मधुबनी : जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का औचक मिरिक्षण - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 27 अप्रैल 2018

मधुबनी : जिला कार्यक्रम पदाधिकारी का औचक मिरिक्षण

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मधुबनी (आर्यावर्त डेस्क) 27 अप्रैल : श्री विनोद कुमार पंकज, वरीय उप समाहत्र्ता, सह जिला प्रोग्राम पदाधिकारी,आई0सी0डी0एस0,मधुबनी के द्वारा शुक्रवार को बाल विकास परियोजना के  टी0एच0आर0 वितरण दिवस 27.04.18 को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में आंगनवाड़ी केन्द्रों पर भारी पैमाने पर अनियमितता पायी गयी।  निरीक्षण के क्रम में रहिका प्रखंड के भौआड़ा पंचायत अंतर्गत केन्द्र संख्या-208 पर सेविका श्रीमती सीता देवी अनुपस्थित पायी गयी। सहायिका द्वारा बताया गया कि सेविका पोषक क्षेत्र में गयी है। केन्द्र स्थल पर टीकाकरण का कार्य चल रहा था। लेकिन टी0एच0आर0 वितरण से संबंधित कोई भी गतिविधि नहीं पायी गयी, न ही सहायिका के द्वारा टी0एच0आर0 वितरण पंजी प्रस्तुत किया गया। भौआड़ा पंचायत अंतर्गत केन्द्र संख्या 101 लक्ष्मीसागर पर टी0एच0 आर0 की कोई गतिविधि नहीं पायी गयी, न ही सेविका एवं सहायिका को केन्द्र पर उपस्थित पाया गया। केन्द्र सं0 269 पर सेविका मनीषा कुमारी के यहां टी0एच0 आर0 पंजी के अवलोकन से स्पष्ट हुआ कि सभी लाभुकों को सामग्रियों का वितरण नहीं किया गया था। साथ ही सामग्री की मात्रा भी निर्धारित मात्रा से कम वितरित की जा रही थी। केन्द्र सं0 115 सेविका रेखा देवी एवं सहायिका रेणु देवी केन्द्र पर पोषाक में  उपस्थित नहीं थी। केन्द्र पर विभाग द्वारा दिये गये सामग्रियों उपलब्ध नहीं पाया गया यथा वत्र्तन, बच्चों के खाने की थाली, मापक मषीन समेत अन्य सामग्री केन्द्र पर अनुपलब्ध पाया गया। इनके द्वारा भी टी0एच0आर0 का राषन कम मात्रा में वितरित की जा रही थी।

निरीक्षण के क्रम में पंडौल प्रखंड अंतर्गत केन्द्र सं0 150 सेविका राम सुंदरी कुमारी पोषाक में पायी गयी, लेकिन उनके द्वारा टी0एच0आर0 का वितरण कम मात्रा में किया जा रहा था। टी0एच0आर0 वितरण विभागीय निदेष के अनुकूल नहीं था। केन्द्र पर निरीक्षण के दौरान स्पष्ट हुआ कि कुछ महिला पर्यवेक्षिकाओं के द्वारा भी सेविका और सहायिका को उचित मार्गदर्षन नहीं दिया जा रहा है। ना ही महिला पर्यवेक्षिकाओं के द्वारा केन्द्रों का गहन पर्यवेक्षण किया जा रहा है। प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा अनियमितता पाये जाने वाले केन्द्रों की सेविकाओं को चयनमुक्ति हेतु स्पष्टीकरण पूछा गया है। और उनके विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कारवाई की जायेगी। साथ ही संबंधित महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्र के केन्द्रों पर सुचारू रूप से केन्द्र को संचालित करने का निदेष दिया गया।

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