बिहार : संविधान बचाओ ,देश बचाओ रैली 24 जून को गांधी मैदान में - Live Aaryaavart

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सोमवार, 18 जून 2018

बिहार : संविधान बचाओ ,देश बचाओ रैली 24 जून को गांधी मैदान में

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पटना (आर्यावर्त डेस्क) 18 जून,   संविधान बचाओ ,देश बचाओ रैली का उद्घाटन पूर्व सांसद   प्रकाश यशवत राव अम्बेदकर करेंगे. रैली की अध्यक्षता बिहार विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी करेंगे.मुख्य अतिथि मो.खलीलूर रहमान होंगे. विशिष्ट अतिथि में जस्टीस सुहैल अहमद सिद्दकी,प्रो.रतन लाल और विनय सिंह रतन मौजूद रहेंगे. वंचित वर्ग मोर्चा का मानना है कि वर्तमान में भारतीय संविधान एवं देश खतरे में है.भारतीय लोकतंत्र तहस नहस होते दिखायी दे रही है.विगत चार वर्षों से दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की घटना एवं मनुवादी शक्तियों का नंगा नाच चरम पर है.संविधान में दिये गये आरक्षण एवं अन्य अधिकारों को जबरन छिना जा रहा है.हाल ही में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को दन्त विहिन कर दलित -आदिवासियों पर अत्याचार करने के लिए खुली छुट दी गई है.   संविधान बचाओ ,देश बचाओ रैली में संविधान निर्माता डॉ.भीम राव अम्बेदकर के पौत्र प्रकाश राव अम्बेदकर, पूर्व सांसद और पूर्व सांसद कमल नारायण चौधरी के उदय नारायण  चौधरी, पूर्व विधानाध्यक्ष का साथ वंचित वर्ग मोर्चा को मिल रहा है. मोर्चा ने लोगों से निवेदन किया है कि अधिकाधिक संख्या में 24 जून को 11 बजे गांधी मैदान, पटना में पहुंचकर चट्टानी एकता प्रदर्शित करें. वंचित वर्ग मोर्चा के बबन चौधरी ने कहा कि हमारी 17 सूत्री मांग है.जो इस प्रकार से है:-  5 जून,2018 के माननीय उच्चतम न्यायालय के न्याय निदेश के आलोक में अनुसूचित जाति/जनजाति के कर्मियों की प्रोन्नति में आरक्षण बहाल किया जाय. टोला सेवक एवं शिक्षा स्वयंसेवक को शिक्षा मित्र की तरह विघालयों में शिक्षक की तरह सम्मान देकर वेतनमान दिया जाय.विकास मित्रों को ग्रामीण सचिव के खाली पदों पर समायोजन किया जाय.नगर निगम/नगर परिषद एवं अस्पतालोंं में सफाई कर्मियों को ठेकेदार के चंगुल से मुक्त कर नियमित वेतनमान पर नियुक्त किया जाय.अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं को क्रेडिट कार्ड (कर्ज) न देकर पूर्व की भांति छात्रवृति दिया जाय.अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को कमजोर किये जाने के विरोध में  2 अप्रैल,2018 को देशव्यापी बंदी में बिहार के आंदोलनकारियों पर हुए मुकदमे बिना  शर्त अविलम्ब वापस लिया जाय.निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने के लिये बिहार विधान सभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजकर अविलम्ब लागू कराया जाय.माननीय न्यायिक की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम से न होकर राष्ट्रीय न्याययिक  सेवा आयोग का गठन कर किया जाय. अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को पुन:बहाल किया जाय.गरीब भूमिहीन को 10 डिसमिल जमीन मुहैया कराया जाय तथा शहरी क्षेत्रों में रह रहे अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों को सरकारी दर पर बहुमंजलीय आवास मुहैया कराया जाय.आशा,ममता एवं रसोइया को उचित मानदेय राशि तय किया जाय.पंचायत रोजगार सेवक को स्थायी नियुक्ति कर ग्रामीण विकास विभाग में समायोजन किया जाय.भीम आर्मी के संस्थापक नेता चंद्रशेखर रावण को रिहा किया जाय.किसानों का कर्ज माफ किया जाय.अनुसूचित जाति,अनुसूचित जन जाति एवं पिछड़े वर्गों के लिए सभी क्षेत्रों में आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 70 प्रतिशत किया जाय.सच्चर आयोग के रिपोर्ट एवं   15 सूत्री अल्पसंख्यक कार्यक्रम को लागू किया जाय और शराब बन्दी कानून से ताड़ी व्यवसाय को मुक्त किया जाय.
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