दरभंगा : शैक्षणिक परम्परा को सुदृद्ध करने में जुटा है विश्वविद्यालय : प्रो. एस.के सिंह - Live Aaryaavart

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सोमवार, 2 अप्रैल 2018

दरभंगा : शैक्षणिक परम्परा को सुदृद्ध करने में जुटा है विश्वविद्यालय : प्रो. एस.के सिंह

  • सीखने और सीखाने वालों पर निर्भर है शिक्षा की गुणवत्ता : प्रो. पंजाब सिंह

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दरभंगा (आर्यावर्त डेस्क) 01 अप्रैल  : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अष्टम दीक्षांत समारोह में मुख्यवक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झांसी के कुलाधिपति प्रो. पंजाब सिंह ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सीखने वालों और सीखाने वालों की सामग्री पर आधारित है. शिक्षार्थियों का मतलब है कि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में बहुत प्रभाव पड़ता है, सीखने वाले तत्वों को प्रभावित करता है, जिसमें गुणवत्ता और शिक्षा शामिल है. उन्होंने कहा कि दुनियां में आप किसी से कम नहीं हैं, ऐसा महसूस करें. श्री सिंह ने कहा कि सभी सामाजिक बुराईयों से मुक्त, अध्यात्मिकता, मानवता, मानव संसाधन और आर्थिक प्रणाली के संबंध में दुनियां का नेतृत्व करने के लिए एक राष्टÑ चाहिए. श्री सिंह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता ही सर्वोच्च प्राथमिकता है. आजादी के समय हम 500 कॉलेज और लगभग 2.1 लाख विद्यार्थी थे, जो अब 39071 कॉलेज और 34.6 मिलीयन विद्यार्थी हैं. अपने संबोधन में राज्य के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि मिथिला ज्ञान की धरती है. अतीत के अनुरूप ही वर्तमान में प्रयास करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि ऋषि-मनीषियों की धरती पर आनंद की अनुभूति हो रही है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि गरीबी और अशिक्षा को दूर करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में, स्वास्थ्य के क्षेत्र में, कृषि उत्पादन में, बिजली, सड़क जैसे मूलभूत क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समाज में व्याप्त कुरितियों को समूल नष्ट करने की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है. दहेज प्रथा जैसे गंभीर सामाजिक कुरितियों पर अंकुश लगाया गया है. वहीं कार्यक्रम के शुरूआत में स्वागत एवं विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन रखते हुए कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक परम्परा को उत्कृष्ट बनाने में लगा है. रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में व्यवसायिक शिक्षा, पाठ्यक्रम शुरू किया गया है. 34 महाविद्यालयों में नैक मूल्यांकन हो चुका है. उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना का विकास किया गया है. कुलपति ने कहा कि शैक्षणिक आधार पर हमारे विद्वान शिक्षकों का योगदान सराहनीय है. कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय ने अपना विजन 2030 का रोड मैप तैयार कर लिया है. ताकि विश्वविद्यालय बदले परिवेश में प्रासंगिक हो सके. कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव डॉ. मुस्तफा कमाल अंसारी ने किया.
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