विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने जरूरी कदम उठा रहे : जावड़ेकर - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

सोमवार, 18 जून 2018

विश्वविद्यालयों में रिक्तियां भरने जरूरी कदम उठा रहे : जावड़ेकर

government-take-action-to-fill-univercity-javdekar
नई दिल्ली, 18 जून, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को यहां कहा कि सरकार देश भर के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की रिक्तियों को भरने के लिए भर्ती के तरीके को उलटने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने सहित सभी महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।   पिछले चार वर्षों में अपने मंत्रालय द्वारा अर्जित उपलब्धियों पर आयोजित एक कार्यक्रम में जावड़ेकर ने कहा, "हम दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवश्यक सभी कदम उठा रहे हैं। आज (रविवार) भी मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से मुलाकात कर प्रधानाचार्य के पद को तेजी से भरने पर चर्चा की है।" मंत्री ने यह भी कहा कि मंत्रालय ने सर्वोच्च न्यायालय में एक विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है, जिसमें कहा गया है कि क्या भर्ती विश्वविद्यालय वार की जानी चाहिए या फिर विभाग वार। जावड़ेकर ने कहा, "हमने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक एसएलपी दायर की है, जिसपर दो जुलाई को सुनाई है, ताकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को पलटा जा सके। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में विभाग वार भर्ती निर्धारित की थी। हम मानते हैं कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए एकमात्र तरीका विश्वविद्यालय वार भर्ती है।" भर्ती के तरीके के सवाल पर विश्वविद्यालय के शिक्षक विभाजित हैं। इनमें से कुछ का मानना है कि भर्तियां विभाग में कुल रिक्तियों के आधार पर होनी चाहिए, जबकि अन्य शिक्षक विश्वविद्यालय में कुल रिक्तियों के आधार पर इसे भरने की वकालत कर रहे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

Loading...