बिहार : इंसाफ मंच-भीम आर्मी सहित कई संगठनों द्वारा जगह-जगह पदयात्रा का किया स्वागत. - Live Aaryaavart

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रविवार, 29 अप्रैल 2018

बिहार : इंसाफ मंच-भीम आर्मी सहित कई संगठनों द्वारा जगह-जगह पदयात्रा का किया स्वागत.

  • लाल किले और अन्य धरोहरों की नीलाम करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती.
  • 1 मई को पटना के गांधी मैदान में आयोजित जनअधिकार महासम्मेलन को लेकर जनउत्साह.
  • चिलचिलाती धूप में कई संकटों को झेलते पदयात्रियों के जत्थे पटना की ओर बढ़ रहे.
  • कल 30 अप्रैल की शाम तक जत्थे पटना के आस-पास डालेंगे पड़ाव.
  • महासम्मेलन को माले महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य मुख्य वक्ता के बतौर करेंगे संबोधित.
  • पदयात्रियों के लिए अभिनंदन के लिए वाम दलों को भी किया गया है आमंत्रित.
  • बिहार के न्यायपसंद, प्रगतिकामी व अमन-चैन पसंद जनता से महासम्मेलन को सफल बनाने की अपील.


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पटना 29 अप्रैल 2018, भाजपा को देश से भगाना कितना जरूरी हो गया है, यह इससे भी साबित हो रहा है कि इस सरकार ने लाल किला नीलाम कर दिया है. 15 अगस्त को जिस लाल किले पर प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं, उसे डालमिया ग्रुप के हवाले कर दिया गया है. यह वहीं डालमिया ग्रुप है जिसने बिहार को लूटकर बर्बादी की गर्त में धकेल दिया था. राष्ट्रीय धराहरों को नीलाम करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती है. इन धरोहरों और लाल किले को भाजपा से बचाना होगा. दरअसल, आज भाजपा पूरे देश के लिए ही खतरा बन गई है. संविधान, लोकतंत्र और हमारे अधिकार सब खतरे में हैं. इसलिए हमने बिहार में जनअधिकार पदयात्रा का आयोजन किया है और भाजपा को बिहार व देश से पूरी तरह खारिज करने का आह्वान किया है. विगत 23 अप्रैल से आरंभ भाजपा भगाओ-बिहार बचाओ, लोकतंत्र बचाओ-देश बचाओ जनअधिकार पदयात्रा कल 30 अप्रैल की शाम तक पटना पहुंच जाएगी और विभिन्न स्थानों पर रात्रि विश्राम के उपरांत 1 मई को एक बार फिर से पैदल मार्च करते हुए गांधी मैदान पहुंचेगी. जहां जनअधिकार महासम्मेलन का आयोजन किया गया है. इस महासम्मेलन को मुख्य वक्ता के बतौर हमारी पार्टी के महासचिव काॅ. दीपंकर भट्टाचार्य संबोधित करेंगे. पदयात्रियों के अभिनंदन के लिए वाम दलों को भी आमंत्रित किया गया है.

चिलचिलाती धूप और कई प्रकार के संकटों को झेलते हुए बिहार के पांच बिन्दुओं से यह पदयात्रा पटना पहुंच रही है. 25 अप्रैल की सुबह में रोहतास के बिक्रमगंज और दरभंगा से पदयात्रा शुरू हुई थी. दरभंगा से चली पदयात्रा गायघाट, बेनीबाद, मुजफ्फरपुुर शहर होते हुए वैशाली जिले में प्रवेश कर गई है. इसका नेतृत्व पार्टी की केंद्रीय कमिटी के सदस्य व खेग्रामस के महासचिव काॅ. धीरेन्द्र झा, ऐपवा की महासचिव काॅ. मीना तिवारी, खेग्रामस के बिहार राज्य सचिव वीरन्द्र प्रसाद गुप्ता, दरौली के विधायक सत्यदेव राम, वैद्यनाथ यादव, कृष्णमोहन आदि नेता कर रहे हैं. पार्टी महासचिव ने दरभंगा व मुजफ्फरपुर में इस जत्थे का स्वागत किया. रोहतास से निकली यात्रा पीरो, गड़हनी, चरपोखरी, आरा होते हुए कोईलवर पुल पार कर पटना जिला के बिहटा में प्रवेश कर गई, जहां पार्टी के पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता काॅ. रामेश्वर प्रसाद ने स्वागत किया. इस यात्रा का नेतृत्व हमारी पार्टी की केंद्रीय कमिटी के सदस्य जवाहर लाल सिंह, अरूण सिंह, मनोज मंजिल, राजू यादव, तरारी के विधायक सुदामा प्रसाद, पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, अजीत कुशवाहा, मनोहर, विजय यादव, कयामुद्दीन अंसारी, इंदू सिंह आदि नेता कर रहे हैं. 

25 अप्रैल को गया और 26 अप्रैल को अरवल से चली यात्रा जहानाबाद के जत्थे से एकाकार होकर मसौढ़ी पार कर गई है. इस जत्थे का नेतृत्व पार्टी की राज्य स्थायी समिति के सदस्य महानंद, निरंजन कुमार, रामाधार सिंह, औरंगाबाद जिला के सचिव जनार्दन प्रसाद सिंह, रामबलि प्रसाद, रीता वर्णवाल, कंुती देवी, लीला वर्मा और मसौढ़ी से केंद्रीय कमिटी के सदस्य गोपाल रविदास, सत्यनारायण प्रसाद, कमलेश कुमार आदि नेता कर रहे हैं. बिहारशरीफ से आरंभ पदयात्रा का नेतृत्व पार्टी की केंद्रीय कमिटी की सदस्य शशि यादव, नालंदा जिला सचिव सुरेन्द्र राम, नवादा जिला सचिव नरेन्द्र सिंह, मनमोहन, भोला राम, सावित्री देवी आदि कर रहे हैं. खगड़िया के जत्थे का नेतृृत्व काॅमरेड सरोज चैबे, शिवसागर शर्मा, दिवाकर प्रसाद, नवल किशोर, अरूण दास आदि कर रहे हैं. यह जत्था बेगूसराय तक पैदल मार्च करेगी और फिर ट्रेन से पटना पहुंचेगी. पदयात्रियों का आम जनता के अलावा जगह-जगह इंसाफ मंच-भीम आर्मी जैसे संगठनों ने स्वागत किया. दरभंगा में भीम आर्मी के अध्यक्ष राजेश कुमार ने पदयात्रियों का स्वागत किया और अपनी एकजुटता जाहिर की. वे पदयात्रियों के साथ कुछ दूर तक साथ भी चले. मुजफ्फरपुर में इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष जफर आलम, आफताब आलम, मो. फहद जमां, मो. एहतेशाम आदि नेताओं ने पदयात्रा का स्वागत किया. कई स्थानों पर कुछेक दलित संगठनों का भी व्यापक सहयोग पदयात्रियों को मिला. जैमतुल राहन के डाॅ. राहत अली, आॅल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के नजरे आलम और कई बुद्धिजीवियों ने भी यात्रा का स्वागत किया. सीपीआई के विधानपार्षद संजय कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर में कई बुद्धिजीवी प्रो. अरविंद डे, डाॅ. रेवती रमण, प्रो. नवल किशोर, प्रो. भवानी डे, बली अहमद, शायर मंजर आदि बुद्धिजीवियों ने यात्रा का स्वागत किया.

  दलित-गरीबों, मजदूर-किसानों, छात्र-नौजवानों के अलावा अपनी मांगों के साथ बड़ी संख्या में आशाकर्मी, रसोइया, निर्माण मजदूर, स्कीम वर्कर और अन्य कामकाजी हिस्से भी पदयात्रा में शामिल हुए. उन्होंने यथासंभव पदयात्रा का स्वागत किया और पदयात्रियों के साथ कुछ दूर तक चले. आइसा, इनौस, किसान महासभा, खेतमजदूर सभा, ऐपवा, ऐक्टू, जनसंस्कृति मंच आदि जनसंगठनों के भी नेता जनअधिकार पदयात्रा में पूरी तरह से सक्रिय रहे. 30 अप्रैल को पटना पहुंचने वाली पदयात्राएं विभिन्न स्थानों पर रात्रि विश्राम करेंगी. शाहाबाद की पदयात्रा फुलवारीशरीफ, गया वाली पदयात्रा अब्दुल्लाह चक परसा बाजार, बिहारशरीफ से चली यात्रा पटना साहिब और दरभंगा का जत्था गंगा किनारे तेरसिया में रात्रि विश्राम करेगी. महासम्मेलन की तैयारियां अपने अंतिम चरण में है. गांधी मैदान में धूप से बचने के लिए पंडाल लगाए जा रहे हैं. पटना में महासम्मेलन के प्रचार हेतु प्रचार गाड़ियां भी आज से निकली हुई हैं.   भाकपा-माले पटना की जनता और न्यायपसंद नागरिकों से लंबी यात्रा तय कर आ रहे पदयात्रियों का पटना शहर में स्वागत करने, उन्हें यथासंभव सहायता प्रदान करने तथा महासम्मेलन को सफल बनाने की अपील करती है. हमें विश्वास है कि भाजपा की उन्माद-उत्पात की राजनीति और फासीवादी विचारों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देने के लिए आयोजित इस महासम्मेलन को हमें जनता के विभिन्न हिस्से का व्यापक सहयोग हासिल होगा. संवाददाता सम्मेलन को माले राज्य सचिव कुणाल ने संबोधित किया. इस मौके पर केंद्रीय कमिटी के सदस्य काॅ. अमर व संतोष सहर भी उपस्थित थे.
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