बिहार : हरकत उल मुजाहिदीन के तीन संदिग्ध आतंकी से पूछताछ - Live Aaryaavart

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रविवार, 11 फ़रवरी 2018

बिहार : हरकत उल मुजाहिदीन के तीन संदिग्ध आतंकी से पूछताछ

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गया 10 फरवरी, अहमदाबाद में नौ वर्ष पूर्व हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य आरोपी तौसीफ अहमद उर्फ तौफीक पठान की चार माह पूर्व बिहार के गया से हुयी गिरफ्तारी के बाद आतंक निरोधक दस्ता (एटीएस) आज स्लीपर सेल के तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि गया के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र से पिछले वर्ष 13 सितंबर को अहमदाबाद में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मुख्य आरोपी तौसीफ को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उससे मिली सटीक सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गयी है। तौसीफ अहमदाबाद विस्फोट के बाद अपनी पहचान छुपाने के लिए गया में शिक्षक बनकर रहता था और स्थानीय छात्रों को गणित पढ़ाता था। शिक्षक की आड़ में तौसीफ आतंकियों का स्लीपर सेल बनाने में लगा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद तौसीफ को गुजरात एटीएस कड़ी सुरक्षा के बीच ले गयी थी। सूत्रों ने बताया कि 19 जनवरी 2018 को भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया के गेट नम्बर चार से एक और निकट  के श्रीलंकाई मोनेस्ट्री के गेट से दो बम बरामद किये गये थे। बाद में बरामद बमों को बम निरोधक दस्ते की टीम ने  निष्क्रिय कर दिया था। इस मामले में एक सप्ताह पूर्व एटीएस ने जहानाबाद से तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

सूत्रों ने बताया कि तौसीफ की गिरफ्तारी के बाद कथित रूप से स्लीपर सेल को मजबूत करने में लगे मोहम्मद अनवर उर्फ मुन्ना मिस्त्री, मोहम्मद समी और मोहम्मद शाद को एटीएस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सभी संदिग्धों को अलग-अलग ठिकानों पर ले जाया गया है, जहां एटीएस के साथ ही अन्य जांच एजेंसियां भी पूछताछ में लगी हैं। सूत्रों ने बताया कि मोहम्मद अनवर को गया शहर के आईएमए हॉल, मोहम्मद समी और मोहम्मद शाद को उसके घर मारूफगंज मुहल्ला से हिरासत में लिया गया है। मो. समी के पास से एक हथियार भी बरामद किया गया है जिसकी वैधता की जांच की जा रही है। अभी तक की पूछताछ में मो. अनवर की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है। हिरासत में लिये गये तीनों कथित रूप से हरकत उल मुजाहिदीन से जुड़े लगते हैं। सूत्रों ने बताया कि आतंकी तौसीफ की गिरफ्तारी और महाबोधि मंदिर परिसर के निकट से बम बरामद होने के बाद से लगातार सतर्कता बरती जा रही है। महाबोधि मंदिर परिसर में आने-जाने वाले लोगों को तलाशी के बाद ही जाने दिया जा रहा है। 
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