मोदी को ‘खत्म करने’ के संबंध में टेलीफोन पर हुई बातचीत की जांच जारी - Live Aaryaavart

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मंगलवार, 24 अप्रैल 2018

मोदी को ‘खत्म करने’ के संबंध में टेलीफोन पर हुई बातचीत की जांच जारी

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कोयंबत्तूर , 24 अप्रैल, पुलिस ने आज बताया कि वह टेलीफोन पर हुई उस बातचीत की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है जिसमें साल 1998 में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले का एक दोषी एक परिवहन ठेकेदार से कथित तौर पर यह कहता सुनाई दे रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मार डालने की योजना बना रहा है। बहरहाल , शुरूआती जांच में कहा गया कि श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोट मामले के दोषी मोहम्मद रफ़ीक ने यह बात शायद परिवहन ठेकेदार प्रकाश को डराने के लिए कही थी।  पुलिस ने बताया कि टेलीफोन पर हुई इस बातचीत की रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद रफ़ीक को कल रात गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 506 ( आई ) ( आपराधिक धमकी ) के तहत मामला दर्ज किया गया है।  उन्होंने बताया कि बातचीत में हालांकि प्रधानमंत्री के नाम का जिक्र है लेकिन शुरूआती जांच में कहा गया कि रफ़ीक की टिप्पणी शायद मोदी के खिलाफ कोई साजिश नहीं है बल्कि उसने ठेकेदार को डराने के लिए यह सब कहा।  पुलिस के अनुसार , मामले की जांच जारी रहेगी।  रफ़ीक ने वर्ष 1998 में कोयंबत्तूर में हुए बम विस्फोट मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अपनी जेल की सजा पूरी की और वह शहर के कुनियामुथुर इलाके में रह रहा है। वह एक परिवहन ठेकेदार है।  पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर डाली गई आठ मिनट की इस बातचीत में रफ़ीक शामिल है।  उन्होंने बताया ‘‘ बातचीत मुख्यत : गाड़ियों के फायनेन्स के बारे में है। लेकिन अचानक ही रफीक यह कहता सुनाई देता है ‘‘ हमने ( प्रधानमंत्री ) मोदी को खत्म करने का फैसला किया है। हम उन लोगों में से थे जिन्होंने वर्ष 1998 में ( पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण ) आडवाणी की शहर यात्रा के दौरान बम लगाए थे। ’’  फरवरी 1998 में कोयंबत्तूर में हुए श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों में 58 लोगों की मौत हो गई थी और करोड़ों रूपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी।  पुलिस के अनुसार , बातचीत में व्यक्ति को ठेकेदार से यह कहते हुए सुना गया कि मेरे खिलाफ कई मामले चले और 100 से ज्यादा वाहन मैंने क्षतिग्रस्त किये।  बीती रात पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि शहर की पुलिस ने रिकॉर्ड की गई बातचीत की जांच करने और बातचीत कर रहे व्यक्तियों की असलियत का पता लगाने के लिए विशेष दल बनाए।  विज्ञप्ति के अनुसार , बातचीत के आधार पर व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। 
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