बिहार : हाल क्या है बस दवा लिखकर फार्मेस्टिक की भूमिका में हैं चिकित्सक - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 2 अगस्त 2018

बिहार : हाल क्या है बस दवा लिखकर फार्मेस्टिक की भूमिका में हैं चिकित्सक

  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक के पास आला और नर्स के पास थर्मामीटर नहीं 
  • चिकित्सक हाथ छूकर हाल पर दवा लिखते चले जाते 
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समेली (आर्यावर्त डेस्क) । प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, समेली का ही स्वास्थ्य ठीक नहीं है। अव्वल केन्द्र का ही स्वास्थ्य ठीक करने की जरूरत है,तब जाकर केन्द्र के स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लोगों का स्वास्थ्य ठीक होगा। जगहाभाव के कारण कोना में प्रसव रूम बनाया है।प्रसव होने के तुरंत ही सामान्य रूम में भेज दिया जाता है। इस रूम के सामने ही बरामदा घायल व्यक्ति को रखा गया है। इंफेक्शन प्रसार होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। यहां जांच व इलाज की सुविधा बेहतर ढंग से नहीं मिल रही है। हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का आलिशान भवन बन रहा है। निर्माण कार्य मंथरगति से जारी है।अधूरा निर्माण होने के बावजूद इसमें स्वास्थ्यकर्मी रहने लगे हैं।  सरकार द्वारा केन्द्र में दवा, सुई, जांच एक्स रे मशीन सब कुछ उपलब्ध कराए जाने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नही मिल पाता है। इस अस्पताल में अब तक अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नही हो पाई है। अस्पताल में पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। जिससे मरीजों व परिजनों को पानी के लिए भटकना पड़ें। अस्पताल में आए लोगों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।शौचालय का हाल बेहाल है। इस अस्पताल में साफ सफाई के नाम पर कोरम पूरा कर दिया जाता है। केन्द्र की दशा काफी दयनीय है। यहां चिकित्सक इलाज के नाम पर केवल खानापूर्ति करते है। कभी भी कोई चिकित्सक आला लगाकर किसी मरीजों की जांच करते नहीं दिखे।अगर बुखार है तो नर्स के पास थर्मामीटर नहीं है।बहुत कहने पर चिकित्सक हाथ स्पर्श कर बुखार को माप लेते हैं। वहीं दवा का हमेशा अभाव बना रहता है। केन्द्र के पर्ची पर लिखी गई दवा बाजार से खरीदने की विवशता होती है। इसकी जांच होनी चाहिए।

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