दुमका : मलूटी में माँ मौलिक्षा के दर्शनार्थ अभी तक लगातार पहुँच रहे हैं श्रद्धालु - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 30 अगस्त 2018

दुमका : मलूटी में माँ मौलिक्षा के दर्शनार्थ अभी तक लगातार पहुँच रहे हैं श्रद्धालु

moliksha-darsdhan-dumka
दुमका (अमरेन्द्र सुमन), भादो माह में भी काफी संख्या में माँ मौलिक्षा के दर्शन करने व 108 मंदिरों का गांव मलूटी को देखने के लिये लोग पहुंच रहे हैं। बोल-बम का नारा आज भी गंूज रहा है मलूटी में। श्रद्धालु माँ मौलिक्षा तथा टेराकोटा कला से बने मंदिरों का दर्शन कर रहे है। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालु मलूटी के मंदिरों को देखकर अभिभूत हो रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है मलूटी तीर्थस्थान के साथ-साथ पर्यटन के लिए भी बेमिसाल जगह है। झारखण्ड, बिहार, बंगाल, नेपाल व देश्ज्ञ के अन्य अलग-अलग राज्यों से आने वाले श्रद्धालु माँ मौलिक्षा का मंदिर व टेरकोटा मंदिरों को अद्भूत बता रहे हैं। श्रद्धालु सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के प्रदर्शनी शिविर पहुंच कर दुमका एवं झारखण्ड से संबंधित जानकारी प्राप्त कर रहे थे। सूचना सहायता कर्मियों के द्वारा हर संभव जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। 

कोई टिप्पणी नहीं: