सिजेरियन डिलीवरी को लेकर दिशानिर्देश याचिका खारिज - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 4 अगस्त 2018

सिजेरियन डिलीवरी को लेकर दिशानिर्देश याचिका खारिज

court-refuse-guideline-for-cesarean-delivery
नई दिल्ली, 3 अगस्त, सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी को लेकर दिशानिर्देश जारी करने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा कि यह याचिका कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और इसके साथ ही उन्होंने याचिकाकर्ता को सर्वोच्च न्यायालय बार एसोसिएशन में चार सप्ताह के अंदर जुर्माने के तौर पर 25,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए। यह याचिका रिपक कंसल ने दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि निजी अस्पताल बेवजह सिजेरियन सर्जरी करते हैं। याचिकाकार्ता ने अपनी याचिका में कहा कि ऐसे कई उदाहरण है जिसमें भारत के निजी अस्पताल केवल पैसे कमाने के लिए बिना चिकित्सीय कारणों से सिजेरियन ऑपरेशन करते हैं।
एक टिप्पणी भेजें
Loading...