बिहार : डेढ़ साल के बाद भी शुद्ध जल मयस्सर नहीं - Live Aaryaavart

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बुधवार, 25 अप्रैल 2018

बिहार : डेढ़ साल के बाद भी शुद्ध जल मयस्सर नहीं

  • सफेद हाथी बना है जलापूर्ति केंद्र, कामास्थान, बाल्थी और तीनधरिया 

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कटिहार. जिले के अधिकारियों व ठेकेदारों के बीच में है मिलीभगत. इसके कारण नहीं देते हैं तवज्जों सीएम नीतीश कुमार के सात निश्चय को. खबर है कि समेली प्रखंड में 1 और कुर्सेला प्रखंड में 2 जलापूर्ति केंद्र निर्माण हो गया है.मगर डेढ़ साल के बाद भी स्टार्ट नहीं किया जा सका है.इसके कारण लोगों को शुद्ध पेयजल मयस्सर नहीं हो पा रहा है. इस क्षेत्र लोग आयरनयुक्त पानी पीने को बाध्य हैं. मजे की बात है सफेद हाथी बन गए इन जलापूर्ति केंद्रों की देखभाल सह ऑपरेटर के रूप में वंदे को बहाल कर लिया गया है.मगर शख्स को पगार के रूप में ठेंगा थमा दिया जा रहा है. इस संदर्भ में समेली प्रखंड के बकिया ग्राम पंचायत में रहने वाले व वार्ड नम्बर- 12 के वार्ड सदस्य बहादुर ऋषि कहते हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना को अधिकारी व ठेकेदार मिलकर मिट्टी में मिलाने का काम कर रहे हैं. इस योजना के तहत कामास्थान के पास जलापूर्ति केंद्र निर्माण किया गया है. बिजली नहीं रहने के कारण सौर उर्जा से जलापूर्ति केंद्र चलाने की व्यवस्था की गयी है.वहीं जल भंडारण करने के लिए दो जगहों पर सिमेंटेट जल भंडारण करने की पक्की व्यवस्था है. इस जल भंडारण का संयोजन हर घर नल का जल के पाइपों से कर दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि जलापूर्ति केंद्र की देखभाल सह ऑपरेटर के रूप में  बाजाप्ता सुनील कुमार मंडल को बहाल किया गया है.जलापूर्ति केंद्र की देखभाल सह ऑपरेटर के रहते गेट को तोड़ दिया है.एक गेट को ले भाग गया. मौके पर मौजूद सुनील कुमार मंडल कहते हैं कि पटना में जाकर ऑपरेटर पद का साक्षात्कार दे आया हूं. बहाल ऑपरेटर सुनील कुमार मंडल कहते हैं कि जलापूर्ति केंद्र का निर्माण कार्य संपन्र हो गया है.आजकल में स्टार्ट होगा,कहते-कहते डेढ़ साल गुजर गया.इस बीच केवल एक बार मशीन को स्टार्ट करके टेस्ट किया गया था. टेस्टिंग सफल रहा. इसके बाद डेढ़ साल से मशीन बंद है.अब मशीन के बारे में अल्लाह जाने क्या होगा? 

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इस पर वार्ड नम्बर-12 के पूर्व वार्ड सदस्य रामलाल ऋषि कहते हैं कि यह जलापूर्ति केंद्र तो सफेद हाथी बन गया है.इन लोगों ने मिलकर सीएम नीतीश कुमार के कुशल शासन -प्रशासन को दागदार करने का काम किया है. आगे कहते है कि बकिया मुसहरी  पश्चिमी टोला में शुरूआती दौर में डायरिया से 15 लोग मर गये. सभी दूषित पानी,दूषित भोजन व दूषित वातावरण की चपेट में आ गए थे. हां जानलेवा डायरिया बन गया. इसकी चपेट में ही आकर दम तोड़ दिये.किसी को भी कबीर अंत्येष्ठी योजना से लाभ नहीं मिला.फिलवक्त मुसहरी में 15 चापाकल है. 5 सरकारी है और 10 व्यक्तिगत है.पिछले 4 साल से डायरिया नहीं हो रहा है.यह वार्ड सदस्य बहादुर ऋषि का कहना है.साफ-सफाई पर खासा जानकारी दी गयी.स्वच्छ भोजन व पेयजल लेने पर बल दिया गया. कुर्सेला प्रखंड में है पंचायत उत्तरी मुरादपुर. इस पंचायत की वार्ड न.8 की वार्ड सदस्य हैं तेतरी देवी. वार्ड सदस्य तेतरी देवी कहती हैं गांव बल्थी, महेशपुर टोला में  स्थित है महादलित मुसहर टोला.इस समुदाय के टोला में 400 से अधिक घर है.इनको शुद्ध मुहैय्या करवाने के लिये जलापूर्ति केंद्र निर्माण किया गया है.इस केंद्र के ऊपर जल भंडारण की व्यवस्था है. 5 हजार लीटर पानी भंडारण करने वाली  सिंटेक टैक है. इसके बगल में सौर उर्जा प्लेट है.बिजली की व्यवस्था है.विशेष तौर ट्रॉसफार्मर भी लगाया है. मौके पर मौजूद हैं जलापूर्ति केंद्र की देखभाल व ऑपरेटर नितेश पासवान .वे केंद्र में ही बेड डाल रखे हैं.आराम फरमाते हैं. उपस्थिति बुक भी रखे हैं.  श्री पासवान कहते हैं कि 12 से जलापूर्ति केंद्र की निगरानी कर रहे हैं. यहां पर 2 अश्व शक्ति की 2 मशीन लगी है. स्टार्टर 21 दिसम्बर 2017. अभी तक मीटर के अनुसार 28.63 लीटर ही पानी सिंटेक में गया है.ऑपरेटर कहते हैं कि मुसहरी टोला के 110 घरों में हर घर नल का जल का पाइप का समायोजन कर दिया है. मगर पाइप में टॉटी नहीं लगायी है. पिछले दिनों टोला में निर्मित हवाई महल में बैठक की गयी.इसमें कम्युनिटी बेस ऑर्गनाइजेशन (सीबीओ) बनाकर सरकार के अधिकारियों पर दबाव बनाने निश्चय किया गया.इस बैठक की भनक मिलते ही पाइप में टॉटी लगाकर चालू करने की कवायद तेज है.बावजूद,इसके कार्यारंभ नहीं है. इसी तरह का हाल तीनधरिया में भी है.लोग शुद्ध पानी पीनेे को बेताब हैं.अभी तो आयरनयुक्त पानी पी रहे हैं.
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