दरभंगा : दुनिया में बढ़ी है भारत की प्रतिष्ठा : कुलाधिपति - Live Aaryaavart

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रविवार, 1 अप्रैल 2018

दरभंगा : दुनिया में बढ़ी है भारत की प्रतिष्ठा : कुलाधिपति

  • बिहार-यूपी में बीएड बना करोबार, दूसरी हरितक्रांति बिहार से

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दरभंगा (आर्यावर्त डेस्क): 01 अप्रैल, बिहार के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति सह महामहिम राज्यपाल सतपाल मलिक ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में आयोजित अष्टम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए अपने संबोधन में एक तरफ उच्च शिक्षा में सुधार की बात की, तो वहीं उन्होंने कृषि एवं अर्थव्यवस्था पर भी अपने विचार रखे. कुलाधिपति ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया. वहीं बीएड संस्थानों को अपने निशाने पर रखा. कुलाधिपति ने स्वामी विवेकानंद के आदर्श से सीख लेकर उसे अमल में लाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि देश के एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक केन्द्र मिथिला की हृदयस्थली दरभंगा चिंतकों, दार्शनिकों, विचारकों एवं महान विभूतियों की जन्म भूमि, कर्म भूमि भी रही है. उन्होंने कहा कि महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की शिक्षा प्रेम को भूलना संभव नहीं है. यह विश्वविद्यालय उनकी अप्रतीम दानशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है. उन्होंने विवेकानंद के व्क्तव्य की चर्चा करते हुए कहा कि भारत को एक विकसित राष्टÑ के रूप में प्रतिष्ठापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विद्यार्थियों के कंधों पर है. राज्यपाल ने कहा कि विश्व परिदृश्य में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है. हमारे देश का समृद्ध ज्ञान-विज्ञान, कला-साहित्य, परिपक्व प्रजातंत्र, उभरती अर्थव्यवस्था आदि विश्व समाज को हमारी ओर आकृष्ट करते हैं. कुलाधिपति ने महिलाओं के स्वालंबन पर विशेष चर्चा करते हुए कहा कि लड़कियों से दहेज मांगने वालों का जवाब देने के लिए उन्हें स्वावलंबी बनाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि 47 प्रतिशत लड़कियां आज शिक्षित हो रही है. इस प्रतिशत को बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में लड़कियों के लिए कॉमन रूम और टॉयलेट होना जरूरी है. तभी उस संस्थान को मान्यता दी जाएगी. कुलाधिपति ने कहा कि बीएड बिहार और यूपी में कारोबार बन गया है. इसलिए नेट की तरह केन्द्रीय परीक्षा लेने की व्यवस्था होने जा रही है. कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रसंघ इंसान निर्माण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि मैं स्वंय भी छात्रसंघ के माध्यम से राजनीति में आया हूं. छात्रसंघ का होना बहुत जरूरी है. परंतु छात्रसंघ के नेतृत्वकर्ता को सकारात्मक सोंच के आधार पर आगे बढ़ना होगा. कुलाधिपति ने बिहार की अर्थव्यस्था का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की अर्थव्यस्था का मूलाधार कृषि है और हमे कृषि विकास के प्रयासों को और अधिक तेज करना होगा. दो कृषि रोड मैपों के सफल क्रियान्वयन के बाद हमे तीसरे कृषि रोड मैप के लक्ष्य को हासिल करना होगा. उत्पादकता ने वृद्धि से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृध करनी होगी. उन्होंने विश्वास जताया कि दूसरी हरित क्रांति निश्चित रूप से सबसे सफल रूप में बिहार में ही प्रतिफलित होगी.
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