बिहार : पॉक्सो कोर्ट के द्वारा नूतन को 10 साल और इंदु पर 7 साल की सजा सुनायी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 21 जुलाई 2018

बिहार : पॉक्सो कोर्ट के द्वारा नूतन को 10 साल और इंदु पर 7 साल की सजा सुनायी

  • नूतन को 30 हजार और इंदु को 20 हजार रूपये जुर्माना
  • अभिभावकों ने कहा कि सजा के विरूद्ध पटना उच्च न्यायालय जाएंगे

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पटना (आर्यावर्त डेस्क) संत जेबियर स्कूल की शिक्षिका हैं नूतन जोसेफ और इंदु आनंद.कुर्जी क्रिश्चियन कॉलोनी में रहती हैं नूतन. श्रीकृष्ण नगर में रहती हैं इंदु.इन दोनों शिक्षिकाओं पर आरोप है कि अपने एल.के.जी. की छात्रा से यौन शोषण करना.इस मामले में 12 जुलाई 2018 को दोषी करार दी गई.आज शुक्रवार को दोनों शिक्षिकाओं पर सजा का एलान कर दिया गया है. पॉक्सो कोर्ट ने दोषी नूतन जोसेफ और इंदु आनंद को सजा सुना दी गई है.नूतन जोसेफ को 10 साल और इंदु आनंद को 7 साल की सजा सुनाई गई है. वहीं नूतन पर 30 हजार इंदू को 20 हजार रू.जुर्माना देना होगा. यौन शौषण का मामला 3 नवंबर 2016 को महिला थाना में दर्ज हुआ था. बता दें कि 13 जुलाई को अपने ही स्कूल की एल.के.जी. की छात्रा से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपित दो शिक्षिकाओं को विशेष अदालत के विशेष जज रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया था. साथ ही सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 20 जुलाई की तिथि निर्धारित की थी. मामला गांधी मैदान के निकटस्थ संत जेबियर स्कूल से जुड़ा है. पीड़िता के अभिभावकों ने वर्ष 2016 में महिला थाने में दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया था.

उल्लेखनीय है कि घटना के वक्त छात्रा (पीड़िता ) की उम्र करीब 4.5 साल होगी. उसने स्कूल की शिक्षिका नूतन जोसेफ एवं इंदु आनंद के खिलाफ अपने गुप्तांग के साथ गंदी हरकत करने की शिकायत अपने माता-पिता से की थी. इसे गंभीरता से लेते हुए पीड़िता के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन से बातचीत की. स्कूल प्रबंधन ने बात को रफा-दफा करने के लिए उन पर यथासंभव दबाव बनाया था. स्कूल प्रबंधन से सकारात्मक सहयोग नहीं मिलने व किसी तरह का ठोस कदम नहीं उठाये जाने के बाद पीड़िता के माता-पिता ने गांधी मैदान स्थित महिला थाने में नवंबर 2016 में दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अनुसंधानकर्ता ने अनुसंधान के क्रम में दोनों शिक्षिकाओं पर लगे आरोप को सत्य पाते हुए पॉस्को के न्यायालय में चार्जशीट से समर्पित किया. उसके बाद पॉस्को की विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई शुरू की. विचारण के दौरान गवाही के बाद दोनों शिक्षिकाओं पर लगे आरोप सत्य साबित हुए. इसके बाद विशेष जज रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने दोनों आरोपित शिक्षिकाओं को दोषी करार दिया एवं सजा के बिंदु पर सुनवाई की तिथि 20 जुलाई निर्धारित की थी.

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