बिहार : पटना में बंद का दिखा असर, बंद समर्थकों ने डाकबंगला चैराहा किया जाम. - Live Aaryaavart

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गुरुवार, 2 अगस्त 2018

बिहार : पटना में बंद का दिखा असर, बंद समर्थकों ने डाकबंगला चैराहा किया जाम.

  • वाम दलों के साथ-साथ राजद व अन्य विपक्षी पार्टियां उतरीं सड़क पर. प्रशासन से हुई धक्का मुक्की, घेरा तोड़ा. अशोक राजपथ में आइसा-एआईएसफ ने निकाला मार्च.
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पटना 2 अगस्त (आर्यावर्त डेस्क) , वाम दलों द्वारा आहूत आज के बिहार बंद का पटना में खासा असर रहा. आज दिन के 11 बजे गांधी मैदान के दक्षिणी गेट से भाकपा-माले, सीपीआई, सीपीआईएम, एसयूसीआईसी, आरएसपी और फारवर्ड ब्लाॅक का संयुक्त मार्च आरंभ हुआ. इस मार्च का नेतृत्व भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल, पोलित ब्यूरो के सदस्य धीरेन्द्र झा; सीपीआई के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह, गजनफर नबाब; सीपीआईएम के राज्य सचिव अवधेश कुमार, अरूण मिश्रा; एसयूसीआईसी के राज्य सचिव अरूण कुमार, ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, बिहार महिला समाज की निवेदिता झा, रामपरी देवी, साधना मिश्रा, सरोज चैबे, शशि यादव आदि नेतागण कर रहे थे. इन नेताओं के अलावा माले की केंद्रीय कमिटी के सदस्य अभ्युदय, वरिष्ठ नेता केडी यादव, राजाराम, सीपीआईएम के सर्वोदय शर्मा, गणेश प्रसाद सिंह, मनोज चंद्रवंशी; सीपीआई के मोहन प्रसाद, रामलला  सिंह, एसयूसीआईसी के सूर्यंकर जितेन्द्र, सुमन कुमार आदि नेता जुलूस में शामिल थे. इन नेताओं के नेतृत्व में बंद समर्थकों का जत्था रामगुलाम चैक होते डाकबंगला चैराहे की ओर बढ़ा लेकिन जेपी गोलबंर पर प्रशासन ने प्रदर्शन को जबरन रोकना चाहा और बंद समर्थकों के साथ धक्का मुक्की करके उन्हें हतोत्साहित करना चाहा. पुलिसिया कार्रवाई का करारा जवाब देते हुए बंद समर्थक आगे बढ़ गए और डाकबंगला चैराहा को पूरी तरह जाम कर दिया. दूसरी तरफ से राजद, हम, आप, सपा, रालोद और अन्य दलित अधिकार संगठनों के भी कार्यकर्ता बंद के समर्थन में पहुंचे. उसके बाद डाकबंगला चैराहे को पूरी तरह ठप्प कर दिया गया और फिर वहां सभा आयोजित की गई. डाकबंगला चैराहेे पर सभा को वाम नेताओं के अलावा राजद के देवमुनि यादव, समाजवादी पार्टी के भगवान सिंह प्रभाकर, आरएलडी, हम और राष्ट्रीय जागरण पार्टी के नेताओं ने भी संबोधित किया.

सभा को सभी पार्टियों के नेताओं ने संबोधित किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मुजफ्फरपुर यौन उत्पीड़न का मामले में नीतीश कुमार के साथ-साथ भाजपा भी उतनी ही दोषी है. केंद्र सरकार के सहयोग से चलने वाली स्वाधार गृह से 11 महिलाओं के गायब होने की खबर आ रही है. मधुबनी बालिका गृह का भी यही हाल है. लगभग पूरे बिहार के बालिका व अन्य गृहों की हालत बेहद दयनीय है और उन्हें सत्ता के संरक्षण में दमन-उत्पीड़न व बलात्कार का केंद्र बना दिया गया है. यह बेहद शर्मनाक है. इसलिए आज के बिहार बंद के जरिए हम मांग करने आए हैं कि केवल सीबीआई की अनुशंसा से काम नहीं चलने वाला है, बल्कि पटना उच्च न्यायालय के निर्देशन में मुजफ्फरपुर सहित सभी बालिका व अल्पावास और स्वाधार गृहों की सीबीआई जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि एक तरफ महिलाओं पर बर्बर किस्म के हमले हैं, तो दूसरी ओर दलित-गरीबों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. भाजपा-नीतीश की सरकार आज बिहार में गरीब उजाड़ो अभियान चला रही है. शराबबंदी के काले काूननों के तहत डेढ़ लाख दलित-गरीबों को बिहार सरकार पहले से ही जेल में बंद किए हुए है. शराबबदंी के काले कानून भी दलितों-गरीबों पर कहर बनकर टूटे हैं. आज भी बिहार में दलितों का अमानवीय शोषण बदस्तूर जारी है. आज इसके खिलाफ बिहार की जनता ने बिहार बंद को सफल बनाया है.

अशोक राजपथ में छात्र संगठन ने कराया बंद
अशोक राजपथ और पटना विश्वविद्यालय में आइसा व एआईएसफ के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से बिहार बंद करवाया. आइसा के बिहार राज्य अध्यक्ष मोख्तार, पटना विश्ववि़द्यालय के संयोजक विकास कुमार, मीतू कुमारी तथा एआईएसफ के राज्य सचिव सुशील कुमार व अन्य नेताओं ने बंद का नेतृत्व किया. पटना काॅलेज, दरभंगा हाउस, साइंस काॅलेज, बीएन काॅलेज आदि तमाम काॅलेज बंद कराए गए. अशोक राजपथ की दुकानों को बंद कराते हुए बंद समर्थकों का जुलूस डाकबंगला चैराहा पहुंचा और फिर मुख्य प्रचार बंद के जत्थे के साथ एकाकार हो गया.

ट्रेन व सड़क जाम
भोजपुर में माले कार्यकर्ताओं ने दादर-गुवाहाटी एक्सप्रेस के परिचालन को बाधित किया. मोतिहारी में बाजार बंद के दौरान स्टेशन परिसर में जुलूस निकालकर पूरे शहर में मार्च किया गया. इस दौरान समूचा बाजार व यातायात के साधन बंद रहे. मधुबनी के खजौली रेलवे स्टेशन पर भाकपा-माले व सीपीआई कार्यकर्ताओं ने ट्रेन रोकी. मधुबनी के ही बेहटा के अंबेदकर चैक को घंटो जाम रखा गया. लगभग 100 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी. बिसफी में एनएच 105 पर परिचालन ठप्प किया गया. समस्तीपुर में बिहार बंद के दौरान ताजपुर में एनएच 28 पर चक्का जाम किया गया. बिहारशरीफ में एनएच 31 को सैंकड़ों बंद समर्थकों ने घंटे तक जाम किया. इसक नेतृत्व माले के जिला सचिव सुरेन्द्र राम ने किया. भागलपुर शहर में भी बंद का व्यापक असर रहा. नवगछिया में सड़क जाम रहा. अरवल में बंद समर्थकों ने जुलूस निकाला और भगत सिंह चैक को जाम कर दिया. पटना जिला के पालीगंज में पटना-औरंगाबाद रोड को जाम किया गया. कटिहार में माले विधायक दल के नेता महबूब आलमके नेतृत्व मंे बंद समर्थकों ने जुलूस निकाला.
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