स्टरलाइट संयंत्र बंद करने के आदेश - Live Aaryaavart

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शुक्रवार, 25 मई 2018

स्टरलाइट संयंत्र बंद करने के आदेश

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थोथुकुडी 24 मई, तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता समूह के स्टरलाइट तांबा संयंत्र के विरोध में भड़की हिंसा के दो दिन बाद आज इस संयंत्र को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया और संयंत्र की बिजली भी काट दी गयी, हिंसा में मरने वालों की संख्या 13 हो गयी है और बंदरगाह वाले इस शहर में आज तीसरे दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) के अध्यक्ष मोहम्मद नसीमुद्दीन ने कल देर रात आदेश जारी किया जिसके आधार पर संयंत्र को तड़के सवा पांच बजे बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गयी। संयंत्र के विरोध में दो दिन पहले भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या आज बढ़कर 13 हो गयी। आंदोलनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज और फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए सेल्वाशेखर (43) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां आज सुबह उसकी मौत हो गयी। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में घायल हुए कुछ पुलिसकर्मियों समेत 70 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

पिछले दो दिनों से जारी दंगे, आगजनी के कारण पूरे थोथुकुडी में स्थिति असहज बनी हुई है। असामाजिक तत्वों ने आज सुबह तिरुनेल्वेली, कन्याकुमारी और नागापट्टिनम जिलों में राज्य पथ परिवहन निगम की छह बसों पर पथराव किया तथा उनके शीशे तोड़ डाले। लगातार तीसरे दिन आज भी सभी दुकानें तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे जबकि सरकारी कायर्रलयों में उपस्थिति काफी कम रही।  शहर में सार्वजनिक वाहन नहीं चल रहे थे लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस वाहनों के अलावा कुछ निजी कार और ऑटो रिक्शा चल रहे थे। लोग घरों में बंद रहे और उन्हें दूध समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था।  सोशल मीडिया पर उत्तेजक संदेशों तथा अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सेवा प्रदाताओं को जारी राज्य सरकार की एडवाइजरी के बाद कल रात से ही तमाम इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है।  जिला प्रशासन ने हिंसा और किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को तैनात किया है। पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में अबतक 130 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।  इस बीच नयी दिल्ली में एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय तूतीकोरिन में हिंसा को लेकर तमिलनाडु सरकार से संपर्क बनाये हुए है। अधिकारी के मुताबिक,“राज्य सरकार से मई 22 को हुई हिंसा के कारण और इसके बाद के घटनाक्रमों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है।” अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार से शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने को लेकर किये गये उपायों तथा स्टरलाइट संयंत्र को लेकर भी विस्तार से जानकारी मांगी गयी है। 

इस बीच तूतीकोरिन में पुलिस फायरिंग का मामला आज उच्चतम न्यायालय पहुंच गया। उच्चतम न्यायालय के वकील जी एस मणि ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर करके तूतीकोरिन के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने एवं फायरिंग की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराये जाने की मांग की है। श्री मणि ने कहा कि वह न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मामले का कल विशेष उल्लेख करेंगे तथा इसकी तत्काल सुनवाई का अनुरोध करेंगे। याचिकाकर्ता ने अपनी 30 पृष्ठों की याचिका में शीर्ष अदालत से इस मामले में हस्तक्षेप करने तथा मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये तथा घायलों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि जारी करने का निर्देश देने की मांग की है। पुलिस असामाजिक तत्वों पर निगरानी के लिए ड्रोन की मदद लेने की भी योजना बना रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पलयमकोट्टी मार्ग पर वी ओ चिदंबरम कॉलेज के पास दोपहर में पथराव करने वालों तथा पेट्रॉल बम फेंकने वालों पर विशेष रुप से निगरानी के लिए ड्रोन का परीक्षण किया।  जिले के नए जिलाधिकारी संदीप नांदुरी ने संवाददाताओं को बताया कि स्थिति को सामान्य करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि हिंसा के दौरान घटित घटनाओं, पुलिस फायरिंग तथा फायरिंग का आदेश देने वाले, इन सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। 

गौरतलब है कि मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एक दिन पहले ही स्टरलाइट संयंत्र के विस्तार पर रोक लगा दी थी तथा वेदांता समूह को थोथुकोडी में अपनी दूसरी इकाई के निर्माण को रोकने का भी आदेश दिया था।  कंपनी के लाइसेंस के पिछली बार के नवीनीकरण में लागू शर्तों का पालन नहीं किये जाने के कारण कंपनी की ओर से 2018-2023 के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण के वास्ते दिये गये आवेदन को नामंजूर कर दिया गया है। बोर्ड ने आदेश दिया है कि संयंत्र पूर्व अनुमति लिये बगैर अथवा लाइसेंस के नवीकरण के बिना अपना उत्पादन/संचालन शुरु नहीं कर सकता है।  पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन, एमडीएमके महासचिव वाइको, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एस तिरुनावुक्करासर, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव के बालाकृष्णन, विदुथलाई चिरुथाईगल काची नेता थोल थिरुमावलवन और मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक और कलाकार कमल हसन समेत 64 लोगाें पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कल जिले में घायलों तथा फायरिंग में मारे गये लोगों के परिजनों से मुलाकात करने का आरोप लगाया है।  चेन्नई में मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी ने कहा कि विवादास्पद स्टरलाइट संयंत्र बगैर पूर्व अनुमति के चालू नहीं किया जा सकता तथा इसे बंद करने को लेकर कानूनी कदम उठाए जायेंगे। उन्होंने श्री स्टालिन पर राजनीतिक नौटंकी करने का भी आराप लगाया। 
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