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रविवार, 17 जून 2018

अब कैदी होना कर्ज लेने में बाधा नहीं

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मुम्बई , 17 जून, महाराष्ट्र सरकार की व्यापक कर्ज माफी योजना से जेल में बंद किसानों को भी लाभ हुआ है।  नागपुर के पूर्व जिलाधीश सचिन कुरवे ने पीटीआई - भाषा को बताया कि 88 कैदी जो पेशे से किसान हैं और नागपुर एवं नासिक की केंद्रीय जेलों में बंद हैं , उन्हें भी योजना के तहत कर्ज माफी के लिये आवेदन करने को प्रोत्साहित किया गया। सरकार ने पिछले साल जून में योजना की घोषणा की थी। इनमें से 56 को इसका लाभ भी प्राप्त हुआ। कुरवे मई 2015 से अप्रैल 2018 तक नागपुर जिला के जिलाधीश थे।  कुरवे फिलहाल मुम्बई उपनगर के जिलाधीश हैं। उन्होंने कहा कि 88 के अलावा अन्य किसान कैदियों का आवेदन इसलिए खारिज हुआ क्योंकि उनके पास या तो पर्याप्त दस्तावेज नहीं थे या उनके नाम आधार पर दर्ज उनके नामों से मेल नहीं खाये।  उन्होंने कहा कि कैदियों को इस योजना के लिये आवदेन करने को लेकर प्रोत्साहित किया गया। जिलाधीश कार्यालय और जेल के कैदियों के लिये गठित कल्याण समितियों से उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग दिया गया।  कुरवे ने बताया , ‘‘ हमने उन्हें जेल के अंदर आधार कार्ड उपलब्ध कराने के लिये विशेष शिविरों का आयोजन किया ताकि वे योजना का लाभ प्राप्त करने के योग्य बनें। ’’  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के निर्देशों पर यह पहल शुरू की गयी। उन्होंने कहा है कि कोई भी योग्य किसान इस योजना से वंचित नहीं रहे। 
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