एनटीपीसी के कहलगांव संयंत्र ने किया रिकॉर्ड 1,600 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शुक्रवार, 30 मार्च 2018

एनटीपीसी के कहलगांव संयंत्र ने किया रिकॉर्ड 1,600 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन

ntpc-kahalgaon-record-1600-crore-unit-production
भागलपुर, 30 मार्च, सार्वजनिक कंपनी एनटीपीसी के कहलगांव स्थित संयंत्र ने सारे पुराने कीर्तिमान ध्वस्त करते हुए चालू वित्त वर्ष में1,600 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। एनटीपीसी के समूह महाप्रबंधक( सुपर थर्मल पावर स्टेशन) के. श्रीधर ने कल यहां संवाददाताओं से कहा कि वित्त वर्ष2017-18 के दौरान इस संयंत्र ने1,617.82 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया है। यह इसके पहले के सर्वाधिक स्तर तथा वित्त वर्ष2016-17 के1,594.77 करोड़ यूनिट से2.63 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि संयंत्र ने पर्याप्त बिजली उत्पादन लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ ही कॉरपोरेट सामाजिक दायित्वों( सीएसआर) की प्राथमिकता का भी निर्वहन किया है। श्रीधर ने कहा, ‘‘ हमारी सीएसआर मुहिमों में बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करना शामिल है।’’  उन्होंने कहा कि कहलगांव संयंत्र ने युवाओं को छह महीने का प्रशिक्षण देने के लिए हाजीपुर स्थित केंद्रीय प्लास्टिक आभियांत्रिकी संस्थान के साथ करार किया है। इस पर करीब20 लाख रुपये का खर्च आएगा और यह अगले महीने से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम से प्रशिक्षित युवाओं के पास कौशल होगा जिससे वे प्लास्टिक आभियांत्रिकी में रोजगार पा सकेंगे। श्रीधर ने कहा, ‘‘ इसके अलावा हम रेलवे तथा बैंकिंग क्षेत्रों में रोजगार तलाश रहे युवाओं के कोचिंग का खर्च वहन कर उनकी आर्थिक मदद कर रहे हैं। इस मुहिम पर करीब10 लाख रुपये खर्च होंगे।’’  श्रीधर ने कहा कि कहलगांव संयंत्र ने राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे स्वच्छता अभियान में भी योगदान दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमने अब तक94 शौचालय बनाये हैं तथा217 तैयार हो रहे हैं।’’  उन्होंने कहा, ‘‘ हमने इस दौरान तीन हजार जरूरतमंदों को कंबल तथा पांच हजार स्कूली बच्चों को स्वेटर दिये हैं। बच्चों को शिक्षण सामग्री मुहैया कराना तथा स्कूलों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी हमारे सीएसआर का हिस्सा रहा है।’’ 
एक टिप्पणी भेजें