धर्म निजी पंसद ,दबाव न बनाया जाये : राजनाथ सिंह - Live Aaryaavart

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बुधवार, 2 मई 2018

धर्म निजी पंसद ,दबाव न बनाया जाये : राजनाथ सिंह

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तिरवनंतपुरम 01 मई, केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि धर्म निजी पसंद का मामला है और इसको लेकर किसी भी व्यक्ति पर न तो दबाव डाला जाना चाहिए और न ही किसी तरह की लालच देना चाहिए।श्री सिंह यहां पद्म विभूषण फिलिपोस मार क्राइसोस्टॉम मार्च थॉमा वैलिया मेट्रोपॉलिटन के सौ वर्ष पूरा होने के मौके पर अायोजित समारोह को संबाेधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एकता को बनाये रखते हुए विकास की राह पर लाना है और जब देश के लोगों में एकता होगी तभी देश को एक बार फिर महान बनाने का सपना पूरा हो सकता है। गृहमंत्री ने कहा,“भारत एक धर्म की वजह से एकता की सूत्र में नहीं बंधा है अथवा किसी धार्मिक विचारधारा के पास राजनीतिक शक्ति है या उसका शासन पद्धति पर नियंत्रण है, बल्कि हमारा देश इसलिए संगठित है क्योंकि यहां विभिन्न मतों और धार्मिक विचारधारों काे शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने अथवा अमल करने की आजादी है।” उन्होंने कहा,“ देश में ‘सर्वधर्म समभाव’ की भावना को बनाये रखना चाहिए आैर संयुक्त भारत के स्तंभों को मजबूत करते रहना चाहिए। एकता हमारी ताकत है और हम सभी को एकता,भाईचारा और सौहार्द की भावना को मजबूती प्रदान करने की दिशा में काम करना चाहिए। आज जब हम पद्म विभूषण फिलिपोस जी का जन्म दिन मना रहे हैं तो हमें इस बारे में संकल्प लेना चाहिए।” श्री सिंह ने कहा कि वह ईश्वर की भक्ति के साथ-साथ समाज सेवा के कार्य भी करते हैं। कमजोर तबके के लोगों के उत्थान में उनकी उल्लेखनीय भूमिका है। मानवाता की सेवा के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन को ईश्वर को समर्पित कर दिया है। पद्म विभूषण डॉ फिलिपोस न केवल केरल अथवा ईसाई धर्म बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन एक उदाहरण है कि कैसे समाज और मानवता की सेवा करके ईश्वर की पूजा की जा सकती है। उनकी सेवाओं के मद्देनजर उन्हें इस वर्ष पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इससे पहले श्री सिंह ने शांतिगिरि आश्रम में 19वें नवाओली ज्योर्तिदिनम समारोह का उद्घाटन किया। 
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