देश असहिष्णु बनता जा रहा है: कमल हासन - Live Aaryaavart

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

शनिवार, 4 अगस्त 2018

देश असहिष्णु बनता जा रहा है: कमल हासन

nation-become-intolerance-kamal-hassan
कोच्चि, तीन अगस्त, अभिनय क्षेत्र से राजनीति में कदम रखने वाले कमल हासन ने आज कहा कि मौजूदा समय में उनके लिए ‘‘हे राम’’ जैसी फिल्म का निर्माण करना संभव नहीं होगा क्योंकि पूरा देश असहिष्णु बनता जा रहा है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि 2000 में आयी ‘हे राम’ एक ‘बेहद प्रभावशाली फिल्म’ थी जिससे उनकी राजनीति और विचारधारा प्रदर्शित हुईं। हासन ने खुद यह फिल्म लिखी थी, उसका निर्माण-निर्देशन किया था और उसमें अभिनय भी किया। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी नयी फिल्म ‘विश्वरूपम 2’ भी उनकी राजनीति एवं विचारधारा को प्रदर्शित करती है, ‘मक्कल निधि मय्यम’ के नेता ने कहा कि ऐसा उनकी हर फिल्म में रहा है। हासन ने कहा, ‘‘हालांकि इसका (विश्वरूपम 2) मसकद सीधा सीधा ऐसा नहीं था।’’  उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप मेरी राजनीतिक विचारधारा के बारे में जानना चाहते हैं तो ‘हे राम’ फिल्म देखें। मुझे नहीं लगता कि इस तरह की फिल्म रिलीज करना संभव होगा। यह एक बेहद प्रभावशाली फिल्म है।’’  ‘हे राम’ देश के बंटवारे और महात्मा गांधी की हत्या के इर्द गिर्द बुनी फिल्म थी। यह पूछे जाने पर कि क्या यह देश में ‘असहिष्णु आवाजों’ के खिलाफ एक होने का समय है, हासन ने कहा, ‘‘बिल्कुल। पूरा देश असहिष्णु बनता जा रहा है।’’  यह पूछे जाने पर कि क्या वह राष्ट्रीय स्तर पर बन रहे धर्मनिरपेक्ष दलों के व्यापक मंच में शामिल होंगे, हासन ने कहा, ‘‘मैं वह लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान दे रहा हूं। हम अवसरवादी नहीं हैं।’’  उन्होंने कहा कि उनका ध्यान तमिलनाडु की राजनीति पर है।
एक टिप्पणी भेजें