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शुक्रवार, 13 अप्रैल 2018

दुमका : मतदाताओं से समर्थन की मांग

  • नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से प्रदेश प्रवक्ता-सह-चुनाव प्रभारी प्रवीण प्रभाकर ने अध्यक्ष/ उपाध्यक्ष पद प्रत्याशी के लिये मतदाताओं से समर्थन की मांग की

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दुमका (अमरेन्द्र सुमन) दलीय आधार पर हो रहे निकाय चुनाव में नगर परिषद्, दुमका में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद भाजपा प्रत्याशी अमिता रक्षित व गरीब दास के समर्थन में प्रदेश प्रवक्ता-सह-चुनाव प्रभारी प्रवीण प्रभाकर ने दिन शुक्रवार को नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से मतदाताओं का समर्थन मांगा। जनसंपर्क अभियान में प्रदेश प्रवक्ता-सह-चुनाव प्रभारी श्री प्रभाकर ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा ही दुमका का विकास कर सकती है। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने संताल परगना के विकास पर विशेष फोकस किया है। दुमका को उपराजधानी के रूप में सुसज्जित करने व इसकी पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश प्रवक्ता-सह-चुनाव प्रभारी श्री प्रभाकर के साथ जिलाध्यक्ष निवास मंडल, जवाहर मिश्रा, दिनेश दत्ता, मनोज साह, अजय पाठक, रामानंद मिश्रा, निरोज बैरा, अमित रक्षित, भोली गुप्ता, रोहित तिवारी, पिंटू साह, जयंतो साह इत्यादि मौजूद थे। श्री प्रभाकर ने कहा कि होल्डिंग टैक्स के मामले में राज्य सरकार जन भावनाओं के अनुरूप  निर्णय लेगी। चुनाव के पूर्व ही दुमका समेत कई नगर निकायों ने सरकार को होल्डिंग टैक्स में संशोधन का प्रस्ताव भेजा था। राज्य सरकार अपने स्तर पर सर्वे करवा कर नई दरें तय करेगी। गंगापुल का निर्माण भी शीघ्र शुरू होगा। श्री प्रभाकर ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने दुमका को रेल देने का वायदा किया था, जिसे भाजपा ने पूरा कर दिखाया। अब दुमका को हावड़ा, पटना और दिल्ली से जोड़ने के लिए पहल की जाएगी। दुमका और रांची के बीच हवाई सेवा भी शुरू करने की योजना है। श्री प्रभाकर ने कहा कि दुमका नगर में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए भाजपा सरकार कृतसंकल्प है। दुमका में सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। मालूम हो, नगर पालिका आम चुनाव 2018 के दो महीनें पहले ही काॅग्रेसी कार्यकर्ता अमिता रक्षित ने भाजपा में सदस्यता ग्रहण कर अध्यक्ष पद प्रत्याशी के लिये दलीय आधार पर पार्टी से टिकट प्राप्त किया था। इससे भाजपा की अंदरुनी राजनीति गरमा गई। वर्षों से भाजपा का झंडा ढो रही ममता साह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तिफा देते हुए निर्दलिय प्रत्याशी के रुप में चुनाव लड़ने का मन बना लिया। रौनियार वैश्य समुदाय ने भी भाजपा नेतृत्व के विरुद्ध आक्रोश प्रकट करते हुए ममता साह को पूण समर्थन देने का फैसला कर लिया। तीसरी मर्तबा अध्यक्ष पद की चुनाव लड़ रही निर्दलिय प्रत्याशी श्वेता झा को इन दोनों ही प्रत्याशियों की आपसी कलह का लाभ मिलता प्रतीत हो रहा है। यह दिगर बात हे कि आने वाले समय में कौन किसे मात देता है। अध्यक्ष पद की हैट्रिक दौड़ में क्या अमिता रक्षित अपना पुराना वजुद बचा कर रख पाती है या फिर श्वेता झा ? स्वतंत्र रुप से चुनाव लड़ रही ममता साह भाजपा प्रत्याशी अमिता रक्षित के गले की हड़डी बन चुकी है। राजनीति दांव-पेंच में वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम 20 अप्रैल को सार्वजनिक होगा। 16 अप्रैल को मतदान होना है। मतदाताओं की ओर टकटकी लगाए तमाम अध्यक्ष पद उम्मीदवारों की असली परीक्षा 16 अप्रैल को ही संपन्न हो जाएगा। 
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