किसानों की दुर्दशा के लिए जाना जायेगा मोदी का कार्यकाल : कांग्रेस - Live Aaryaavart

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रविवार, 3 जून 2018

किसानों की दुर्दशा के लिए जाना जायेगा मोदी का कार्यकाल : कांग्रेस

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नयी दिल्ली 02 जून, कांग्रेस ने देश में किसानों की बदहाली के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आज कहा कि उस की गलत नीतियों के चलते ही किसानों को मजबूरन सडक पर उतरना पडा है और इसके शासनकाल को किसानों की दुर्दशा के लिए जाना जायेगा।  कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि किसान पिछले चार साल से मोदी सरकार से गुहार लगा रहा है लेकिन सरकार ने उनकी हालत सुधारने के लिए कोई वादा पूरा नहीं किया है। इसके चलते उन्हें खेत छोडकर मजबूरन सडकों पर आंदोलन करना पड़ा है। देश भर के 130 से अधिक किसान संगठन सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में एक से दस जून तक देश भर में गांव बंद आंदाेलन कर रहे हैं। उन्होंने कविता की शैली में सरकार पर हमला करते हुए कहा है - “सड़कों पर उतरे विवश किसान, नहीं मिलते उन्हें फसलों के उचित दाम, निर्मम भाजपा को है सिर्फ सुर्खियों से काम, किसानों की दुर्दशा और आत्महत्या का काल - मोदी सरकार के चार साल ” श्री सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने किसानों से वादा किया था कि उन्हें फसलों की लागत से 50 प्रतिशत अधिक समर्थन मूल्य दिया जायेगा लेकिन सरकार ने वादा निभाने के बावजूद किसानों को धोखा देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में 2015 में शपथ पत्र देकर कहा कि अगर स्वामीनाथन आयोग इस सिफारिश को लागू किया गया तो बाजार बिगड़ जाएगा। इससे साफ है कि मोदी सरकार किसानों की अपेक्षा जमाखोरों और बिचौलियों के पक्ष में खड़ी हो गई । 

श्री सुरजेवाला ने कहा कि अभी हाल यह है कि मूँग का लागत मूल्य 5700 रु है और समर्थन मूल्य 5575 रु । इसी तरह ज्वार का लागत मूल्य 2089 रु है और समर्थन मूल्य 1700 रु । लगभग सभी फ़सलों का यही हाल है । चाहे धान हो, गेहूँ हो,चना हो या मूँगफली, बमुश्किल लागत मूल्य किसानों को मिल रहा है । गन्ना किसानों की दुर्दशा का भी यही हाल है उनका किसानों का लगभग 20 हज़ार करोड़ रु बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पाकिस्तान से बड़ी मात्रा में शक्कर आयात कर देश के गन्ना किसानों के जीवन में कड़वाहट घोल दी है।उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर चलायी जा रही बीमा योजना में भी निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया है। कर्ज माफी के नाम पर मोदी सरकार ने किसानों के साथ न्याय नहीं किया है और बीते चार सालों में धन्ना सेठों का लगभग 2.41 लाख करोड़ रु का कर्ज माफ किया गया है। अकेले 2017 और 18 में ही 53,226 करोड़ रु का कर्ज माफ किया गया है। किसानों का कहना है कि जब धनपतियों का कर्ज माफ किया जा सकता है तो उनका क्यों नहीं किया जा सकता। किसानों की बदहाली का आलम यह है कि आज 35 से अधिक किसान रोज़ आत्महत्या करने पर मजबूर हैं । उन्होंने कहा कि कांग्रेस मोदी सरकार द्वारा किसानों के दमन का कडा विरोध करती है और उनके विरोध में समूचा देश साथ खडा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 6 जून को मध्य प्रदेश के मंदसौर में जायेंगे। उन्होंने कहा कि वहां जून 2017 में छह किसानों की मौत हो गयी थी। श्री गांधी इन के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे और देश भर के किसानों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करेंगे।
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