है। श्री जेटली ने सिर्फ “पार्टी अध्यक्ष” कहा है और बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। इसके बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गये और शोर-शराबा करने लगे। इस वजह से श्री जेटली ने कुछ देर के लिए चुपचाप अपनी सीट पर बैठ गये। उसके बाद उन्होंने शोर-शराबे के बीच ही आँध्र प्रदेश के सदस्यों की वित्तीय पैकेज की माँग पर सरकार का पक्ष रखा और भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन में इस मसले का हल निकाल लिया जायेगा। श्री गाँधी ने सदन के बाहर आरोप लगाया था कि राफेल सौदे में घोटाला हुआ है जिसकी वजह से सरकार इसका विवरण नहीं दे रही है। उन्होंने कहा था कि पिछली सरकार ने राफेल विमानों की खरीद के लिए जो कीमत तय की थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उससे अधिक कीमत पर सौदा किया है।
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